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10/10/2020
दोस्तों कोरोना महामारी और मौसम बदलने से सर्दी खांसी से बचाव के लिए यह करें।
इन दिनों में भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बच सकते हैं। ऐसी जगहों पर बीमार व्यक्ति के खांसने या छींकने से दूसरे लोग संक्रमित हो सकते हैं। दो गज की दुरी का ख्याल रखे।
खाने से पहले हाथ धोना सबसे ज़्यादा जरूरी है। कहीं न कहीं हम उसमें लापरवाही कर जाते हैं। सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें।
डाइट अच्छी रखें, ताज़ा खाना और फल खाएं। बाहर का खाना भी खाने से बचें और बासी खाना न खाएं।
घरों को साफ़ रखें, कूलर, चिड़िया के बर्तन, गड्ढे, गमलों और टायर आदि में ज़्यादा दिनों तक पानी न इकट्ठा न होने दें। इनमें मच्छर पनपने लगते हैं।
पूरी बाजू के कपड़े पहनें। खासतौर पर बच्चों के लिए इस बात का ध्यान रखें।
12/05/2020
अस्थमा फेफड़े की बीमारी सर्दी के मौसम में के रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए अस्थमा रोग के लिए पर्यावरण प्रदूषण और जैनेटिक कारण प.....
ज्यादातर खाँसी की समस्या इम्युनिटी सिस्टम के कमजोर होने के कारण उत्पन्न होती है।
इस तरह की समस्या मौसम में होने वाले बदलाव के कारण उत्पन्न होती हैं। खांसी आमतौर पर संक्रमण, निमोनिया या फेफड़ों के क्षय रोग आदि के कारण होती है। एक समय पर आकर खांसी वास्तव में बहुत परेशान करने वाली और दर्दनाक हो जाती है। लेकिन, इस तरह की समस्या और भी बद से बदतर हो सकती है, अगर आप इस दौरान इन चीज़ों का सेवन करती हैं, जो निम्न हैं-
ठंडा पदार्थ
इस दौरान ठंडे पदार्थों से दूर रहें हैं खासकर ठंडे पेय पदार्थ, दही, बर्फ आदि का सेवन न करें। क्योंकि, यह आपके गले में सूजन और दर्द की समस्या को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम जैसी चीजों से परहेज करें, इन ठंडी चीजों को खाने से गला सूखने लगता है जिससे खांसी और ज्यादा बढ़ सकती है।
प्रोसेस्ड और डब्बाबंद आहार
प्रोसेस्ड और डब्बाबंद फ़ूड खाँसी की समस्या को और भी अधिक बढ़ा सकता है। क्योंकि, यह आपके इम्यून सिस्टम को और कमजोर कर देता है, जिससे कि यह जल्दी ठीक नहीं होता है। इसलिए वाइट पास्ता, वाइट ब्रेड और चिप्स जैसी चीजों का सेवन न करें।
शराब
खाँसी में भूलकर भी शराब का सेवन न करें क्योंकि, यह आपके इम्युनिटी को कमजोर बना सकता है। इतना ही नहीं यह आपके बॉडी को डिहाइड्रेट बना देता है जिससे कि आपकी खांसी और भी अधिक बद से बदतर हो सकती है।
तला-भूना आहार
खाँसी के दौरान, बहुत अधिक तले-भूने या फिर फ्राइड फूड्स न खाएं। क्योंकि, यह खांसी में आपको बहुत नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासकर, डीप फ्राई पकौड़े, चिप्स आदि का सेवन न करें।
शहद और नींबू का सेवन
खाँसी के दौरान गले में न केवल खिज-खिज होती है, बल्कि इससे सूजन की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में, इन समस्या से राहत पाने के लिए आप गर्म पानी में शहद और नींबू डालकर पिएं, इससे आपको तुरंत राहत मिलेगी। इसके अलावा, आप चाहें तो दवा युक्त कैंडी या तुलसी और अदरक की चाय का सेवन कर सकती हैं।
गार्गल करें
खाँसी के दौरान गले में दर्द से राहत पाने के लिए आप गार्गल करें, इससे आपको बहुत आराम मिलेगा। इसके लिए आप गर्म पानी में नमक डालकर गार्गल करें, इससे खांसी और कंजेशन में आराम मिलता है।
नींबू
अपने एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण नींबू कफ दूर करने में मदद करता है। बलगम वाली खांसी को दूर करने के लिए गर्म पानी के एक कप में नींबू की कुछ बूंदे निचोड़कर इसे घूंट-घूंट करके पीयें। जल्द ठीक होने के लिए इस मिश्रण का नियमित आधार पर सेवन करें।
गर्म पानी का सेवन
सर्दी और जुकाम के दौरान आप कोशिश करें कि गुनगुने पानी का सेवन करें, क्योंकि यह संक्रमण को रोकने का काम करता है, और साथ ही गले की खरास और सूजन की समस्या से भी राहत प्रदान करता है। इसके अलावा, जितना हो सके तरल पदार्थों का सेवन करें, ताकि आप हाइड्रेटेड रह सकें।
इसके अलावा, किसी भी प्रकार के दवाओं का सेवन करने से पहले आप एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
धूम्रपान को करें ना यह जानलेवा हो सकता है।
इनमें फेफड़े का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, दमा, डिप्रेशन आदि भयंकर बीमारियां भी हो सकती हैं। इतना ही नहीं महिलाओं में तंबाकू का सेवन गर्भपात या होने वाले बच्चे में विकार उत्पन्न कर सकता है।
तंबाकू में कैंसर पैदा करने वाले तत्व निकोटीन , नाइट्रोसामाइंस, बंजोपाइरींस, आर्सेनिक और क्रोमियम अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं जिनमें निकोटिन, कैडियम और कार्बनमोनो ऑक्साइड स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
धूम्रपान से बचने के उपाय
-धूम्रपान से बचने के लिए जरूरी है कि सबसे पहले अपनी विल पॉवर मजबूत की जाए।
-इसके अलावा चिकित्सीय विधियों को अपानाया जा सकता है।
-नशामुक्त केंद्र पर जाकर इलाज कराया जा सकता है।
-ध्रूमपान छोड़ने के लिए च्यूइंगम, स्प्रे और इनहेलर जैसी चीजों का सेवन किया जा सकता है।
-समय रहते डॉक्टर्स की सलाह लेकर तुरंत इलाज शुरू करवाया जा सकता है।
-रेशेदार यानी फाइबर युक्त आहार पर्याप्त मात्रा में लेना चाहिए।
-अपने आपको तनाव से दूर रख अधिक से अधिक व्यस्त रहना चाहिए।
04/09/2018
यह बेसिक जानकारी है
आज वर्ल्ड अस्थमा दिवस है दोस्तों आप अपने दैनिक जीवन में कई उपयोगी जरूरतों को पूरा करने के लिए हम अपनी आपकी सुंदरता बढ़ाने के लिए समाज को दिखाने के लिए कई गलतियां कर बैठते हैं जिनका भुगतान हम अपने आप और समाज दोनों को देते हैं घरों में पालतू पशु पक्षी और फूलों के पराग कण और दिखाने के लिए बड़ी बड़ी गाड़ियों का उपयोग करना और दूषित वातावरण यह में अस्थमा को उसकाता भी है जिन मरीजों को किसी भी चीज से एलर्जी हो तो उसे फौरन हटा देना ही सही रहता है किसी को धूल से एलर्जी है और किसी को पशु पक्षियों के बाल बालो बालों से एलर्जी होती है अस्थमा कोई छुआछूत बीमारी नहीं है यह ठीक हो सकता है उसके लिए आप किसी अच्छे चेस्ट फिजिशियन से मिलिए
18/03/2018
आराम या मेहनत करने के बाद सांस लेने में तकलीफ होती है ?
पल्मोनरी फाइब्रोसिस - इससे लंग्स में लचीलापन कम हो जाता है, जिससे आपके लिए सांस लेना कठिन हो जाता है और आपके रक्त को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलता है। लक्षणों में सूखी खांसी शामिल है।आराम या मेहनत करने के बाद सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
पल्मोनरी फाइब्रोसिस होने के कारण सिलिका धूल, एस्बेस्टोस फाइबर, हार्ड मेटल धूल, कोयले की धूल और अनाज धूल ,विकिरण चिकित्सा के संपर्क में ,केमोथेरेपी दवाओं, एमिडीरोन जैसे हृदय की दवाओं, नाइट्रोफुरंतोइन या एंबंबुटल जैसे एंटीबायोटिक दवाओं और रितुक्सिमैब या सल्फासाल्जेन जैसे एंटी-इन्फ्लोमैट्री ड्रग्स के जोखिम इत्यादि होते है।
12/03/2018
11/03/2018
Y hai garebi kya????
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