Hindu Raksha Sena India
हिंदू रक्षा सेना
हिंदू रक्षा सेना
महामंडलेश्वर : स्वामी प्रबोधानंद गिरि
प्रिय हिन्दुओं, हरि स्मरणं !
हिंदू रक्षा सेना आप सभी के बीच में हिन्दुओं की रक्षा के संकल्प के साथ हिन्दुओं की अपनी शक्ति के रुप में पुरे देश में बहुत तेज गति से बढ रही है | पुरे देश से संगठन की मांग बढ रही है | इसके साथ ही एक प्रश्न भी कुछ लोगों के मनो में जागृत होना स्वाभाविक है ” हिंदू रक्षा सेना का संगठन क्यों ” ?
हिन्दुस्तान में 1947 से
टपकेश्वर महादेव देहरादून का सूक्ष्म इतिहास
23/06/2026
टपकेश्वर महादेव देहरादून के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ
21/06/2026
आशीर्वाद शुभकामनाएं। आप जल्दी स्वस्थ हो ऐसी ही ईश्वर से प्रार्थना।हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरि नंदजी महाराज ने राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल के सुपुत्र को आशीर्वाद देते हुए जल्दी स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दी।
20/06/2026
सभी धर्माचार्य इन शंकराचार्य का अनुसरण कर ले तब देश में धर्मांतरण रोका जा सकता है मैंने स्वयं डांग जिले में प्रवास किया है आज भी सबरी का नाम सुनते ही जनजाति के लोग प्रसन्न हो जाते हैं।
पहली बार मैंने देखा कि कोई शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ( द्वारकादिश मठ ) अपने चांदी के सिंहासन को छोड़कर महीनों तक आदिवासी क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर रहा है धर्म ईसाई मिशनरियों के कुचक्र को तोड़ रहा है आदिवासी बंधुओं को उनके मूल धर्म में वापस ला रहा है
गुजरात के आदिवासी जिले डांग में जिस पर ईसाई मिशनरियों और इस्लामिक संगठनों की बुरी नजर थी जहां लालच देकर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन का काम हो रहा था वहां अब बड़े पैमाने पर ईसाइयों को मूल धर्म में वापस लाया जा रहा है हिंदू संस्कृति का प्रचार किया जा रहा है
इस इलाके में द्वारिका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महीनों से जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं
शंकराचार्य भोजन के लिए ऐसे ही चलते चलते किसी भी आदिवासी के घर में जाकर खाना मांग कर खा लेते हैं वहां शबरी पीठ को और बड़ा बनाया जा रहा है और आदिवासियों की आर्थिक उन्नति के लिए शैक्षणिक उन्नति के लिए भी द्वारिका पीठ द्वारा बड़े पैमाने पर काम किए जा रहे हैं
कितने वर्षों में पहली बार मैंने देखा कि कोई शंकराचार्य महीनों से गुजरात के ईसाई मिशनरियों के सबसे ज्यादा प्रभाव वाले क्षेत्र डांग में डंटा हुआ है वहां कई मंदिरों का पुनर्निर्माण करवा रहे हैं।
गुरु जी के लिए एक salute तो जरूर बनता है ... ❤👌
#आर्यावर्त_का_अघोर_अतीत
20/06/2026
अखिल भारतीय सन्त आश्रम परिषद की ओर से आज कुंभ मेलाधिकारी को आश्रमधारी संतों एवं आश्रमों के हितार्थ निम्न ज्ञापन सौंपा ।
सेवा में,
आदरणीया कुंभ मेलाधिकारी महोदया
कुंभ मेला-2027, हरिद्वार
विषय: कुंभ मेला-2027 के दौरान आश्रमधारी संतों एवं आश्रमों को विशेष सुविधाएं एवं रियायतें प्रदान किये जाने हेतु ज्ञापन।
महोदया,
सादर निवेदन है कि हरिद्वार की पहचान माँ गंगा और यहां स्थित हजारों प्राचीन आश्रमों, मठों, अखाड़ों एवं संत परंपराओं से है। कुंभ मेला-2027 के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु एवं संत-महात्मा हरिद्वार पधारेंगे। इनमें से बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न आश्रमों में निवास, भोजन, चिकित्सा, सत्संग एवं अन्य धार्मिक सेवाओं का लाभ प्राप्त करते हैं।
कुंभ के अवसर पर तीर्थनगरी के आश्रम एक प्रकार से सरकार के सहयोगी सेवा केन्द्र के रूप में कार्य करते हैं तथा लाखों श्रद्धालुओं के आवास, भोजन एवं मार्गदर्शन का दायित्व निभाते हैं। इस कारण आश्रमों पर आर्थिक, प्रशासनिक एवं संसाधनगत भार अत्यधिक बढ़ जाता है।
अतः अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद की ओर से निम्नलिखित मांगें आपके समक्ष प्रस्तुत की जाती हैं:
प्रमुख मांगें
- कुंभ अवधि में आश्रमों पर लगने वाले सभी प्रकार के वाणिज्यिक (Commercial) कर एवं शुल्क पूर्णतः समाप्त किये जाएं।
- हाउस टैक्स, सीवर टैक्स, जलकर एवं अन्य स्थानीय निकाय करों से आश्रमों को स्थायी रूप से कमर्शियल मुक्त किया जाए और कुंभ अवधि हेतु पूर्ण छूट प्रदान की जाए।
- आश्रमों को धार्मिक एवं सेवा संस्थान मानते हुए विद्युत दरों को घरेलू/धार्मिक श्रेणी में रखा जाए तथा कुंभ अवधि के विद्युत बिलों में कम से कम 70 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाए।
- कुंभ मेला बजट से सभी आश्रमों के रंग-रोगन, सौंदर्यीकरण एवं कुंभ थीम आधारित सजावट का कार्य निःशुल्क कराया जाए।
- आश्रमों की क्षमता एवं पंजीकरण के आधार पर यात्री सेवा हेतु निःशुल्क राशन सामग्री (आटा, चावल, दाल, चीनी, तेल, मसाले आदि) उपलब्ध कराई जाए।
- हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा आश्रमों के भवन मानचित्र (नक्शे) सरल प्रक्रिया से स्वीकृत किये जाएं तथा शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाए।
- आश्रमों में अस्थायी यात्री निवास, पंडाल, रसोई एवं सेवा शिविर स्थापित करने हेतु विशेष निःशुल्क व्यवस्थाएं उपलब्ध करायी जाए।
- आश्रमों को स्वच्छ पेयजल एवं अतिरिक्त जल कनेक्शन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएं।
- कुंभ अवधि में आश्रमों के आसपास सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट एवं सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।
- प्रत्येक आश्रम को उसके क्षेत्रफल एवं यात्री क्षमता के अनुसार पर्याप्त पार्किंग एवं यातायात पास उपलब्ध कराए जाएं।
- आश्रमों में आने वाले संतों, सेवकों एवं स्वयंसेवकों हेतु विशेष पहचान पत्र एवं वाहन पास जारी किये जाएं।
- आश्रम क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- आश्रमों में सीसीटीवी, सुरक्षा बैरियर एवं पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित किये जाएं।
- कुंभ अवधि में आश्रमों के लिए गैस सिलेंडर, अग्निशमन उपकरण एवं अन्य आवश्यक सामग्री की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- आश्रमों द्वारा संचालित भंडारों, सत्संगों एवं धार्मिक आयोजनों हेतु आवश्यक अनुमति एकल खिड़की (Single Window System) के माध्यम से प्रदान की जाए।
- कुंभ मेला प्रशासन द्वारा सभी आश्रमों की आधिकारिक सूची, लोकेशन एवं सेवा विवरण का डिजिटल प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा प्राप्त हो सके।
- कुंभ मेला क्षेत्र के सभी आश्रमों को "तीर्थ यात्री सेवा केन्द्र" का दर्जा प्रदान किया जाए।
- गौशाला संचालित आश्रमों को चारा, भूसा एवं पशु चिकित्सा सुविधाओं में विशेष सहायता प्रदान की जाए।
- आश्रमों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता सामग्री एवं कूड़ा संग्रहण की विशेष व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
- कुंभ मेला-2027 की विभिन्न समितियों एवं परामर्श मंडलों में संत समाज एवं आश्रम प्रतिनिधियों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
आदरणीया कुंभ केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति का विश्वव्यापी आध्यात्मिक महापर्व है। आश्रम एवं संत समाज इस महापर्व की आत्मा हैं। अतः आश्रमों को सुविधाएं प्रदान करना केवल संस्थागत सहायता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की सेवा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि उपरोक्त मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।
भवदीय,
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महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद
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तीर्थाचार्य सन्त राम विशाल दास
राष्ट्रीय महामंत्री
दिनांक : 19/06/2026
स्थान : हरिद्वार, उत्तराखण्ड
साई शिव गंगा धाम जिहादियों को संरक्षण देने का काम करेगा हरिद्वार सनातन भूमि है इस पर किसी भी जिहादीयों के मंसूबे पूरे नहीं होने देगे।
उत्तराखंड के यशसवी मुख्यमंत्री जिहादियों के कार्यक्रम में नहीं जाते स्वामी रामदेव जी सनातन के पोषक है।
मुजफ्फरनगर में पत्रकार वार्ता चंदा चोर काण्ड में
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श्री बालाजी धाम, गाजीवाली, श्यामपूर कांगडी, हरिद्वार, (उत्तराखंड)
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