Health Alert

Health Alert

Share

Health Related All inquiry available in this Page

13/04/2025

बड़े काम की है ये कड़वी बूटी! डायबिटीज की दवाइयां खाकर हैं परेशान तो एक बार करें ट्राई, चुटकियों में होगा असर
शारदुनिका यानी गुड़मार की पत्तियां अगर आप नियमित रूप से चबाकर खाते हैं, तो इससे आपका शुगर लेवल कम होता है. इसकी पत्तियों में एसिड का एक एक्टिव कंपाउंड मौजूद होता है, जिसे जिम्नेमिक एसिड कहा जाता है.

पवन सिंह कुंवर/ हल्द्वानी. भारत में डायबिटीज के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं. क्या आप भी डायबिटीज की बीमारी से परेशान हैं. क्या आपका भी शुगर लेवल कम नहीं हो रहा है. आप भी अस्पताल की दवा खाकर परेशान हो गए हैं, तो आज हम आपको एक ऐसी रामबाण औषधि के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपका शुगर लेवल कम हो जाएगा और आपको इस बीमारी से छुटकारा भी मिल जाएगा. जिस औषधि की हम बात कर रहे हैं, उस औषधि का नाम है शारदुनिका. इसे सरल भाषा में गुड़मार भी कहा जाता है.

शारदुनिका यानी गुड़मार की पत्तियां अगर आप नियमित रूप से चबाकर खाते हैं, तो इससे आपका शुगर लेवल कम होता है. इसकी पत्तियों में एसिड का एक एक्टिव कंपाउंड मौजूद होता है, जिसे जिम्नेमिक एसिड कहा जाता है. जिम्नेमिक एसिड शुगर विरोधी यौगिक है, जो कुछ सेकंड में मीठे की तलब को कम करने का काम करता है. इसकी पत्तियां खाने में बेहद कड़वी होती हैं, लेकिन आपने अगर इसकी पत्तियां का इस्तेमाल किया है तो आपका शुगर लेवल जरूर कम होगा.

क्या कहते हैं वन क्षेत्राधिकारी मदन सिंह बिष्ट?उत्तराखंड के हल्द्वानी के वन क्षेत्राधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि हमारे वन अनुसंधान केंद्र में डायबिटीज के मरीजों के लिए एक पौधा है, जिसका नाम शारदुनिका है. इसे गुड़मार भी कहा जाता है. इस पौधे को जड़ी बूटी की संज्ञा दी जाती है. इसकी पत्तियों को चबाकर या इसकी पत्तियों का पाउडर बनाकर भी उपयोग कर सकते हैं. जो मरीज डायबिटीज की अंग्रेजी दवाइयां खाकर परेशान हो गए हैं, वो इस औषधि का उपयोग कर सकते हैं.

चबाकर खाएं इसकी पत्तियांउन्होंने बताया कि अगर आप इस पत्ती का उपयोग करेंगे तो इसके बाद मीठा कोई भी असर नहीं करता है. इसकी पत्ती डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही है. आयुर्वेद में इस पत्ती का पाउडर बनाकर मरीजों को दिया जाता है, लेकिन पाउडर से ज्यादा असर इसकी पत्तियां चबाने से होगा. उन्होंने बताया कि शारदुनिका की पत्ती को जैसे ही आप चबाते हैं तो यह अपना असर तुरंत शुरू कर देती है यानी कुछ ही सेकंड में इसका असर शुरू हो जाता है. यह आपकी शुगर की क्रेविंग को खत्म कर देती है.

यहां मिलेगा गुड़मार का पौधाआपको बता दें कि आपको यह पौधा हल्द्वानी के वन अनुसंधान केंद्र में आसानी से उपलब्ध हो जाएगा. वन अनुसंधान केंद्र रामपुर रोड स्थित सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल से करीब 200 मीटर आगे (ट्रांसपोर्ट नगर जाने वाली रूट पर) स्थित है. यह पौधा आपको 100 रुपये में मिल जाएगा.

07/02/2025

आयुर्वेद के दोहे

हैड बहेड़ा आँवले, लीजो तीनो सम तोल।
कूट पीस कर छानिए,त्रिफला है अनमोल।।

पाँच भाँति के नमक से,करो चूर्ण तैयार।
दस्तावर है औषधि, कहते पंचसकार।।

ताजे माखन में सखी, केसर लेओ घोल।
मुख व होठों पर लगा,रंग गुलाब अमोल।।

सूखी मेंथी लीजिए, खाएँ मन अनुसार।
किसी तरह पहुँचे उदर,मेटे बहुत विकार।।

ठंड जुकाम भारी लगे, नाक बंद हो जाय।
अजवायन को सेंक कर, सूंघे तो खुल जाय।।

चर्म रोग में पीसिए, अजवायन को खूब।
लेप लगाओ साथिया,मिलता लाभ बखूब।।

फोड़े फुंसी होय तो, अजवायन ले आय।
नींबू रस में पीस कर,औषध मान लगाय।।

अजवाइन गुड़ घी मिला,हल्का गर्म कराय।
वात पित्त कफ संतुलन, सर्दी में हो जाय।।

भारी सर्दी पोष की, करती बेदम हाल।
अदरक नींबू शहद को,पीना संग उबाल।।

मेंथी अजवायन उभय,हरती उदर विकार।
पाचन होता संतुलित, खाएँ किसी प्रकार।।

अदरक के रस में शहद, लेना सखे मिलाय।
पखवाड़े नियमित रखो,श्वाँस कास मिटजाय।

मक्का की रोटी भली,खूब लगाओ भोग।
पाचन के संग लाभ दे,क्षय में रखे निरोग।।

छाछ दही घी दूध ये, शुद्ध हमारा भोज।
गाय पाल सेवा करो ,मेवा पाओ रोज।।

गाजर रस मय आँवला,पीना पूरे मास।
रक्त बने भरपूर तो,नयनन भरे उजास।।

बथुआ केंहि विधि खाइए,मिले लाभ भरपूर।
पाचन भी अच्छा करे, रहे बुढ़ापा दूर।।

चौंलाई में गुण बहुत, रक्त बढ़े भरपूर।
हरी सब्जियों से रहे,मानुष तन मन नूर।।

पालक मेथी मूलियाँ,स्वास्थ्य रक्त दातार।
हरी सब्जियां नित्य लो,रहलो सदाबहार।।

जूस करेला पीजिए, प्रतिदिन बारहो मास।
मधुहारे तुमसे सदा, हो सुखिया आभास।।

दातुन करिए नीम की,होय न दंत विकार।
नीम स्वयं ही वैद्य है, समझो सही प्रकार।।
जामुन की दातुन करो, गुठली लेय चबाय।
मधुमेही को लाभ हो ,प्रदर प्रमेह नशाय।।

दातुन करो बबूल की,हिलते कभी न दंत।
तन मन शीतलता रहे, शूल बचाओ पंत।।

कच्ची पत्ती नीम की ,प्रातः नित्य चबाय।
रक्त साफ करके सखे,यह मधुमेह मिटाय।।

सदाबहारी फूल जो, प्रात चबालो आप।
दूर करे मधुमेह को, खाओ मधु को माप।।

तुलसी पत्ते औषधी, पीना सदा उबाल।
कितनी भी सर्दी पड़े,होय न बाँका बाल।।

चूर्ण बना कर आँवले, खाओ बारह मास।
नहीं जरूरत वैद्य की,जब तक तन में श्वाँस।

संध्या भोजन बाद में, थोड़ा सा गुड़ खाय।
पाचन भी अच्छा रहे, बुरी डकार न आय।।

लहसुन डालो तेल में,अजवायन अरु हींग।
जोड़ो में मलते रहो , नहीं चुभेंगे सींग।।

सब्जी में खाओ लहसुन, हरता कई विकार।
नेमी धर्मी डर रहे, खाएँ खूब विचार।।

कैसे भी खा लीजीए ,करे सदा ही लाभ।
ग्वार पाठा बल खूब दे,आए तन में आभ।।

दाल चीनि जल घोल कर,पीजिए दोनो वक्त।
पेचिस में आराम हो, मल हो जाए सख्त।।

दालचीनि मुख राखिए, जैसे पान सुबास।
मुख कभी न आएगी, गन्दी श्वाँस कुबास।।

दूध पियो नित ही भला,हल्का मीठा डाल।
ग्रीष्म ऋतु में पीजिए,संगत मिला रसाल।।

ग्वारपाठ रस आँवला ,करे पित्त को नष्ट।
नित्य निहारा पीजीए,स्वास्थ्य रहेगा पुष्ट।।

तीन भाग रस आँवला,एक भाग मधु साथ।
प्रातः सायं पीजिए, नेत्र नए हो जात।।

हल्दी डालें दूध में, छोटी चम्मच एक।
कफ खाँसी के शूल मिट,स्वस्थ रहोगे नेक।।
हल्दी चम्मच एक भर, पीवे छाछ मिलाय।
खुजली फुन्शी दाद भी,जल्दी से मिटजाय।।
बेसन नींबू नीर मधु, सबको लेय मिलाय।
चेहरे पर लेपन करो,सुन्दरता बढ़ि जाय।।

शहद मिला कर दूध पी,जीवन रहे निरोग।
दीर्घायु होकर करो, जीवन के सुखभोग।।

भोजन के संग छाछ तो,होती अमरित मान।
स्वस्थ पुष्ट तन मन रहे, बनी रहेगी शान।।

सौ रोगों की औषधी, देखी परखी मान।
पिए गुनगुना नीर तो,बनी रहे तन जान।।

दिन के भोजन में रखो, दही कटोरी एक।
पाचक रस निर्माण कर,मेटे व्याधि अनेक।।

अजवायन की भाप से,मिटे शीत के रोग।
गर्म भाप को सूँघिए ,रहना शीत निरोग।।

लो अजवायन छाछ से,पेट रहे तन्दरुस्त।
कीड़े मरते पेट के, भोजन करना मस्त।।

सौंफ हींग सेंधा नमक, पीपल उसमे डाल।
जीरा छाछ मिला य पी, रहे न उदर मलाल।।

भूतों को सावन पिला, कार्तिक पिला सपूत।
ग्रीष्मकाल में सब पियो,उत्तम छाछ अकूत।

#जैविकखेती

07/02/2025

मेथी, अजवाइन और काली जीरी के पाउडर का सेवन करने से क्या फायदा होता है?
सबसे पहले जवाब दिया गया: मेथी, अजवायन और काली जिरी के पाउडर का सेवन करने से क्या फायदा होता है?
50 gm काली जीरी 100 gm अजवाइन 250 ग्राम मेथी सबको हल्का हल्का भून ले # फिर कूट पीस के काँच या stainless स्टील के डिब्बे मे रख दो

नित्य सोते समय 1 छोटे चमच मे लेकर फांक ले ऊपर से 1 गिलास गुनगुना जल पी ले 100 दिनों मे कायाकल्प हो जाएगी पेट संबन्धी रोग दर्द सम्बन्धित और अन्य सभी रोग दूर हो जाएंगे

बस शक्कर ( चीनी) को कम खाए तली भुनी भुनी खाद्यान्न कम खाए #सभी रोगों की

रामबाण दवा हैं शरीर पूर्ण निरोगी हो जाएगा #

ये सभी पोषक तत्त्वों से भरपूर होते हैं

हड्डियों को मजबूत बनाता हैं

जिससे थकान नहीं लगती सुस्ती दूर होती है

शरीर के आन्तरिक अंगों की सफाई कर गंदगी पेशाब के रास्ते निकाल देता हैं

रक्त को शुद्ध कर रक्त संचार बेहतर बनाता हैं

जिससे त्वचा सम्बन्धित रोग कम हो कर त्वचा स्वस्थ और कांतिमय हो जाती हैं

कब्ज से हमेशा के लिए मुक्ति हो जाती हैं वजन मे कमी लाता हैं मोटापा कम करके बदन छरहरा बना देता हैं

इसके निरन्तर सेवन से डायबिटीज समाप्त हो जाती हैं

हृदय रोगों मे बेहद फायदेमन्द होता हैं हृदय की कार्य क्षमता बढ़ा देता हैं जिससे वो सुचारु रूप से कार्य करने मे सक्षम हो जाता हैं

गठिया जैसे जिद्दी रोग से मुक्ति दिलाता हैं

कफ दोष दूर कराता हैं

भूत काल मे खाई गई alopathic दवाएं के साइड इफेक्ट से मुक्ति दिलाता हैं

आँखों मे चमक और त्वचा को कांतिमय बनाता हैं

स्मरण शक्ति को बढ़ाता हैं

बालों को पोषित कर घना और चमकीला बनाता हैं

इसकी तासीर गर्म होती हैं इसलिए छोटे चमच से रात्री में सोते वक़्त गुनगुना जल से ले इसे फांक कर गुनगुना जल 1 गिलास पी ले

जीवन निरोग # आनंद दायक # चिन्ता रहित # स्फूर्तियुक्त जीवन जीने योग्य बनेगा # कम से कम 100 दिन सेवन करे
देसी वायग्रा।
कोई साइड इफेक्ट नहीं।
शुगर के मरीजों के अंदर भी 440 वोल्ट का करंट भर दे
70 साल का व्यक्ति भी अपने आप को जवान समझने लगेगा
नौजवान की तो कहने ही क्या
संभोग शक्ति बढाए।
नई जान फुक दे अन्दर।

लेने के लिए समपर्क करे।

Want your public figure to be the top-listed Public Figure in Gurugram?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Website

Address


Gurugram
122001