M S Raj

M S Raj

Share

https://www.youtube.com/@chikuchiklishorts
like comment share and subscribe kare and support kare

26/01/2026
14/09/2025

My family ❤️❤️❤️

12/09/2025

28/12/2024

दीदी की खुशी का सफर

जीजाजी यानी मेरी मौसेरी बहन कृष्णा के पति का फोन आया। उन्होंने कहा, “क्या बात है सालीजी, आजकल याद ही नहीं करतीं? तुम्हारी दीदी बीमार चल रही है और तुम्हें बहुत याद कर रही है। अगर थोड़ा समय निकालकर आ जाओगी तो उसे अच्छा लगेगा।”

यह सुनते ही मैं गंभीर हो गई। “क्या हुआ दीदी को? कोई गंभीर बात तो नहीं?” मैंने चिंतित होकर पूछा।

जीजाजी ने मेरी चिंता को भांपते हुए कहा, “नहीं, ऐसी कोई सीरियस बात नहीं है। तुम बस आ जाओगी तो उसे खुशी होगी।”

“ठीक है जीजाजी, जल्दी आने का प्रोग्राम बनाती हूं,” कहकर मैंने फोन रख दिया। लेकिन मन में कई सवाल उठने लगे। कितने दिन हो गए थे दीदी से मिले हुए? शायद दो साल से भी ज्यादा।

हालांकि, फोन और इंटरनेट की मदद से हमारी बातचीत होती रहती थी, लेकिन यह अहसास हो रहा था कि इतने समय में कुछ तो बदल गया है। कुछ दिन पहले भी मैंने दीदी को फोन किया था, लेकिन बात नहीं हो सकी। जीजाजी ने ही फोन उठाया था और कहा था, “तुम्हारी दीदी सोई हुई हैं। आजकल थोड़ा-सा काम करने पर ही थक जाती हैं।”

“तबीयत तो ठीक है न? डॉक्टर को दिखाया?” मैंने चिंता जताई।

“हां, पूरा चेकअप कराया है। चिंता की कोई बात नहीं है,” उन्होंने जवाब दिया था। उस समय मैं अपने कामों में उलझ गई और फिर दीदी का फोन भी नहीं आया। लेकिन आज जीजाजी के फोन ने मुझे बेचैन कर दिया।

पुरानी यादें

कृष्णा दीदी और मेरी उम्र में चार-पांच साल का अंतर था। हम एक ही शहर और मोहल्ले में रहते थे, इसलिए हमारा रोज का मिलना-जुलना था। हम दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। स्कूल घर से दूर था, लेकिन हम पैदल ही हंसी-खुशी जाते थे। मोहल्ले की और लड़कियां भी हमारे साथ होतीं, जिससे सफर का पता ही नहीं चलता।

शाम को मोहल्ले के बगीचे में मिलना हमारी दिनचर्या थी। वहां खेलना, कहानियां सुनना, और हंसी-मजाक करना हमारी आदत थी। दीदी का व्यक्तित्व ऐसा था कि वह हमें हर चीज से जोड़ लेती थीं।

जब दीदी ने हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी की, तो उनकी पढ़ाई बंद करवा दी गई। अब उन्हें घर के काम, सिलाई-कढ़ाई, और खाना बनाना सिखाया जाने लगा। क्योंकि मौसी का कहना था, “लड़की में हर गुण होना चाहिए। शादी के बाद घर संभालना पड़ता है।”

दीदी का रूप-रंग इतना सुंदर था कि उन्हें देखकर कोई भी पहली नजर में ही पसंद कर लेता। गोरा रंग, लंबा कद, और सौम्य व्यक्तित्व ने उन्हें बेहद आकर्षक बना दिया था। लेकिन, जैसा मौसी कहती थीं, “सूरत से कुछ नहीं होता, सीरत भी जरूरी है।”

दीदी की शादी हुई और वह अपने नए घर चली गईं। शुरू में सब कुछ ठीक था। लेकिन अब जीजाजी का फोन और उनकी बातें मुझे परेशान कर रही थीं।

दीदी से मुलाकात

अगले दिन मैंने अपनी व्यस्तताओं को किनारे रखा और दीदी से मिलने का कार्यक्रम बना लिया। स्टेशन पर पहुंचते ही जीजाजी मुझे लेने आ गए। उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। उन्होंने बताया कि दीदी अब पहले जैसी नहीं रहीं।

जब मैं घर पहुंची, तो दीदी को देखकर मेरा दिल बैठ गया। वह पलंग पर लेटी थीं। उनके चेहरे की चमक गायब हो चुकी थी। मुझे देखते ही उन्होंने हल्की मुस्कान दी और कहा, “अच्छा हुआ तू आ गई।”

मैंने उनका हाथ पकड़कर कहा, “दीदी, क्या हो गया है आपको? आपने बताया क्यों नहीं?”

वह हल्की हंसी के साथ बोलीं, “कुछ नहीं, बस जिम्मेदारियों ने थका दिया है। तू कैसी है?”

मैंने जीजाजी से साफ-साफ पूछा। उन्होंने कहा, “कृष्णा पर घर और बच्चों की जिम्मेदारियों का बोझ है। डॉक्टर ने कहा है कि इन्हें आराम और मानसिक सुकून चाहिए।”

दीदी को खुशी लौटाने की कोशिश

मैंने ठान लिया कि अब दीदी को इस हालत में नहीं रहने दूंगी। मैंने उन्हें घर के कामों से दूर कर दिया। बच्चों को समझाया कि वे अपनी मां का हाथ बटाएं।

मैंने दीदी के साथ दिन बिताने शुरू किए। हम सुबह बगीचे में घूमने जाते, पुरानी यादें ताजा करते। एक दिन मैं उन्हें बाजार ले गई। हमने चूड़ियां और उनकी पसंद का दुपट्टा खरीदा। गोलगप्पे खाए।

धीरे-धीरे दीदी की हंसी लौटने लगी। उन्होंने मुझसे कहा, “तूने मुझे याद दिलाया कि मैं सिर्फ एक मां और पत्नी नहीं, बल्कि अपनी खुशियों की भी हकदार हूं।”

नई शुरुआत

जब मैं वापस लौटने लगी, तो दीदी ने मुझे गले लगाकर कहा, “अब मैं फिर से जीने की कोशिश करूंगी। तूने मुझे सिखा दिया कि खुश रहना कितना जरूरी है।”

ट्रेन में बैठते हुए मैंने सोचा, जिंदगी की भागदौड़ में हम अपनों की परेशानियां अनदेखी कर देते हैं। कभी-कभी थोड़े से प्यार और समय से हम किसी की दुनिया बदल सकते हैं।

(कहानी समाप्त)

26/12/2024

❤️❤️❤️

14/12/2024

❤️❤️

16/08/2024
Want your public figure to be the top-listed Public Figure in Hazaribagh?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Website

Address


Hazaribagh
825301