Save Journalism

Save Journalism

Share

a organization who are standing

16/01/2026

इंदौर में बड़े उद्योगपति बीआर गोयल के सभी ठिकानों पर आयकर विभाग (IT) की सर्च कार्रवाई जारी।
सूत्रों के मुताबिक एक साथ कई परिसरों पर टीमों ने दबिश दी है।
कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की जांच की जा रही है।

19/11/2025

राष्ट्रपति ट्रंप के सामने महिला पत्रकार का कंफिडेंस देखिए

सवाल सऊदी अरब में मारे गए पत्रकार जमाल खशोगी पर पूछा। वो भी सऊदी प्रिंस के सामने। ट्रंप ने बिफरते हुए पूछा किस एजेंसी से हो?

जवाब आया “ABC न्यूज़”

फेक़ न्यूज़ कहने के बाद भी ट्रंप ने जवाब दिया

30/05/2025

हिन्दी पत्रकारिता ने हर युग में जनहित को सर्वोपरि रखा है✍️

पंडित युगल किशोर शुक्ल जी द्वारा 30 मई 1826 को हिन्दी समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड के प्रकाशन के साथ शुरू हुआ।

#हिंदी_पत्रकारिता_दिवस के अवसर पर देश के सभी पत्रकार बन्धुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

23/05/2025

#निधि_कुलपति टीवी पत्रकारिता में भाषा की तमीज़, शालीनता और संवेदनशीलता की प्रतीक रही हैं। उन्होंने साबित किया कि हिन्दी को गरिमा, सादगी और प्रभाव के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है। आज जब अधिकांश चैनलों की भाषा आक्रामकता और दिखावे से भरी है, तब निधि जी का शांत, संतुलित अंदाज़ हमें याद दिलाता है कि मीडिया का मूल उद्देश्य संवाद और समझ है।
– जितेंद्र सिंह यादव
संस्थापक : Save Journalism Foundation

16/05/2025

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया
1, रायसीना रोड, नई दिल्ली - 110001, भारत
ईमेल: [email protected]
वेबसाइट: presscubofindia.org
फोन: 23719844, 23730248, 23357048

संदर्भ संख्या:
संयुक्त वक्तव्य
दिनांक: 16 मई, 2025

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, इंडियन वीमेन प्रेस कॉर्प्स, प्रेस एसोसिएशन, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स, वर्किंग न्यूज कैमरामैन एसोसिएशन — हम, नीचे हस्ताक्षरकर्ता पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधि, गुजरात समाचार के मालिक बहुबली शाह की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। यह कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के लोकतांत्रिक अधिकारों पर एक चिंताजनक हमला दर्शाती है।

गुजरात समाचार, जो स्वतंत्र पत्रकारिता की एक दीर्घकालीन विरासत वाला एक प्रतिष्ठित प्रकाशन है, गुजरात और उससे परे के लोगों की आवाज़ रहा है।
एक बार फिर, ईडी द्वारा की गई यह गिरफ्तारी यह सवाल उठाती है कि कहीं राज्य तंत्र का दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा ताकि मीडिया संस्थानों को चुप कराया जा सके और असहमति के स्वरों को दबाया जा सके।

ईडी और संबंधित एजेंसियों द्वारा बार-बार मीडिया को निशाना बनाए जाने की कार्रवाई न केवल संविधान में निहित लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को कमजोर करती है, बल्कि जनता का संस्थाओं में विश्वास भी डगमगा देती है।

हम मांग करते हैं कि आरोपों को लेकर पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में, निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से की जाए।

मीडिया लोकतंत्र में सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करने की अहम भूमिका निभाता है। मीडिया और पत्रकारों के खिलाफ यह ‘विच-हंटिंग’ (दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई) बंद की जानी चाहिए।

हम सरकार से यह भी अपील करते हैं कि वह प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करे, ताकि देश में एक मजबूत लोकतंत्र बना रह सके।
जब तक कोई विश्वसनीय और पारदर्शी प्रमाण सामने नहीं आता, तब तक हम गुजरात समाचार के मालिक की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं।

घोषणा द्वारा:
गौतम लाहिरी
(अध्यक्ष, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया)

हस्ताक्षरकर्ता:

इंडियन वीमेन प्रेस कॉर्प्स

प्रेस एसोसिएशन

दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स

केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स

वर्किंग न्यूज कैमरामैन
fallowers

11/05/2025

संजय शर्मा का युट्यूब चैनल 4 PM पुनः बहाल हुआ,
--
P P बाजपाई अपने युट्यूब चैनल पर 5 दिनों के बाद लौटे, अज्ञात कारणों से अचानक बंद हुआ चैनल फिर से शुरू हुआ.. हालांकि *बाजपाई* ने नहीं बताया कि चैनल बंद होने के बाद उनके सामने नहीं आने कि वजह क्या थी...
---
उधर संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा उनका चैनल राष्ट्र के लिये खतरा बताकर बंद किया था..
--
उक्त एक पक्षीय फैसले को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी..
---
सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र को नोटिस किया...
-----
केंद्र ने जवाब दाखिल करने कि मियाद से ठीक दो दिन पहले ही चैनल फिर से शुरू करने कि दिशा में कदम उठाए और वे फिर तीखे तेवरों के साथ लौट आए है...
------
इस बीच उनके 4PM यूपी के चैनल में दर्शकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि भी दर्ज कि गई है...
--------
The wire की वेबसाईट पर लगा प्रतिबंध जारी है, the wire भी इस अचानक बंदी के फैसले को विधिसम्मत चुनौती देने की तैयारी कर रहा है...
---
Save Journalism Foundation...

-----

क्या मोदी सरकार को कार्टून से डर लगता है? - News O2 21/02/2025

क्या मोदी सरकार को कार्टून से डर लगता है?
-
"वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र सिंह यादव का धारदार लेख: क्या भारत में अब प्रधानमंत्री की आलोचना अपराध? विकटन.कॉम प्रतिबंध की पूरी कहानी

क्या मोदी सरकार को कार्टून से डर लगता है? - News O2 क्या भारत में अब प्रधानमंत्री की आलोचना करना अपराध है? जानिए विकटन.कॉम पर लगे प्रतिबंध के पीछे की पूरी कहानी!"

22/11/2024

शोक संदेश
पत्रकार आकाश धौलपुरे का आकस्मिक निधन हो गया है।

शवयात्रा शुक्रवार दिनांक 22-11-2024 को शाम 5 बजे निजनिवास रेवेन्यू नगर दशहरा मैदान से पंचकुइया मुक्तिधाम ले जाई जाएगी।

सादर श्रद्धांजलि !

27/06/2024

महानायक की याद

हरीश पाठक जी से साभार...

27 साल पहले,आज के ही दिन हिंदी पत्रकारिता के महानायक सुरेंद्र प्रताप सिंह (एस पी सिंह) ने अलविदा कह कर सभी को भौचक कर दिया था।तब उनकी उम्र सिर्फ 49 साल थी।वे वाया हिंदी पत्रकारिता, टीवी की दुनिया में आये थे।'आज तक' की डीडी न्यूज़ पर आनेवाली 20 मिनिट की न्यूज़ बुलेटिन को उन्होंने विशालकाय बना दिया।उसका स्लोगन 'यह थीं खबरें आज तक,इंतजार कीजिए कल तक' घर घर तक पहुँच गया था।
वे दोनों क्षेत्रों में शिखर पर थे क्योंकि वे एस पी सिंह थे।उनके तेवर,कलेवर,सोच,समझ, इरादे,इशारे,रिश्ते,पहुँच,निडरता,निर्भीकता, साफगोई ने उन्हें हिंदी पत्रकारिता का महानायक बना दिया।वे भरी सभा मे कह देते थे,'साहित्य का काम साहित्य करे,पत्रकारिता का काम उसे करने दे।पत्रकारिता दो टूक लहजे में की जाती है।यह साहित्य के वश में नहीं है।वह कुलीन बना रहे।हम आम जन की बात कहेंगे,करेंगे।'
यही सच था।'रविवार' के जरिये एस पी सिंह ने जो तेवर की पत्रकारिता की उसने फूल,पत्ती, नदी,तालाब जैसे आवरण छापने वाली पत्रिकाओं को कोने में धकेल दिया ।वे खोजी पत्रकारिता और खोजी पत्रकारों के स्वर्ण मुकुट बन गए और पिलपिली,लिजलिजी होती जा रही हिंदी पत्रकारिता को उन्होंने प्राण दे दिए।सम्मान दिला दिया।यश दिला दिया और वह भी उसे मिला जो आज उसकी थाती है-विश्वास और विश्वसनीयता।
इसीलिए वे महानायक हैं,रहेंगे।
शब्द से जब वे दृश्य में आये तो ' आज तक' उनका सपना बना।उपहार सिनेमा का अग्निकांड भावुकता से सराबोर इस शिखर पुरुष को इतना विचलित कर गया कि उसकी पल पल की रिपोर्टिंग पर उनकी नजर थी।
जलती हुई लाशों के साथ नेपथ्य में बजता 'संदेशें आते हैं गीत' के सँग-साथ ही वे जो दफ्तर में ही बीमार हुए तो फिर अतीत कथा ही बन गए।सभी को जगाती, रुलाती, सवाल पूछती फिर खुद उत्तर देती कथा।
एक दिन में नहीं बनते एस पी सिंह।
आज पुण्य तिथि पर सादर नमन-अक्षरों के सेनापति।
आपको कभी नहीं भूल सकती हिंदी पत्रकारिता।

24/10/2023

नसीहत वह सच्चाई है, जिसे हम कभी गौर से नहीं सुनते और तारीफ़ वह धोखा है, जिसे हम पूरे ध्यान से सुनते है..!
शुभ #विजयदशमी..।

Want your business to be the top-listed Media Company in Indore?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Address


Indore
452001