KG HR

KG HR

Share

हरा भरा भारत देश हमारा
हर क्षेत्र की जानकारी

16/06/2026

बारिश के मौसम को देखते हुए विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार!
#विकास #बारिश #

16/06/2026

यह ईंट कौन --- कौन अपने घर मकान में लगाते हैं?
#विकास

15/06/2026

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
गुजविप्रौवि तथा आईईसीएस के बीच एमओयू
विद्यार्थियों के कौशल विकास, प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों को मिलेगा बढ़ावा
हिसार, जून 15, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) तथा आईईसीएस, हिसार के बीच विद्यार्थियों के कौशल विकास, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट एवं शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू विद्यार्थियों को उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने, उन्हें रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करने तथा शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत सेतु स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एमओयू पर गुजविप्रौवि की ओर से कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई तथा आईईसीएस की ओर से निदेशक डॉ. पारुल जैन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार, अंतर्राष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओमप्रकाश सांगवान, शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. योगेश चाबा, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक प्रो. संजीव कुमार, हरियाणा स्कूल आॅफ बिजनेस के अधिष्ठाता प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई, डॉ. प्रमोद कुमार, आईईसीएस के संस्थापक श्री पीयूष जैन तथा मुख्य प्रशिक्षक श्री रजत नागपाल सहित दोनों संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक समझ और नवाचार की क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के एमओयू विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह एमओयू विद्यार्थियों को बदलते वैश्विक परिवेश की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को रोजगार के उभरते क्षेत्रों, नई तकनीकों और व्यावसायिक अवसरों से अवगत कराने के लिए भी संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। साथ ही यह एमओयू विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उपयोगी सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच साझेदारी समय की मांग है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख कौशल विकसित करने, वास्तविक कार्य परिस्थितियों को समझने तथा बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के करियर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक प्रो. संजीव कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और उद्योगों से जुड़ाव के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, करियर मार्गदर्शन, प्लेसमेंट सहायता तथा रोजगारोन्मुख गतिविधियों में भागीदारी के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक समझ को मजबूती मिलेगी तथा वे बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को बेहतर ढंग से तैयार कर सकेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओमप्रकाश सांगवान ने अपने संबोधन में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में बहुआयामी कौशलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सहयोग से विद्यार्थियों को नवीन तकनीकों, उद्योग जगत की कार्यप्रणाली तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रहे कौशलों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों के लिए भविष्य में व्यापक संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
आईईसीएस के संस्थापक श्री पीयूष जैन ने इस सहयोग को शिक्षा और उद्योग के बीच सार्थक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आईईसीएस पिछले तीन दशकों से कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में कार्य कर रहा है तथा विश्वविद्यालय के साथ यह पहल विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध होगी।
आईईसीएस की निदेशक डॉ. पारुल जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समझौते के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, कार्यशालाएं, करियर काउंसलिंग, प्री-प्लेसमेंट प्रशिक्षण, मॉक इंटरव्यू, इंटर्नशिप तथा प्लेसमेंट से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों का तकनीकी और व्यावसायिक रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है।
एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम, करियर परामर्श, इंटर्नशिप, शोध गतिविधियों, रोजगार मेलों तथा उद्योग-अकादमिक सहभागिता से जुड़ी विभिन्न पहलों पर कार्य करेंगे। यह सहयोग शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा तथा विद्यार्थियों को शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

15/06/2026

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
हिसार, जून 15, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रोग्राम (समर टर्म) में दाखिलों के साक्षात्कार, डिस्पले ऑफ मेरिट लिस्ट तथा काउंसलिंग की तिथियों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस सम्बंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए संबंधित विभागों में अब साक्षात्कार 26 जून की बजाय 01 जुलाई 2026 को होंगे। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दाखिलों की मेरिट लिस्ट 03 जुलाई को प्रदर्शित की जाएगी। प्रथम फिजिकल काउंसलिंग एवं ऑनलाइन माध्यम से ऑन स्पॉट फीस 06 जुलाई को जमा होगी। उन्होंने बताया कि दाखिलों की दूसरी काउंसलिंग के लिए कैटेगरी अनुसार रिक्त सीटों का ब्यौरा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 07 जुलाई को प्रदर्शित किया जाएगा। 08 जुलाई को दूसरी काउंसलिंग का आयोजन होगा। इस काउंसलिंग में आरक्षित श्रेणी से सामान्य श्रेणी में परिवर्तित हुई सीटों पर भी दाखिला किया जाएगा तथा फीस ऑनलाइन माध्यम से ऑन स्पॉट जमा करवानी होगी। पीएचडी प्रोग्राम में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य ओरिएंटेशन/इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन 09 जून को होगा। कोर्स वर्क 13 जुलाई से शुरू हो जाएगा तथा दिसम्बर माह के मध्य कोर्स वर्क परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। दाखिलों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 जून 2026 है। आवेदन की अंतिम तिथि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दाखिलों का रिवाइज्ड शैड्यूल एवं रिवाइज्ड प्रोस्पेक्टस विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.gjust.ac.in पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सम्पर्क में रहें।

15/06/2026

संगठन की वास्तविक शक्ति बूथ स्तर पर कार्यरत कार्यकर्ताओं में निहित : डॉ. आशा खेदड़

-भाजपा कार्यालय में जिला पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक आयोजित-

-चेयरमैन भारत भूषण जुआल रहे बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित-

हिसार। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में जिला पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक हुई। बैठक में हरियाणा सरकार में चेयरमैन भारत भूषण जुआल मुख्य रूप से मौजूद रहे जबकि अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना तथा पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आशा खेदड़ ने कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति बूथ स्तर पर कार्यरत कार्यकर्ताओं में निहित होती है। उन्होंने हिसार जिले के सभी बूथों को डिजिटल एवं भौतिक रूप से सक्रिय बनाने पर विशेष जोर देते हुए बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का न केवल राजनीतिक कार्यक्रमों में अग्रणी रहता है बल्कि सामाजिक कार्यक्रमों में भी आगे बढ़कर सहयोग करता है। यही कारण है कि पार्टी का संगठन जनता में लोकप्रिय है। इसे और मजबूत बनाने व जनता के नजदीक जाने की जरूरत है।
जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ ने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाएं और पार्टी की विचारधारा तथा जनहितकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
जिला मीडिया प्रभारी राजेन्द्र सपड़ा ने बताया कि बैठक में कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करने के उद्देश्य से नियमित संवाद स्थापित करने तथा मंडल स्तर पर बैठकों की गति तेज करने का निर्णय लिया गया। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और पार्टी की नीतियों को जिले के प्रत्येक घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी पदाधिकारियों को सौंपी गई। आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में जिलेभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान एवं प्रवास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जा सके और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। इसके अतिरिक्त आगामी राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक कार्यक्रमों को हिसार जिले में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न प्रभारियों की नियुक्तियां भी की गईं। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति देने तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया

13/06/2026

पेड़ पौधे हमारे जीवन का आधार : डॉ. आशा खेदड़

-जिलेभर में चलाया गया पर्यावरण संरक्षण अभियान-

हिसार। भारतीय जनता पार्टी की जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ के नेतृत्व में जिले की सभी विधानसभाओं में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अभियान में भागीदारी करते हुए जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ ने कहा कि पेड़ पौधे हमारे जीवन का आधार हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ उनकी देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल राजनीति व विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। पौधारोपण अभियान का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करना है।
जिला मीडिया प्रभारी राजेन्द्र सपड़ा ने बताया कि अभियान के तहत जिले की सभी विधानसभाओं में कार्यक्रम करके विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा जनता को अधिक से अधिक पौधारोपण करने व उनकी सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया गया। नागरिकों ने पार्टी के इस अभियान की प्रशंसा की है। कार्यक्रम के दौरान भाजपा के जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पौधरोपण किया।

13/06/2026

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
उच्चस्तरीय राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग के चलते विद्यार्थियों में गुजविप्रौवि के कोर्सों के प्रति विश्वास बढ़ा: प्रो. नरसी राम बिश्नोई
यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों में अब तक 12700 से अधिक आवेदन
दाखिले के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 जून
जून 13, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार (गुजविप्रौवि) में नियमित कोर्सों में इस सत्र में रिकॉर्ड आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। शनिवार की सुबह तक विश्वविद्यालय के सभी कोर्सों की लगभग 3500 सीटों के लिए 12700 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। दाखिलों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 जून है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि गुजविप्रौवि को लगातार मिल रही उच्चस्तरीय राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग के चलते विद्यार्थियों में गुजविप्रौवि के कोर्सों के प्रति विश्वास बढ़ा है। साथ ही विश्वविद्यालय सभी कोर्स रोजगारपरक तथा उद्योगों की मांग के अनुरूप हैं। गत सत्र में गुजविप्रौवि परिसर से पहली बार विद्यार्थियों की अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट भी हुई है। विश्वविद्यालय का आधारभूत ढांचा विश्व स्तरीय है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय को अब तक पोस्टग्रेजुएट कोर्सों में 2900 तथा अंडरग्रेजुएट कोर्सों में 9550 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। विश्वविद्यालय को इंटीग्रेटेड बीएससी (फिजिकल साइंसेज) - एमएससी (भौतिकी/रसायन/गणित), इंटीग्रेटेड बीएससी (लाइफ साइंस) - एमएससी बायोटेक्नोलॉजी/माइक्रोबायोलॉजी/वनस्पति/जूलॉजी/रसायन तथा इंटीग्रेटेड बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) - एमएससी कंप्यूटर साइंस (एआई एवं डेटा साइंस/साइबर सिक्योरिटी) में दाखिले के लिए 1780 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इंटीग्रेटेड बीबीए-एमबीए के लिए 893, बीए एलएलबी (ऑनर्स) के लिए 861, इंटीग्रेटेड बीसीए-एमसीए के लिए 731, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी के लिए 675, इंटीग्रेटेड बीकॉम-एमकॉम के लिए 565, एमबीए के लिए 541 तथा इंटीग्रेटेड बीएससी/बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) - एमएससी मनोविज्ञान कोर्स में दाखिले के लिए 345 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जबकि अन्य अधिकतर कोसों में निर्धारित सीटों से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि विश्वविद्यालय का आधारभूत ढांचा विश्वस्तरीय है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित है। 360 डिग्री वर्चुअल टूर से विद्यार्थी घर बैठे ही विश्वविद्यालय के हर विभाग और सुविधा की पूरी जानकारी के सकते हैं। इंटीग्रेटेड बीए - एमए (भगवद्गीता) कोर्स की कक्षाएं जिओ संस्थान कुरुक्षेत्र में परमपूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में लगेंगी।
ऐसे करें आवेदन:
प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी जैसे सीटों की संख्या, पात्रता मानदंड, प्रवेश प्रक्रिया, प्रवेश परीक्षा (जहां लागू हो), काउंसलिंग शेड्यूल एवं शुल्क संरचना आदि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्टस 2026-27 में उपलब्ध है।
सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे विश्वविद्यालय की वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहें। बीटेक, बीफार्मा एवं संबंधित लेटरल एंट्री कार्यक्रमों में प्रवेश हरियाणा स्टेट टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी (एचएसटीईएस), पंचकूला के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग द्वारा किया जा रहा है।
अधिक जानकारी के लिए अभ्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट ूूूण्हरनेजण्ंबण्पद या क्यूआर कोड के माध्यम से विवरण प्राप्त कर सकते हैं।

इन कोर्सों में दाखिला प्रक्रिया जारी:
एमटेक प्रोग्राम
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएससी)
जियो इन्फॉर्मेटिक्स
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
पर्यावरण विज्ञान एवं इंजीनियरिंग
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी

एमबीए एवं एमसीए प्रोग्राम
एमबीए
एमसीए
इंटीग्रेटेड बीबीए-एमबीए
इंटीग्रेटेड बीसीए-एमसीए

एमफार्म प्रोग्राम
फार्माकोलॉजी
फार्माकोग्नोसी
फार्मास्यूटिक्स
फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री
बैचलर ऑफ फार्मेसी
बीफार्म
बीफार्म (लीट)

मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी
ऑर्थोपेडिक्स
न्यूरोलॉजिकल
स्पोर्ट्स

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी

एडवांस डिप्लोमा प्रोग्राम (आरसीआई मान्यता प्राप्त)
एडवांस डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग

पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम
पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग

बीटेक प्रोग्राम
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई)
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)
सीएसई (एआई एवं एमएल)
एआई एवं डेटा साइंस
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
सिविल इंजीनियरिंग
पैकेजिंग टेक्नोलॉजी
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
फूड टेक्नोलॉजी

बीटेक प्रोग्राम (हिंदी माध्यम)
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई)
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
सूचना प्रौद्योगिकी

बीटेक प्रोग्राम (कार्यरत पेशेवरों के लिए)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

एमएससी प्रोग्राम
भौतिकी
बायोटेक्नोलॉजी
जूलॉजी
फूड टेक्नोलॉजी
मनोविज्ञान
रसायन विज्ञान
माइक्रोबायोलॉजी
कंप्यूटर साइंस (एआई एवं डेटा साइंस)
पर्यावरण विज्ञान
गणित
वनस्पति विज्ञान
अर्थशास्त्र
भूगोल

एमए एवं एमएलआईएस प्रोग्राम
अंग्रेजी
हिंदी
संस्कृत
जनसंचार
मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (एम. एलआईसी)
एम.एलआईएस (द्वितीय वर्ष - लीट)

कॉमर्स प्रोग्राम
एमकॉम
इंटीग्रेटेड बीकॉम-एमकॉम
इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी)
बी.एससी बीएड
बीए-बीएड

विधि प्रोग्राम
बीए एलएलबी (ऑनर्स)

बीवोक प्रोग्राम
बीवोक (फूड प्रोसेसिंग एवं टेक्नोलॉजी)

इंटीग्रेटेड बैचलर-मास्टर प्रोग्राम एवं यूजी प्रोग्राम (एनईपी-2020)

इंटीग्रेटेड बीएससी (फिजिकल साइंसेज) - एमएससी (भौतिकी/रसायन/गणित)
इंटीग्रेटेड बीएससी/बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) - एमएससी अर्थशास्त्र
इंटीग्रेटेड बीएससी (लाइफ साइंस) - एमएससी बायोटेक्नोलॉजी/माइक्रोबायोलॉजी/वनस्पति/जूलॉजी/रसायन
इंटीग्रेटेड बीएससी/बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) - एमएससी मनोविज्ञान
इंटीग्रेटेड बीएससी/बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) - एमएससी फूड टेक्नोलॉजी
इंटीग्रेटेड बीएससी/बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) - एमएससी भूगोल
इंटीग्रेटेड बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) - एमएससी कंप्यूटर साइंस (एआई एवं डेटा साइंस/साइबर सिक्योरिटी)
इंटीग्रेटेड बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) - एमएससी मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी
इंटीग्रेटेड बीएससी/बीएससी (ऑनर्स/रिसर्च) -एमएससी योग विज्ञान एवं थेरेपी
इंटीग्रेटेड बीए (ऑनर्स/रिसर्च) - एमए जनसंचार
इंटीग्रेटेड बीए - एमए भगवद गीता
बीएससी (एविएशन)

12/06/2026

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
गेहूं के पराली अवशेष से बनेगा प्राकृतिक फूड इमल्सीफायर
गुजविप्रौवि के वैज्ञानिकों को मिला महत्वपूर्ण शोध प्रोजेक्ट
हिसार, जून 12, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) के वैज्ञानिकों ने पराली जलाने की समस्या के समाधान और कृषि अपशिष्ट के मूल्य संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एचएससीएसआईटी), हरियाणा सरकार द्वारा ₹35 लाख का शोध प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। विश्वविद्यालय के खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के शोधकर्ताओं को गेहूं के भूसे (व्हीट स्ट्रॉ) से प्राकृतिक फूड इमल्सीफायर विकसित करने के लिए यह शोध परियोजना मिली है। ’वेलोराइजेशन ऑफ व्हीट स्ट्रा फोर दा डवेलपमेंट ऑफ नेचरल इमुलसीफायर: ए सस्टेनेबल सोलूशन फोर एग्रो-वेस्ट मैनेजमेंट’ शीर्षक से संचालित इस परियोजना का नेतृत्व प्रधान अन्वेषक (प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर) डॉ. उस्मान अली कर रहे हैं। उनके साथ सह-अन्वेषक (को-प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर) के रूप में डॉ. सोनिका तथा इंजी. अंकुर लूथरा कार्य करेंगे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने डाॅ. उस्मान अली व उनकी टीम को बधाई दी और कहा कि यह परियोजना कृषि अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि गेहूं की पराली जैसी कृषि अवशेष सामग्री को मूल्यवान उत्पादों में परिवर्तित करना न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना हरित प्रौद्योगिकी, खाद्य नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समाज और उद्योग की चुनौतियों के समाधान हेतु नवाचार आधारित अनुसंधान को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।
डाॅ. उस्मान अली व उनकी टीम ने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई, डीन रिसर्च एंड डवेलमेंट प्रो. नीरज दिलबागी, डीन एफईबीएसटी प्रो. अलका शर्मा तथा खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्षा प्रो. आराधिता बी.रे के सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध सकारात्मक शोध वातावरण और प्रशासनिक सहयोग ने इस परियोजना को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डॉ. उस्मान अली ने बताया कि इस परियोजना के परिणाम कृषि अपशिष्ट प्रबंधन, टिकाऊ खाद्य प्रणालियों तथा जैव-आधारित उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यह शोध किसानों, उद्योगों, शोधकर्ताओं तथा नीति-निर्माताओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और हरियाणा में कृषि अवशेषों के वैज्ञानिक एवं आर्थिक उपयोग के नए आयाम स्थापित करेगा।
डीन रिसर्च एंड डवेलपमेंट प्रो. नीरज दिलबागी, डीन एफईबीएसटी प्रो. अलका शर्मा, खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्षा प्रो. आराधिता बी.रे, प्रो. मनीष कुमार व डा. ज्योति प्रभा बिश्नोई ने भी शोध टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीज) तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के अनुरूप है। इससे किसानों को पराली के बेहतर उपयोग का विकल्प मिलेगा और कृषि अवशेषों को हरित प्रौद्योगिकी एवं खाद्य उद्योग के लिए मूल्यवान संसाधन के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
इस परियोजना के अंतर्गत एक जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) का पद भी स्वीकृत किया गया है, जिससे युवा शोधार्थियों को अत्याधुनिक अनुसंधान कार्यों में भाग लेने और शोध कौशल विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा।
भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 50 करोड़ टन कृषि अवशेष उत्पन्न होता है। इनमें गेहूं से संबंधित अवशेषों की मात्रा लगभग 11 करोड़ टन है। हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में बड़ी मात्रा में गेहूं का भूसा खेतों में जला दिया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण, धुंध, ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन तथा मिट्टी की उर्वरता में कमी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार गेहूं का भूसा प्राकृतिक पॉलीसैकेराइड्स, विशेष रूप से सेल्यूलोज, का समृद्ध स्रोत है। परियोजना के तहत भूसे से सेल्यूलोज निकालकर उसे उन्नत सेल्यूलोज नैनोफाइबर (नैनोसेल्यूलोज) में परिवर्तित किया जाएगा। इसके बाद इस नैनोसेल्यूलोज का उपयोग प्राकृतिक, स्वच्छ-लेबल (क्लीन लेबल) और जैव-आधारित फूड इमल्सीफायर के रूप में किया जाएगा।
इमल्सीफायर खाद्य उद्योग में तेल और पानी को मिश्रित रखने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनका प्रयोग सॉस, ड्रेसिंग, बेकरी उत्पादों तथा पेय पदार्थों में व्यापक रूप से किया जाता है। वर्तमान में उद्योग मुख्य रूप से सिंथेटिक या पशु-आधारित स्थिरकारी पदार्थों पर निर्भर है। ऐसे में पौध-आधारित नैनोसेल्यूलोज इमल्सीफायर प्राकृतिक खाद्य योजकों की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।
यह परियोजना ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ की अवधारणा को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत कृषि अपशिष्ट को पुनः उपयोग में लाकर आर्थिक मूल्य सृजित किया जाता है तथा पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जाता है।

11/06/2026

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
हिसार, जून 11, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) के नौ शूटरों ने हरियाणा शूटिंग चैम्पियनशिप के लिए प्रि-नेशनल के लिए क्वालीफाई किया है। क्वालीफाई करने वाले शूटर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई से मिले। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए एक शानदार उपलब्धि है। विश्वविद्यालय की शूटिंग रेंज के शूटर अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने लगे हैं। शीघ्र ही ये शूटर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने शूटिंग को एक अत्यंत महत्वपूर्ण खेल के साथ-साथ जीवन से जुड़ा कौशल भी बताया।
शूटिंग कोच बिमला देवी ने बताया कि डा. के.एस.एस.आर. तुगलकाबाद, नई दिल्ली में आयोजित 11वीं हरियाणा शूटिंग चैम्पियनशिप-2026 राइफल शूटर प्रतियोगिता में पिस्टल शूटर 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में फूड टेक्नोलाॅजी की जय दीक्षा, सीएसई के हर्ष सिंह व साइकोलाॅजी की हर्षिता ने तथा 50 मीटर फ्री पिस्टल में साहिल ने प्रि-नेशनल के लिए क्वालीफाई किया है। बीटेक ई एंड सी की पूजा व अंकुश, बीटेक सीएसई के गौरव, बीटेक आईटी की ज्योति व बीटेक फूड टेक्नोलाॅजी की प्रीति ने राइफल प्रतियोगिता में नेशनल क्वालीफाई किया है। इन शूटर्स ने प्रि-हरियाणा तथा 11वीं हरियाणा शूटिंग चैम्पियनशिप-2026 में भाग लेकर यह उपलब्धि हासिल की है।
खेल निदेशालय के डीन प्रो. आशीष अग्रवाल, खेल निदेशक डा. एस.बी. लुथरा व सहायक खेल निदेशक डा. मृणालिनी नेहरा ने भी खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

11/06/2026

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
गुजविप्रौवि में चार वर्षीय इंटेग्रेटिड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के अंतर्गत बीएससी-बीएड व बीए-बीएड कोर्सों के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने किया दाखिला पोर्टल का उद्घाटन
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जून
जून 11, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चार वर्षीय इंटेग्रेटिड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के अंतर्गत बीएससी-बीएड व बीए-बीएड कोर्सों के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यार्थी 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने गुरुवार को दाखिला पोर्टल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चाबा, डीन शिक्षा संकाय प्रो. वंदना पूनिया, कुलपति के तकनीकी सलाहकार प्रो. विनोद छोकर, पीडीयूसीआईसी के निदेशक मुकेश अरोड़ा, कुलदीप कुंडु व भारत भूषण उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस अवसर पर कहा कि गुजविप्रौवि का शिक्षा विभाग राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त विभाग है। एक अच्छा शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि वह व्यक्तित्व का निर्माण करता है और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देता है। उन्होंने कहा कि आईटीईपी प्रोग्राम का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों का निर्माण करना है जो ज्ञानवान होने के साथ-साथ संवेदनशील, नवाचारी और समाज के प्रति उत्तरदायी हों।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यदि हमें विकसित भारत का निर्माण करना है, तो हमें ऐसे शिक्षकों की आवश्यकता है, जो केवल पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाले, नवाचार को बढ़ावा देने वाले और जीवन मूल्यों का संवर्धन करने वाले मार्गदर्शक हों। आईटीईपी प्रोग्राम ऐसे शिक्षकों के निर्माण की मजबूत आधारशिला है।
शिक्षा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. वंदना पूनिया ने कहा कि शिक्षक वह दीपक है, जो स्वयं जलकर समाज और राष्ट्र के भविष्य को प्रकाशित करता है। शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करना ही भविष्य के भारत को सशक्त बनाने की कुंजी है। गुजविप्रौवि में आईटीईपी प्रोग्राम का उद्देश्य कौशलयुक्त शिक्षक तैयार करना है, जो विकसित भारत संकल्प अभियान में अपना सक्रिय योगदान दे सकें। उन्होंने बताया कि इन कोर्सिज में दाखिला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा संचालित नेशनल कॉमन इंट्रांस टेस्ट (एनसीईटी-2026) के आधार पर किया जाएगा। दाखिलों के लिए संभावित मेरिट लिस्ट, काउंसलिंग की तिथियों एवं अन्य जानकारी के लिए के लिए इच्छुक उम्मीदवार विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.gjust.ac.in पर लगातार विजिट करते रहें।

Want your public figure to be the top-listed Public Figure in Hi?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Telephone

Website

Address


Hi