SHRI Radha RANI

SHRI Radha RANI

Share

OUR GODDESS meri bev badha hero radha nagri soe ja ten ki jhai pere shyem herit duti hoe

10/06/2026

Jai shree Ram ❤️

09/06/2026

♥️🫰ladle chota babu

09/06/2026

😍😊♥️🫰 मेरे प्रान सखा

08/06/2026

Jai shree radhe Krishna sabnu 😍

08/06/2026

जय श्री राधे 😍

07/06/2026

SHRI Radha RANI Durgawati Sharma Nand Nanda Nandan Nandni Nand Nanda Nandan Nandni Shyam baba ke bhakt Anjali Gupta Rani Kumari Vuelo 035 Con Radhita para Siempre Umesh Kumar Jain Bhind Tarun Mishra Hum Sbhi Ki Kahaniyan Rupa Pandey Lavish Kapoor Rahul Achlendra Namdev Amader Lado Sona जय श्री राम् ♥️🫰

07/06/2026

Pyare se babu ki jai 🥺♥️🫰

07/06/2026

व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी
Saturday, 06 June 2026
चंदनी मलमल का आड़बंद एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग पर तुर्रा के श्रृंगार
🪷 श्रीजी में
प्रातः - छाक लिए श्याम बुलावत, चंदन की गोली
शाम - बृज ही में करत विहार , कली के श्रृंगार
🪷 प्रियाजी में
प्रातः - लीजे लालन अपनी छाक
शाम - फल की हटड़ी
आज प्रभु के श्रीअंगों (वक्षस्थल, दोनों श्रीहस्त और दोनों चरणकमल) में कुल पांच केशर बरास मिश्रित चंदन की गोलियां धरायी जाती है.
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
राजभोग दर्शन –
साज – (राग : सारंग)
चंदन को वागो पहिरे चंदन की खोर कीये, चंदन के रुखतरे ठाड़े पिय प्यारी l
चंदन की पाग शिर चंदन को फेंटा, बन्यो चंदन की चोली तन चंदन की सारी ll 1 ll
चंदन की आरसी ले निरखत दोऊ जन हंस हंस गिर जात भरत अंकवारी l
‘सूरदास’ मदन मोहन चंदभवनमें बैठे, गावत सारंग राग रंग रह्यो भारी ll 2 ll
साज – आज श्रीजी में छाक लीला के भाव की पिछवाई धरायी जाती है.
वस्त्र – आज श्रीजी को चंदनी मलमल का आड़बंद धराया जाता है.
श्रृंगार – आज प्रभु को छोटा (कमर तक) ऊष्णकालीन हल्का श्रृंगार धराया जाता है. मोती के सर्व आभरण धराये जाते हैं.
श्रीमस्तक पर गोल पाग के ऊपर सिरपैंच, तुर्रा एवं बायीं ओर शीशफूल धराये जाते हैं.
श्रीकर्ण में एक जोड़ी कर्णफूल धराये जाते हैं.
गुलाबी एवं श्वेत पुष्पों की कलात्मक थागवाली दो सुन्दर मालाजी धरायी जाती हैं.
श्रीहस्त में चार कमल की कमलछड़ी, झीने लहरियाँ के वेणुजी एवं एक वेत्रजी धराये जाते हैं.
पट ऊष्णकाल का व गोटी छोटी हकीक की आती है.

07/06/2026

Jai shree radhe ♥️
Ladli sarkar ki jai
*आप बसो बरसाने अलि वृषभानु ललि सुधि मेरी विसारी कोमल चित अति दीनन के हित नित्य करू मै ये बान तिहारी, कान दिये सुनिये मम स्वामिनी दासी की आस पुजावन हारी मोहे दियो यहि ब्रज डोलु जपा करू नाम नित श्यामाप्यारी,हैम सिंहासन हीरा जडे ताहि पै पट है अति मन्द बिछाये सोलह सहस्त्र अलि को निकसी वृषभानु ललि उत श्यामाजु आये,आरती लै कोई गुंजन माल लिये तुलसीदल शीश नवाये स्वागत प्रेम सो मध्य बैठायी मै भी रही फल नैनन पाये ऐसी किशोरी जू नाही बनै तुम कैसै सुधि को विसार रही हो है अविनाशन दीनन स्वामिनी का मम बार विचार रही हो तेरे विलोकत ऐसी दशा मोहे क्यो भव सिन्धु मे डार रही हो मो सम दीन अनेकन तारे वा श्रम ते अब हार रही हो कीर्ति नन्दिनी कीजै कृपा कर जोरी कहु निज पास बसाऔ शीश धरू धरनि विच स्वामिनी है ललिते ललिते समझाऔ मोहे विशाखा विसारो नही वृषभानु सुता को मेरी व्यथा सुनाऔ ऐरी कही मिले आली सखी अब चरणन चेरी मोहे बनाऔ अब चरणन चेरी मोहे बनाऔ अब चरणन चेरी मोहे बनाऔ*
*जय जय श्री राधे*
*जय बिहारी जी की* 🌹🌹🙏🏻🙏🏻🙇‍♀🙇‍♀

06/06/2026

Jai shree Ram

Want your business to be the top-listed Photography Service in Gurugram?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Address


Gurugram
122001