Designers' Collection

Designers' Collection

Share

Amazing and customised services provided. Contact us for :-

Making your event more memorable & unforgettable!!!

Exclusive n wonderful art to bring style, uniqueness, & beauty to
your celebration.You dream it and we make it. It will always gladden the eyes and give you only pleasant emotions.

Song composed by Sarala Prakash Bhutoria and presented by Hyderabad Mahila Mandal at ABTMM Seance 24/09/2024

Song composed by Sarala Prakash Bhutoria and presented by Hyderabad Mahila Mandal at ABTMM Seance Song composed by Sarala Prakash BhutoriaSung by Dhriti Singhi, Monika Bhansali , Khushi Kathotiya and Priyadashini Jain and beautifully presented by Hyderaba...

18/03/2024

ॐ ऐं अर्हम्
(लय :- होली आईं रे----)
चालो बीदासर-2
चालो बीदासर में होली रो हुड़दंग मचास्यांजी
चालो बीदासर
चालो बीदासर री गली-गली में धूम मचास्यां जी
चालो बीदासर
1.आपां सगलां ने मांयड़ री धरती झाला देवैजी
प्रीत पुराणी पालां यादां ताजी करस्यां जी
चालो बीदासर1
2.वीरभूमि रा राठोड़ां!थे घणेमान पधराओनीं
अपणांयत स्यूं गलै मिलांलां हंस बतलास्यां जी
चालो बीदासर
3.बांयांऔर जंवायां टाबरियां नै नूंत बुलांवां जी
मोत्यां चौक पुरास्यां
पलकां पर बिठास्यां जी
चालो बीदासर
4.श्री मघवा गुलाब सती री जन्मभूमि रो गौरव जी
दो माज्यां री धरा समाधिकेन्द्र कहावैजी
चालो बीदासर-2
5.गुरु कृपा स्यूं चार सत्यां बीदाणै रा विराजै जी
मांईतां री दूजी चाकरी कार्तिक यशाजी नै बथास्यां जी
चालो बीदासर-2
6.सुखदेव रामदेव पार्श्वनाथ गणेश शनि मंदिर शोभै
मघवा केन्द्र तेरापंथ भवन निरख सुख पास्यां जी
चालो बीदासर
7.कोई भी उण यादगार लम्हा़ स्यू वंचित मत रहज्यो
नखराली घूमर घालांला चंग बजास्यां जी
चालो बीदासर
सादर समर्पित:-
सरला प्रकाश भुतोड़िया
🙏🙏🙏



#होली
#होली_गीत
#चालो_बीदासर

15/03/2023

15/12/2020

Sarala Bhutoria

26/04/2020

शासन स्तंभ! मंत्री मुनि की भक्ति का ओर न छोर
श्रद्धायुत भावों से गौरव गाते हैं पुरजोर।।
अक्षय तृतीया के पावन दिन थमी श्वांसों की डोर
वर्षीतप के हुए पारणे उजली मंगल भोर।।
1.नाम सुमेर था प्रज्ञा के सुमेरु बन कर छाये
औत्पातिकी बुद्धि तेरी देख के सब चकराये
मनभावन प्रवचन शैली सुनने सब खींचे आए
हितकारी शिक्षा सुन करते शब्द-शब्द पर गौर
अक्षय तृतीया के पावन दिन थमी श्वांसों की डोर
2.संघ संघपति के प्रति पूर्ण समर्पण भाव था मन में
गहरी निष्ठा भरते अस्थि मज्जा में कण-कण में
कर साहित्य सृजन कितना भंडार भरा है गण में
दीप जले अवबोध के नाचे बुद्धिजन मन मोर
अक्षय तृतीया के पावन दिन थमी श्वांसों की डोर।।
3.ज्योतिपुंज! महाश्रमण प्रभु के दीक्षा गुरु कहलाए
चार मुनि दीक्षित कर गुरु चरणों में भेंट चढ़ाए
कितने नवदीक्षित को शिक्षित कर निर्माण कराए
ज्योतिष वेत्ता,जय तिथि पत्रक, नव पंचांग का दौर
अक्षय तृतीया के पावन दिन थमी श्वांसों की डोर।।
4."मंत्री मुनिवर" का समुचित पद गुरुवर ने बख्शाया
"शासन स्तंभ"का अलंकरण गण संबल बन कर पाया
तीनों गुरुओं की दृष्टि पा संघ का मान बढ़ाया
बहुश्रुत परिषद के संयोजक! "बहुश्रुत" बने बतौर
अक्षय तृतीया के पावन दिन थमी श्वांसों की डोर।।
5.चंदेरी के चंदा! गुरुवर तुलसी है कहलाए
महाश्रमणीजी भी तो चंदेरी की सुता कहलाए
तुमसे फक्कड़ सन्यासी से धरा वो गौरव पाए
गये अचानक छोड़ तो छाई गम की घटा घनघोर
पायदान चढ़ आत्म रमण के जाओ मोक्ष की ओर
अक्षय तृतीया के पावन दिन थमी श्वांसों की डोर।।
सादर समर्पित:-
सरला प्रकाश भुतोड़िया
🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻🕉🙏🏻

18/04/2020

जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
वैशाख कृष्णा ग्यारस की यह तिथि दिल में है टीस उठाई
1.आज के दिन सरदारशहर की धरा पे हुए नजरों से ओझल
नैना रह-रह भर-भर जाते दिल भी गम से हो गया बोझिल
छोड़ अचानक चले गये क्यों मैं तो अब तक समझ न पाई
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
2.संघर्षों के शिलालेख पर तुमने जो आलेख लिखा था
लेकर सत्कर्मों की स्याही दुर्लभतम इतिहास रचा था
सत्साहित्य सलिल सरिता में बौद्धिक जनमेदिनी है नहाई
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
3.धर्म ध्वजा को ऊपर रखकर तुमने अहिंसा विगुल बजाया
दे जीवन- विज्ञान अमोला आगम संपादन भी कराया
प्रेक्षा की वो उजली किरणें चुन-चुन स्मृति पटल पे सजाई
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
4.अध्यात्म सुमेरु! ज्योतिपुंज!तेरा पथदर्शन राहें खोलेगा
प्रण करते हैं संघर्षों में कोई ना पथ से डोलेगा
तव पट्टधर का भाग्यनगर में भावी पावस हो सुखदाई
कोरोनावायरस से हम सब निजात पाएं वर दो सांई!
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
सूने मन मंदिर में महाश्रमण प्रभु की मूरत है बसाई
सरला प्रकाश भुतोड़िया
🙏🙏🙏💥🙏🙏🙏

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar 22/11/2019

Now free delivery with Prime

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar https://www.amazon.in/dp/1644298147/ref=cm_sw_r_wa_api_i_9G4YDbZ7JXDTE





#काव्यदर्पण
#सरलाप्रकाशभुतोड़िया

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar Sarala Prakash Bhutoria was born in the year 1960 on the auspicious day of Holi. Her early life has roots in the small towns of Rajasthan and Bihar. She is based at Secunderabad. Right from her childhood, she was inclined towards poetry. She started singing and then writing for audiences at socio...

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar 13/11/2019

Now free delivery with Prime

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar https://www.amazon.in/dp/1644298147/ref=cm_sw_r_wa_api_i_9G4YDbZ7JXDTE

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar Sarala Prakash Bhutoria was born in the year 1960 on the auspicious day of Holi. Her early life has roots in the small towns of Rajasthan and Bihar. She is based at Secunderabad. Right from her childhood, she was inclined towards poetry. She started singing and then writing for audiences at socio...

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar 27/10/2019

“दुविधा में है यह चंचल मन,
कलम उठाऊँ या तलवार?”- सरला प्रकाश भुतोड़िया

#काव्यदर्पण

#कविता
#कवि
गागर में सागर भरने की कला होती है कवि की...
सूरज से लेकर एक तिनके तक का वर्णन कर सकता है कवि....
शब्दों में प्यार घोलकर आलोचना भी कर सकता है कवि....
वो कहते हैं ना... जहाँ ना पहुँचे ‘रवि’ वहाँ पहुँचे ‘कवि’!

Amazon
या
Flipkart से.

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar

Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar Sarala Prakash Bhutoria was born in the year 1960 on the auspicious day of Holi. Her early life has roots in the small towns of Rajasthan and Bihar. She is based at Secunderabad. Right from her childhood, she was inclined towards poetry. She started singing and then writing for audiences at socio...

Photos 02/07/2017

Outstanding poem by Sarala Bhutoria









Sarala Prakash Bhutoria

नन्ही बच्ची बोली मुझको बनना 'स्मार्ट फ़ोन' |
मम्मी-पापा चिपके रहते सुन कर उसकी टोन ||

मुझको तो नहीं गोद में लेते उसको गोद बिठाये,
मेरी नही चिंता उसको तकिये पर रोज़ सुलाये |
घंटो चैटिंग करते सारे काम हो गए गौण |
नन्ही बच्ची बोली मुझको बनना 'स्मार्ट फ़ोन' ||

पापा उससे रोज खेलते मेरे साथ ना खेले,
कुछ भी मांगूं तो दोनो झिड़की दे मुझे धकेले |
पहले कितना प्यार करते अब लगते हैं डॉन |
नन्ही बच्ची बोली मुझको बनना 'स्मार्ट फ़ोन' ||

पिकनिक, होटल, आइसक्रीम पार्लर सब की सेल्फी लेते ,
धाक जमाने सब में झटपट अपलोड भी कर देते |
सच्ची खुशियां खो गयी झूठी के बन गये हैं ज़ोन|
नन्ही बच्ची बोली मुझको बनना 'स्मार्ट फ़ोन' ||

पहले नहला कर झटपट करती सुन्दर तैयार,
काला टीका लगा कहती नहीं नज़र लगे करतार |
अब न्हाये को हो गया घंटा पर कपड़े दे कौन???
नन्ही बच्ची बोली मुझको बनना 'स्मार्ट फ़ोन' ||

पेट में चूहे करे कबड्डी पर मिलता नहीं खाना,
याद आ रहा पीछे- पीछे आकार कौर खिलाना |
नींद ना आये पर अब मीठी लोरी गाये कौन??
नन्ही बच्ची बोली मुझको बनना 'स्मार्ट फ़ोन' ||

इसीलिए मेरी ये चाह है 'स्मार्ट फ़ोन' बन जाऊँ ,
इसी बहाने मम्मी - पापा का स्पर्शन तो पाऊँ |
किश्तों में वो चूका रहे है मानो प्यार का लोन|
नन्ही बच्ची बोली मुझको बनना 'स्मार्ट फ़ोन' ||

नन्ही कली की सुन के दास्तां नैन मेरे भर आये,
आग लगे इस 'स्मार्ट फोन' को जो बचपन भुलाये |
जागो मात-पिता ! सुन लो किलकारी की रिंगटोन |
फोन का नशा त्याग फिर बांटो प्यार की मीठी टोन ||

~ सरला प्रकाश भूतोड़िया

Photos 22/06/2017

महाप्रज्ञ प्रभो जन्मदिवस शुभभावी सुमन खिला है |
योगदिवस का सहचर जन्मदिवस शुभ योग मिला है ||
सोनेली टमकोर धरा पर आज ही सूर्य उगा था |
लोरी गा कर मां बालू का ममता भाव जगा था ||
बचपन से ही धर्म - ध्यान का सींचन तुम्हें मिला है
महाप्रज्ञ प्रभो जन्मदिवस शुभभावी सुमन खिला है ||

दस वर्ष की कच्ची उम्र में कालू गुरु से दीक्षा,
मुनि तुलसी के अनुशासन में पाई सात्विक शिक्षा |
कहां पढ़े? 'तुलसी युनिवर्सिटी' गुरु को बहुमान मिला है |
महाप्रज्ञ प्रभो जन्मदिवस शुभभावी सुमन खिला है ||

नैनो में निश्च्छलता बसी तेजस्वी आभामंडल,
सहज सौम्यता से अभिमंडित पुलकित था मुख मंडल |
जब-जब तुम्हें निहारा तब-तब उर आनंद मिला है |
महाप्रज्ञ प्रभो जन्मदिवस शुभभावी सुमन खिला है ||

गुरु तुलसी से जुड़े तार उन सी ही मौत है पाई |
प्रज्ञा पथ पर उर्ध्वारोहण कर प्रज्ञा विकसाई ||
तेरे जन्मदिवस को प्रज्ञा - दिवस ही नाम मिला है |
प्रज्ञा महासुमेरु काव्य में श्रद्धा दीप जला है ||
महाप्रज्ञ प्रभो जन्मदिवस शुभभावी सुमन खिला है |
योगदिवस का सहचर जन्मदिवस शुभ योग मिला है ||

♡ सरला प्रकाश भुतोङिया हैदराबाद, भारत

Want your business to be the top-listed Shop in Hyderabad?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Website

Address


#205, DV House 1, Secunderabad, Telangana
Hyderabad
500003

Opening Hours

Monday 10am - 7pm
Tuesday 10am - 7pm
Wednesday 10am - 7pm
Thursday 10am - 7pm
Friday 10am - 7pm
Saturday 10am - 7pm
Sunday 10am - 7pm