Shweta Rai
मेरा नाम श्वेता राय है �
15/07/2024
चाहे गोरहर चानी जइसन,
चाहे हो ऊ करिया।
दामाद खोजीं अइसन करे जे नौकरिया।
खेती बारी से अब बोलीं, केकर पेट भरेला।
कीन कीन सब कीवी खाये, केतनो आम फरेला।
मॉल से ले के ऊ आवे ताज़ा ताज़ा तरकरिया।
दामाद खो जीं अइसन करे जे नौकरिया।
गाड़ी होवे, घर भी होवे, निम्मन हो खनदनवा।
सास ससुर भी अपना पे जीयें पाके पेंशनवा।
जे चाहे ऊ पहिन के घूमे, जींस टॉप या सरिया।
दामाद खो जीं अइसन करे जे नौकरिया।
बाद बिआह के दू दिन केवल ससुरा में ई रहियें।
जब जईहें दामाद कमाये संघे इहो जईहें।
ननद जेठानी केहू न होवे, दूर रहे पट्टीदरिया
दामाद खो जीं अइसन करे जे नौकरिया।
चाहे गोरहर चानी जइसन,
चाहे हो ऊ करिया।
दामाद खोजीं अइसन करे जे नौकरिया।
Shweta Rai
10/07/2024
गांव बनल बा शहर, शहर में केतना गांव बिलाइल बा।
सोच सोच घबराये मनवा, जुग कइसन ई आइल बा।
घात लगा के सब जन बइठें,
भूल गइल मिठकी बोली।
चाहत बा कइसो भी लेकिन,
भरल रहे आपन झोली।
भाई से भाई जारत बा, पटिदारी गहराइल बा।
सोच सोच घबराये मनवा, जुग कइसन ई आइल बा।
एक रहें सब, एक दुआरा,
बात पुरनिया के माने।
उत्तर दख्खिन पूरब टोला,
एक दूजे के सब जाने।
आज हेराइल पीपर बरगद, कउड़ा बहस बुझाइल बा।
सोच सोच घबराये मनवा, जुग कइसन ई आइल बा।
याद करा ऊ दिन जब पहुना,
गांव से पहुनाई पावें।
चीनी क व्यवहार चले तब,
सुख दुख में मिल सब धावें।
आज पै लगी करे न कोई, मन में चोर समाइल बा।
सोच सोच घबराये मनवा, जुग कइसन इ आइल बा।
वाद विवाद बढे से पहिले,
मिल आपस में बतियावें।
कोर्ट कचहरी केहू न जाए,
मुखिया आ के समझावें।
बात बात में आज पुलिस घर के अंगना तक आइल बा।
सोच सोच घबराये मनवा, जुग कइसन ई आइल बा।
#भोजपुरियामिठास
Shweta Rai
देहियाँ में इ लहर उठावे।
जेहर चाहे ओहर घुमावे।
जइसे लागे डसले बिछुआ,
का सखि! साजन?
ना सखि! पछुआ.....
श्वेता राय
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