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कैनबरा। क्रिकेट विश्व कप 2015 के 15वें मुकाबले में जो हुआ उसे शायद ही किसी ने सोचा होगा। ग्रुप बी के इस लीग मुकाबले में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीमें आमने-सामने थीं। इस मैच में कैरेबियाई टीम ने क्रिस गेल के शानदार दोहरे शतक (215 रन) की बदौलत जिम्बाब्वे को जीत के लिए 373 रन का पहाड़ सा लक्ष्य दिया। बारिश से मैच बाधित होने के कारण डकवर्थ लिविस नियम के मुताबिक मैच को 48 ओवर का कर दिया गया और जिंबॉब्वे को 363 रन का लक्ष्य मिला। जवाब में उतरी जिंबॉब्वे की टीम ने दिलेरी से बल्लेबाजी तो की लेकिन वे 44.3 ओवर में 289 के स्कोर पर ही सिमट गए।
- शून्य पर लगा था झटका, फिर खड़ा हुआ पहाड़ः
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंडीज टीम की शुरूआत खराब रही। सलामी बल्लेबाज ड्वेन स्मिथ पहले ओवर की दूसरी गेंद पर ही बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। उस वक्त टीम का स्कोर शून्य था। स्मिथ को पयंगारा ने अपना शिकार बनाया। फिर मैदान पर आए मार्लन सैमुअल्स ने दूसरे छोर पर खड़े क्रिस गेल के साथ पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने पहले तो संभलकर खेला और धीरे-धीरे पारी में रफ्तार लाए व आक्रामक खेल दिखाते हुए 50 ओवर में टीम का स्कोर 372 रन तक पहुंचा दिया। इस मुकाबले में क्रिस गेल पारी की सबसे आखिरी गेंद पर आउट हुए। जबकि सैमुअल्स नॉट आउट रहे और 133 रनों की शानदार पारी खेली।
- गेल की सुनामी
वर्ल्ड कप क्रिकेट के इतिहास में पहला दोहरा शतक बनाने वाले कैरेबियाई धुरंधर क्रिस गेल ने 215 रनों की अपनी पारी में 147 गेंदों का सामना किया। इस दौरान गेल के बल्ले से 10 चौके व 16 शानदार छक्के निकले। इसके साथ ही गेल वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने वाले खिलाड़ी भी बन गए। उन्होंने 138 गेंदों पर शतक जड़ा। वहीं सैमुअल्स ने अपनी शतकीय पारी के दौरान 156 गेंदों का सामना करते हुए 133 रन बनाए। सैमुअल्स ने अपनी पारी में 11 चौके जड़े जबकि उनके बल्ले से तीन छक्के भी निकले।
- विकेट के लिए तरसते रहे जिम्बाब्वे के गेंदबाजः
इस मैच के पहले ओवर में मिली सफलता के बाद जिम्बाब्वे के गेंदबाज पूरी पारी तरसते रह गए। गेल और सैमुअल्स ने सभी गेंदबाजों की खूब धुनाई की। जिम्बाब्वे की गेंदबाजी के दौरान सिकंदर रजा को सबसे सफल गेंदबाज माना जा सकता है। रजा ने अपने दस ओवर के बॉलिंग स्पेल में 45 रन दिए। इस दौरान उन्होंने एक मेडन ओवर भी फेंका।
- जिंबॉब्वे ने दिलेरी से दिया जवाब लेकिन फिर भी चूक गएः
बारिश की वजह से मैच काफी देर रुका रहा जिस वजह से डकवर्थ लिविस नियम के मुताबिक मैच को 48 ओवर का करते हुए स्कोर को भी दोबारा निर्धारित कर दिया गया। अब जिंबॉब्वे को जीत के लिए 363 रन चाहिए थे, जिंबॉब्वे ने बल्लेबाजी तो शानदार की लेकिन वे इस लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच सके। उन्होंने 50 रन के अंदर अपने तीन अहम विकेट गंवा दिए और इसके बाद मिडिल ऑर्डर में कुछ अच्छी बल्लेबाजी देखने को मिली जब ब्रैंडन टेलर ने 37, सियन विलियम्स ने 76 और क्रेग इरविन ने 52 रनों की पारियां खेलकर कुछ उम्मीदें जगाईं। हालांकि इन तीनों के आउट होने के साथ ही वो उम्मीदें भी ढेर हो गईं। जिंबॉब्वे 44.3 ओवर में 289 रन पर ही सिमट गया और 73 रनों से मैच गंवा दिया। वेस्टइंडीज की तरफ से जेरोम टेलर और कप्तान जेसन होल्डर ने 3-3 विकेट हासिल किए जबकि दोहरा शतक जड़ने वाले क्रिस गेल ने गेंदबाजी में भी धमाल मचाते हुए 2 विकेट हासिल किए। इसके अलावा निकिता मिलर और मार्लन सैमुअल्स ने भी 1-1 विकेट हासिल किया।
09/02/2015
swadesh prahari 09-02-2015
यूपी का गेहूं मप्र में ऊंचे दामों पर बिका : पासवान
भोपाल। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद एवं सावर्जनिक वितरण रामविलास पासवान ने मंगलवार को यहां न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होने वाली अनाज खरीदी पर सवाल उठा दिए हैं। पासवान ने कहा कि बोनस के चक्कर में व्यापारी उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्य से एक हजार रपए क्विंटल में गेहूं लेकर यहां 15-16 सौ रुपए में बेच देते थे। इससे किसान को कोई फायदा नहीं होता, बिचौलिए मुनाफा कमाते थे। बोनस केन्द्र सरकार ने बंद नहीं किया है। इस बारे में फैसला राज्यों का करना है। केन्द्र सरकार ने राज्य को 31 मार्च तक धान की मीलिंग करने की विशेष इजाजत भी दे दी है।
भोपाल प्रवास पर आए केंद्रीय मंत्री पासवान ने मीडिया चर्चा में बताया कि गेहूं और धान की खरीदी में मध्यप्रदेश सहित कुछ राज्य बोनस देते हैं। इससे किसानों को कम और बिचौलियों को ज्यादा फायदा मिलने की शिकायतें आम थीं। मप्र में किसानों का पंजीयन करके खरीदी करने का सिस्टम है। पंजाब में तो किसानों को ये अधिकार ही नहीं है कि वे सीधे अनाज बेच सकें, उन्हें मंडी में बेचना होता है। बिहार में खरीदी केंद्र का सिस्टम ही नहीं है। किसान व्यापारियों को अनाज बेचते हैं। हमने तय किया है कि यदि कोई राज्य बोनस या अन्य तरह से खरीदी में प्रोत्साहन देता है तो पीडीएस की जरूरत का अनाज ही उससे लिया जाएगा। इसके ऊपर आने वाले अनाज की जिम्मेदारी राज्य की होगी। वो चाहे तो जमा रखे या फिर किसी और तरह से उसका उपयोग करे। धान की मीलिंग को लेकर उठे सवाल पर कहा कि राज्य पिछले साल की 5.54 लाख टन धान की मीलिंग 31 मार्च तक कर सकती है। ये अवधि पहले 31 दिसंबर थी।
मुख्यमंत्री करेंगे फैसला: विजय शाह
राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री विजय शाह ने बताया कि बोनस देने या न देने का निर्णय मुख्यमंत्री करेंगे। राज्य अपनी आपत्ति के सामने दर्ज करा चुका है। प्रदेश में पिछले कुछ सालों से किसानों को गेहूं और धान की खरीदी में समर्थन मूल्य के ऊपर बोनस दिया जा रहा था पर इस बार धान खरीदी के साथ बोनस का सिस्टम बंद हो गया है।
मैं मुख्यमंत्री का दावेदार नहीं: पासवान
केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बिहार की राजनीति को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं हूं। बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार द्वारा दवाब बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें ये सोचकर मुख्यमंत्री बनाया गया था कि पाकेट में रहेंगे। जो कहेंगे वो करेंगे। यहां तक कि वे कहां जा रहे हैं, खाना खा रहे हैं इस पर भी पाबंदी लगा दी। दरअसल, मांझी पूर्व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के गले ही हड्डी बन गए हैं। उन्हें न तो निगलते बन रहा है और न ही उगलते। उन्होंने कहा कि सरकार इस्तीफा देकर चुनाव में जाए। लालू यादव और नीतिश कुमार के गठजो़़ड पर कहा कि झारखंड में ये फेल हो गया। उनके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। जनता परिवार के एक होने पर कहा कि ये एक छत के नीचे आ ही नहीं सकते हैं। अभी तक विलय भी नहीं हुआ। पासवान ने कहा कि लोजपा का भाजपा में विलय नहीं होगा। मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि जो वादे जनता से किए थे वे पूरे हो रहे हैं। महंगाई काबू में है, मंत्रियों के ऊपर एक भी आरोप नहीं हैं। विदेशों में देश की शान ब़़ढी है।
17 लाख टन गेहूं का उठाव बाकी
केन्द्रीय मंत्री पासवान ने भारतीय खाद्य निगम के कामकाज की समीक्षा भी की। बैठक में बताया गया कि एफसीआई ने सेंट्रल पूल में 28 लाख टन गेहूं का उठाव कर गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक को भेजा है। जबकि, नौ लाख टन ओपन मार्केट में बेचा जा चुका है। 17 लाख टन गेहूं का उठाव और होना है जो 15 अप्रैल तक हर हाल में कर लिया जाएगा। इसमें 8 लाख टन को खुले बाजार के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री, प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल, एफसीआई के कार्यपालक निदेशक सुरेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
मंत्री का आशय बिहार-यूपी से था : पीएस
अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने कहा कि मप्र में गेहूं खरीद में कोई ग़़डब़़ड नहीं है। केंद्रीय मंत्री का आशय बिहार-यूपी से था। उदाहरण के तौर पर उन्होंने मप्र का नाम ले लिया। दरअसल बिहार-यूपी में ऐसा होता है। उन्होंने समझाने के लिहाज से ऐसा कहा था।
टिकट ठीक बांटते तो ऐसी स्थिति न होती: अजय सिंह
भोपाल । टिकट वितरण से पैदा हुई कांग्रेस नेताओं की नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेशाध्यक्ष अरण यादव खुद इसका शिकार हो रहे हैं।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि टिकट ठीक बंटते तो ऐसी स्थिति नहीं होती। कहीं न कहीं गलती हुई होगी, तभी ऐसी नाराजगी सामने आ रही है। चुनाव प्रचार में अब तक नहीं उतरने पर सिंह ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि आज तक किसी ने प्रचार करने के लिए नहीं कहा, कोई कहेगा और बुलाएगा तो जरूर जाएंगे।
टिकट वितरण के बाद कार्यकर्ताओं की नाराजगी भोपाल, इंदौर और जबलपुर में खुलकर सामने आ चुकी है। जबलपुर में प्रदेशाध्यक्ष की गा़़डी पर अंडे और टमाटर फेंके गए तो इंदौर में कार्यक्रम के दौरान ही हंगामा हो गया। बात मारपीट तक पहुंच गई। इन घटनाओं के बीच अपने निवास पर मीडिया से चर्चा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये घटनाएं दुखद हैं। चुनाव के वक्त पर ऐसा नहीं होना चाहिए। नाराजगी हर चुनाव के समय सामने आती है पर जिस तरह से कार्रवाई होना शुरू हुई है, ऐसा प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। हाईकमान को भी आकलन करना चाहिए कि आखिरी ये हो क्या रहा है।
चुनाव में मंत्री और विधायकों की ड्यूटी लगाने पर कहा कि सत्ता में होने के बावजूद भाजपा इसे गंभीरता से ले रही लेकिन कांग्रेस में स्थिति उलट है। पार्टी के सामने जो परिस्थितियां हैं उसमें भी सभी साथ नहीं है, ये गंभीर और सोचने की बात है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया डॉ. मोहनराव भागवत की मौजूदगी में हो रही बैठकों पर कहा कि मध्यप्रदेश काफी समय से संघ की प्रयोगशाला है। ये पूरा जतन अपने विस्तार और यहां के नेताओं पर शिकंजा कसने के लिए हो रहा है।
19/01/2015
swadesh prahari 19-01-2015
14/01/2015
swadesh prahari 12-01-2015
05/01/2015
swadesh prahari 05-01-2015
02/01/2015
swadesh prahari 29-12-2014
01/01/2015
happy new year,,,,,2015
ग्वालियर में लगभग 57.71 प्रतिशत मतदान का अनुमान
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ग्वालियर। नगरीय निकाय निर्वाचन कार्यक्रम के तहत नगर निगम ग्वालियर के महापौर व 65 वार्डों के पार्षद पदों के लिये शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से मतदान सम्पन्न हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नगर निगम ग्वालियर में 57.71 प्रतिशत के लगभग मतदान होने का अनुमान है। नगर निगम के सभी 915 मतदान केन्द्रों में डाले गए वोटों की वास्तविक जानकारी सभी पीठासीन अधिकारियों से मिलने के बाद मतदान प्रतिशत की सही-सही स्थिति सामने आयेगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हुए मतदान में पुरूष मतदान का प्रतिशत 59.02 और महिला मतदान का प्रतिशत 56.15 एवं अन्य का मतदान 5.5 प्रतिशत रहा है।
दो घण्टे के अंतराल से मतदान का प्रतिशत
* प्रात: 9 बजे - कुल मतदान प्रतिशत 5.10 (पुरूष - 5.38 व महिला - 4.76 प्रतिशत)
* प्रात: 11 बजे - कुल मतदान प्रतिशत 14.86 (पुरूष - 15.04 व महिला - 14.64 प्रतिशत)
* दोपहर एक बजे - कुल मतदान प्रतिशत 33.79 (पुरूष - 36.76 व महिला - 30.26 प्रतिशत)
* अपरान्ह 3 बजे - कुल मतदान प्रतिशत 46.13 (पुरूष - 46.93 व महिला - 45.18 प्रतिशत)
* अपरान्ह 5 बजे - कुल मतदान प्रतिशत 51.73 (पुरूष - 54.05 व महिला - 48.98 प्रतिशत)
* अपरान्ह 7 बजे मिली जानकारी के अनुसार - कुल मतदान प्रतिशत 57.71 (पुरूष मतदान - 59.02 व महिला मतदान - 56.15 एवं अन्य - 5.5 प्रतिशत)
भर्ती रैली के दौरान हंगामा, ग्वालियर में 2 करोड़ से अधिक का नुकसान
ग्वालियर। सेना भर्ती रैली के बाद हुई हिंसा में उपद्रवियों ने 2 करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान किया है। इन लोगों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा सेना के जनरेटर व अन्य सामान जला दिए। कैंटीन का सामान भी लूटकर ले गए। शासकीय संपत्ति के अलावा निजी संपत्ति का सबसे अधिक नुकसान किया है।
सड़क पर लड़कियों से की छेड़छाड़
उपद्रवियों ने मेला मैदान से बाहर निकलने के बाद सड़क पर लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ की। रेसकोर्स रोड पर एक छात्रा का मोबाइल छीनकर उससे अश्लील हरकत की। साथ ही स्टेशन के पास दो युवतियों के कपड़े भी फाड़े। युवतियां शिकायत करने कलेक्ट्रेट तक भी पहुंची थीं। उपद्रवियों ने रेसक्रोर्स रोड पर अधिकारियों के बंगले के नेम प्लेट फोड़ दीं।
जवानों ने 40 से 50 हवाई फायर किए
उपद्रवी युवकों ने सेना के जवानों और अधिकारियों पर पथराव कर दिया तो जवानों ने भी हवा में कई फायर कर दिए। मौके पर मौजूद लोगों ने गोलियां चलने की पुष्टि की है। एक जवान ने एएसपी वीरेंद्र जैन के पीछे खड़े होकर फायर किया है। जवानों द्वारा 40 से 50 हवाई फायर किए गए। एक गोली गोवर्धन कॉलोनी में रहने वाले राजवीर को भी लगी है।
सेना पुलिस मेला रोड पर निकली, लोगों को हड़काया
उपद्रव शांत होने के बाद सेना पुलिस के अधिकारी व जवान रेसक्रोर्स रोड पर निकले। यह जवान तीन गाड़ियों में थे। इनके हाथों में हथियार थे। इन लोगों ने रोड पर पैदल मार्च करते हुए पहले युवकों को खदेड़ा। रोड पर जो लोग खड़े थे, उन्हें हड़काना शुरू कर दिया। प्रेस के लोगों के साथ भी अभद्रता की।
युवक को पीटा
एक युवक द्वारा मोबाइल से आर्मी के जवानों को फोटो खींचने पर एक जवान उसे पकड़कर लाठी से पिटाई कर दी।
कार्ड लिए, छीनी कैसेट
प्रेस फोटोग्राफरों द्वारा फोटो खीचने पर उन्हें पकड़ लिया और उनसे अभद्रता करते हुए उनके कार्ड निकाल लिए और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के एक कैमरा मैन से उसकी कैसेट छीन ली।
रेलवे कराएगा उपद्रवियों पर एफआईआर
रेलवे स्टेशन पर उत्पात मचाने और ट्रेनों पर पथराव करने वाले उपद्रवियों पर रेलवे एफआईआर कराएगा। स्टेशन प्रबंधक पीपी चौबे ने बताया कि उत्पात मचाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायती आवेदन जीआरपी थाना प्रभारी को दे दिया है।
भर्ती रैली स्थगित
कलेक्टर पी.नरहरि ने उपद्रव के बाद सेना के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद सेना भर्ती रैली स्थगित कर दी। कलेक्टर ने बताया कि सेना भर्ती रैली के लिए नई तारीख घोषित की जाएगी।
सीईओ जिला पंचायत करेंगे जांच
सेना भर्ती रैली में हुए उपद्रव की कलेक्टर पी.नरहरि ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी जिला पंचायत सीईओ इलैया राजा टी. को सौंपी गई है। कलेक्टर नरहरि ने कहा कि सेना प्रशासन भर्ती रैली के दौरान उचित व्यवस्थाएं नहीं कर सका। कई तरह की अफवाहें भर्ती मैदान पर उड़ीं, जिनकी वजह से उम्मीदवार आक्रोशित हो गए।
कलेक्टर के अनुसार, इन कारणों से हुआ उपद्रव-
- आर्मी ने एक साथ 13 जिलों की भर्ती आयोजित कर दी, जबकि जिलेवार भर्ती आयोजित की जानी थी।
- आर्मी के इस कदम की वजह से अनुमानित संख्या से अधिक उम्मीदवार मैदान पर आ गए। आर्मी को उम्मीद थी कि 5 हजार उम्मीदवार भर्ती देने आएंगे, लेकिन 15 से 20 हजार उम्मीदवार भर्ती देने पहंुच गए।
- भर्ती मैदान पर करंट के तार से किसी उम्मीदवार की मौत होने की अफवाह फैली। इसकी वजह से उम्मीदवार भड़क गए।
- भर्ती मैदान पर उम्मीदवारों ने आर्मी के अधिकारियों पर पक्षपात करने के भी आरोप लगाए।
- विरोध अधिक होने पर आर्मी द्वारा एकदम से भर्ती बंद करने के निर्णय की वजह से भी उम्मीदवार आक्रोशित हो गए।
- भर्ती ट्रेडमैन की होनी थी, लेकिन अन्य पदों की भी भर्ती एक साथ आर्मी ने आयोजित कर दी। इसके कारण भी अव्यवस्थाएं फैली।
नहीं था कोई ट्रैफिक प्लान
मेला ग्राउंड पर 20 हजार के लगभग युवा भर्ती में शामिल होने थे। इससे रेसकोर्स रोड पर ट्रैफिक जाम लगना तय था। ऐसे में एक दिन पहले ट्रैफिक पुलिस को यहां के लिए प्लानिंग करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। यदि पहले से रेसकोर्स रोड पर ट्रैफिक प्रतिबंधित करते तो कई गाड़ियां जलने से बच जातीं। साथ ही लोगों के साथ बदसलूकी नहीं होती।
मुरैना सांसद बोले, जोश में थे उम्मीदवार
मुरैना सांसद अनूप मिश्रा ने इस पूरे मामले के लिए जिले की पुलिस, प्रशासन और आर्मी के प्रशासन को दोषी बताया। उनका कहना था कि भर्ती आयोजित कर रहे आर्मी और जिला प्रशासन को समन्वय करके व्यवस्थाएं जुटानी चाहिए थी। वहीं उपद्रव और आगजनी करने वाले युवकों के बारे में उन्होंने कहा कि वे जोश में थे, इसलिए उन्होंने ऐसा किया। उनकी कोई गलती नहीं थी।
2010 में करंट लगने से हुई थी युवक की मौत
2010 की सेना भर्ती रैली में बिजली का तार टूटकर गिरने से एक युवक की करंट से मौत हो गई थी। बुधवार को ट्रैडमेन की भर्ती में करंट से 2 युवकों की मौत होने की अफवाह फैल गई। इसको युवकों ने सही मान लिया और उपद्रव कर दिया।
11/11/2014
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