Omdev dixit Vlogs
घटनात्मक,राजनीतिक,सामाजिक,साहित्यिक, सांस्कृतिक, खेलकूद,समस्यात्मक एवं भ्रष्टाचार आदि से सम्बन्धित खबरों सहित मनोरंजन,स्वास्थ्य हास्यपूर्ण जानकारी
हर नए जख्म पर, तुम नमक छिड़को दोस्तों,
मैं हूँ जिन्दा मर्द, 'अद्भुत' मेरे ठेंगे पर मुसीबत.....
्भुत_शाहाबादी
05/06/2026
🌿 विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌿
किन्तु वन सम्पदा के भक्षक बने रक्षक कोढ़ी अपाहिज होकर मर जाएँ, क्योंकि इन्हीं रिश्वतखोर, निकम्मे, नौकरशाहों ने निजी स्वार्थपूर्ति हेतु हमारा सबकुछ बर्बाद कर दिया! अंधा कानून ही नहीँ, अंधा सिस्टम है!👇
"विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण की तस्वीरें तो खूब खिंचती हैं, लेकिन करोड़ों रुपये की सामाजिक वानिकी के बाद भी यदि सड़क किनारे, गांव और सार्वजनिक भूमि पर पेड़ों की संख्या सवालों में हो, तो पौधों से ज्यादा फाइलें ही हरी-भरी नजर आती हैं।"
"सामाजिक वानिकी का हाल यह है कि कागजों में जंगल लहलहाते हैं, लेकिन धरातल पर पेड़ ढूंढने पड़ते हैं।" 🌳✍️
"वन विभाग हर साल लाखों पौधे लगाने का दावा करता है, मगर जनता पूछ रही है— पौधे बड़े हुए या सिर्फ दावे?"
प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर भी है। वृक्ष, जल, वायु, वन्यजीव और धरती का प्रत्येक तत्व हमारे अस्तित्व से जुड़ा हुआ है।
आइए संकल्प लें कि— 🌱 अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, 💧 जल का संरक्षण करेंगे, ♻️ प्लास्टिक प्रदूषण को कम करेंगे, 🌍 और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे।
धरती हमें विरासत में नहीं मिली है, बल्कि हमने इसे अपनी आने वाली पीढ़ियों से उधार लिया है।
प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सुरक्षा है।
"एक पेड़, एक संकल्प, एक बेहतर भविष्य।"
🌳🌎💚 ्भुत
01/06/2026
👇
ब्राह्मण होना केवल जन्म का विषय नहीं, बल्कि ज्ञान, विनम्रता, संयम, सेवा और लोककल्याण की भावना को जीवन में उतारने का दायित्व भी है।
ब्राह्मण दिवस पर उन सभी ऋषियों, मुनियों, आचार्यों और विद्वानों को श्रद्धापूर्वक नमन, जिन्होंने ज्ञान और संस्कृति की ज्योति को युगों तक प्रज्वलित रखा।
🙏 सर्व समाज को ब्राह्मण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
✍️ ओमदेव दीक्षित ्भुत_शाहाबादी
01/06/2026
📖✨ ब्राह्मण दिवस पर विशेष ✨📖
वेदों की वाणी, उपनिषदों का ज्ञान, पुराणों की परंपरा और रामचरितमानस जैसी अमूल्य धरोहरें केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं।
सदियों तक ऋषियों, आचार्यों और विद्वानों ने तप, त्याग और साधना के बल पर इस ज्ञान-संपदा को सुरक्षित रखा। गुरुकुलों से लेकर मंदिरों और आश्रमों तक, उन्होंने केवल शास्त्रों की ही नहीं, बल्कि संस्कारों, नैतिक मूल्यों और सनातन संस्कृति की भी रक्षा की।
ब्राह्मण दिवस केवल एक समाज का उत्सव नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्र चेतना के उन अमूल्य योगदानों का सम्मान है, जिन्होंने भारतीय सभ्यता को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखा।
"विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्।"अर्थात् विद्या विनय देती है और विनय मनुष्य को श्रेष्ठता की ओर ले जाता है।
समस्त विद्वत् समाज एवं ब्राह्मण बंधुओं को ब्राह्मण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
✍️ ओमदेव दीक्षित ्भुत कवि / शायर /
✍️ पत्रकार – दैनिक आज एवं भारत समाचार
30/05/2026
कलम की शक्ति को सादर प्रणाम 🙏
🖋️ राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस पर उन सभी निर्भीक पत्रकारों को नमन, जो सच की मशाल लेकर अंधेरों से लड़ते हैं।
जब सत्ता सवालों से घबराती है, जब झूठ सच का चेहरा पहन लेता है, तब पत्रकारिता ही लोकतंत्र की सबसे मजबूत आवाज बनकर खड़ी होती है।
पत्रकार केवल खबर नहीं लिखता, वह समाज का आईना दिखाता है, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाता है और जनता तथा व्यवस्था के बीच एक मजबूत पुल बनता है।
कलम बिक जाए तो लोकतंत्र कमजोर होता है, कलम झुक जाए तो सच हार जाता है, लेकिन कलम अडिग रहे तो इतिहास बदल जाता है।
🙏 सभी ईमानदार, निष्पक्ष और साहसी पत्रकारों को पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
#राष्ट्रीय_पत्रकारिता_दिवस ゚
“शाहाबाद में पीड़ितों और खाकी का हाई-वोल्टेज ड्रामा !
सीओ ऑफिस के बाहर सड़क बनी रणभूमि !
तहरीर देने पहुंचे परिवार और पुलिस में भिड़ंत !
नाबालिग लड़की के पीछे सड़क पर दौड़ा सिपाही !
महिला सिपाही पहुंची तो सड़क पर बढ़ गया बवाल !
महिला पुलिस की पब्लिक डियूटी पर भी उठे सवाल!
परिजनों का आरोप — पुलिस ने फाड़े कपड़े !
आरोप लगे तगड़े लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीँ बल्कि समग्र पर्यवेक्षण अधिकारियों ने किया खंडन!
फिर भी उठा बड़ा सवाल —यह कि क्या सर्कल अधिकारी की मनमानी के कारण शाहाबाद में कानून व्यवस्था पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है ? आईपीएस आलोक राज नारायण की कार्यशैली पर क्या तभी उठे फिर बड़े सवाल…स्थानीय लोग बोले — शाहाबाद के इतिहास में पहली बार सीओ सर्कल और सीओ पेशी कार्यालय इतना ज्यादा होता जा रहा बदनाम ! कार्यालय के पीछे गांजा तस्करों - बिक्रेताओं का गढ़! पड़ रहे जुएं के फड़!
👉यह है नई बानगी 👇
आखिर न्याय मांगने पहुंचे लोग सड़क पर क्यों उतरे ?
क्यों मची अफरा - तफरी?
क्यों खाकी का यह ‘ऑन-ड्यूटी तमाशा’ देख तमाशबीन रह गए सन्न!
आखिर कब तक चलता रहेगा यह सब ?”
बकरीद पर शाहाबाद में सड़क से सीओ कार्यालय तक बवाल! कोई मामूली नहीँ बल्कि हो रहा है देश की राजधानी दिल्ली तक वायरल! फिर भी उत्तर प्रदेश पुलिस आईपीएस अफसर पर है खासी मेहरबान! आखिर क्यों? कौन देगा जबाब?
वायरल वीडियो ने खड़े कर दिए हैं फिर बड़े सवाल—आखिर शाहाबाद सीओ सर्कल से लेकर सीओ कार्यालय तक विवादों की आग बार-बार क्यों भड़क रही है? इससे पहले कभी क्यों सीओ कार्यालय इतना अशान्त हुआ? क्या केवल इसलिए कि इनसे पहले सीओ की कुर्सी पर सीओ रैंक के अफसर की तैनाती होती रही?
और इस बार छोटी कुर्सी पर भारी भरकम तैनाती शायद कुर्सी सहन नहीँ कर पा रही है?
जब सीओ कार्यालय के आसपास ही हालात बिगड़ जाएं, तो आम जनता कानून-व्यवस्था पर भरोसा कैसे करे?
आईपीएस आलोक राज नारायण के नेतृत्व वाले सर्कल में बढ़ते विवाद और बढ़ते गंभीर अपराध अब चर्चा नहीं, चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। आखिर इसीलिए क्षेत्रीय
जनता जवाब चाहती है, सफाई नहीं। पारदर्शी कार्यवाही चाहती है और इसके लिए उच्च शिक्षा राज्य मन्त्री को भी बख्शने के लिए तैयार नहीँ है! जनता की माने तो अब मंत्री जी के लिए भी बहुत कठिन है डगर पनघट की!
🐅🔥 दुधवा में आमने-सामने आए जंगल के दो बादशाह, थम गईं पर्यटकों की सांसें! दहाड़ से दर्शकों की दम होने लगी खुष्क, बड़ा रिष्क लेकर देखते रहे दर्शकगण कौतूहल,
जंगल के दो बाघ बादशाह अपने-अपने इलाके के वर्चस्व को लेकर आपस में टकरा गए। दहाड़, तेवर और ताकत का ऐसा दुर्लभ प्रदर्शन देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। यह अद्भुत नजारा कैमरों में कैद हो गया और अब खूब चर्चा बटोर रहा है।
कहते हैं जंगल का असली रोमांच अचानक सामने आता है... और दुधवा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया! 🐯🌿
🐅📸🌳 #अद्भुत🐅🔥
29/05/2026
*संविदाकर्मी अनुराग शुक्ला की मौत पर गंभीर सवाल, लापरवाही-साक्ष्य मिटाने के आरोप, मोबाइल गायब*
https://www.shuru.co.in/post/ce3b792e-7592-467b-a14d-8c21c54d78a9?utm_source=post&utm_medium=v1_three_dot_copy&utm_origin=siv&utm_campaign=v1_three_dot_copy_camp_not_part_of_campaign&suid=fd20ad4e-e6f0-4ef6-b0ee-8015180dca1a 👇
बहादुरगंज उपकेंद्र पर तैनात संविदाकर्मी अनुराग शुक्ला बिजली लाइन ठीक करने गए थे…
पर घर वापस नहीं लौट सके।
जेल कॉलोनी में करंट लगने के बाद अस्पताल में इलाज चलता रहा, लेकिन जिंदगी हार गई।
सबसे दर्दनाक बात — जिस दिन अनुराग की मौत हुई, उसी दिन उनकी इकलौती 4 साल की बेटी अद्विका का जन्मदिन था।
घर में जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं…
पर शाम होते-होते खुशियां मातम में बदल गईं।
अब परिजनों का आरोप है कि मृतक का मोबाइल भी गायब कर दिया गया, क्योंकि उसमें मौजूद कॉल डिटेल्स और रिकॉर्डिंग कई अधिकारियों की लापरवाही उजागर कर सकती थीं।
सवाल यह है कि आखिर मोबाइल अब तक बरामद क्यों नहीं हुआ?
क्या किसी को बचाने की कोशिश हो रही है?
28/05/2026
DM साहब…SDM साहब…
अगर आपके मातहत एक मृतक किसान की सही पहचान तक दर्ज नहीं कर पा रहे, तो जिंदा किसानों की पीड़ा का अंदाजा खुद लगा लीजिए।
यह “त्रुटि” नहीं है…बल्कि इसमें में सुविधाशुल्क की नीयत और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पर चोर-चोर मौसेरे भाईयों की कुत्सित मानसिकता है! और यह सरकारी कुर्सियों पर बैठी संवेदनहीनता का का जीवंत उदाहरण है। 👇
बेटी की शादी के सपने देखने वाला मेहनतकश किसान पिता…
आज सफेद कपड़े में लिपटा घर पहुंचा।
खेत में पानी लगाते समय जहरीले सांप ने किसान धर्मवीर सिंह को डस लिया…लेकिन उससे भी ज्यादा जहरीली निकली सरकारी लापरवाही।
पुलिस रिकॉर्ड में सर्पदंश…पूरा गांव गवाह…मोहल्ला अल्लाहपुर शोकाकुल लेकिन फिर भी तहसीली रिपोर्ट में मौत का कारण — “अज्ञात” !👇
हद तो तब हो गई जब बिना मौके पर पहुंचे, बिना परिजनों से बात किए, मृत किसान की उम्र तक बदल दी गई, बल्दियत तक हवा में गलत लिख दी गई।
अंततः यह सवाल सिर्फ एक लेखपाल श्रेयसी द्विवेदी पर नहीं है…
सवाल उस पूरी व्यवस्था पर है, जहां गरीब किसान मरने के बाद भी कागजों में सम्मानजनक स्तिथि में नहीं हैं..
#एसडीएम_शाहाबाद_जबाब_दें
ंज्ञान लें
#किसान_की_मौत #सरकारी_संवेदनहीनता
#शाहाबाद #हरदोई #सर्पदंश #ग्रामीण_भारत
#किसान_परिवार #व्यवस्था_पर_सवाल
# #किसान_का_अपमान
#संवेदनहीन_सरकार
#कागजी_सरकार
#गरीब_की_कोई_सुनवाई_नहीं
#प्रशासन_जवाब_दो
#लेखपाल_राज
#व्यवस्था_शर्म_करो
#किसान_मरता_रहा_सरकार_सोती_रही
#सरकारी_लापरवाही_शर्मनाक
28/05/2026
“बाज अभी शांत बैठा है जनाब…
उड़ गया तो फिर आसमान की ऊँचाइयाँ भी कम पड़ जाएँगी…!
मित्रों, अगर यह उड़ान भर गया, तो मान लीजिए — कुछ भी लाजवाब हो सकता है…!” 🔥🦅
तेवर वही, अंदाज़ वही…
बस वक्त आने का इंतज़ार है…! 😎
संसार हमारा, हम संसार हैं।।
हम जिद्दी थे, इसीलिए तो,
हम खुद कलम, उंगलियाँ,
अब खुद अखबार हैं।।
ओम #अद्भुत शाहाबादी
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