Kusumbhatt

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उत्तराखंडी लोकगायिका , काव्य और सहित्य लेखन , संगीतकार , Gazal & bhajn singer Also

17/05/2026

सब धरती कागज करूं, लेखन सब वनराय सात समुद्र की मसि करूं, गुरु गुण लिखा ना जाए.........
एक शिष्य के लिए इससे अधिक क्या होगा कि आज वह अपने गुरु के मुंह से अपने बारे में कुछ शब्द सुन पा रही है सौभाग्य.......

Photos from Kusumbhatt's post 16/05/2026

आज उत्तराखंड सदन में बिजनेस उत्तरायणी द्वारा "लोक प्रहरी" सम्मान दिया गया। जिसमें मुख्य अतिथि आदरणीय डॉक्टर सरिता पाठक यजुर्वेदी जी आदरणीय मनमोहन सती जी एवं मधु भट्ट जी रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय लक्ष्मी रावत जी ने की। कार्यक्रम के संचालक आदरणीय नीरज बवाड़ी जी का यह प्रयास अपने आप में अंनूठा है। लोक के क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी लोगों को एक मंच पर सम्मानित करना और उन्हें उनकी जिम्मेदारियां के प्रति आगाह करते रहना। मेरी खुशकिस्मती थी कि उत्तराखंड की और महान हस्तियों के साथ मैं भी इस कार्यक्रम का हिस्सा थी और मुझे भी इस लायक समझा गया और मेरे गिलहरी प्रयास को नोटिस किया गया।आज मुझे मेरी गुरु आदरणीय सरिता पाठक जी के सामने और उनके हाथों से यह सम्मान मिला जो मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात थी ।एक शिष्य के लिए इससे बड़ी बात और क्या होगी। एक शिष्य अपने गुरु के मुख से अपने लिए कुछ शब्द सुने मुझे यह अविस्मरणीय पल देने के लिए पुनः बहुत-बहुत आभार........
मेरा मानना है कि मरणोपरांत तो सभी को सम्मान मिलते हैं लेकिन जीते जी अगर उनके कार्यों को सम्मान मिलता है तो यह उनका नहीं उनके लोक का सम्मान होता है। बाद में तो पता ही नहीं चलता की चांदी के प्लेट में घी पूरी बनी है या पत्थर में सब बराबर होता है....कार्यक्रम में उत्तराखंड के नामी बहुत चर्चित सभी लोग मौजूद थे। उनकी मौजूदगी से समारोह में और भी चार चांद लग गए जिसमें मुख्यत हेंम पंतजी,राजेंद्र चौहान जी ममता कनार्टक जी अंजू भंडारी जी खुशाल सिंह रावत जी आज बहुत सारे लोग मौजूद थे एक बार फिर से कार्यक्रम की सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

15/05/2026

मेरा गांव और उसमें पानी का धारा.....
बहुत चहल-पहल होती थी यहां पर कभी कुछ लोग कपड़े धो रहे होते थे तो कुछ नहा रहे होते थे और कुछ गप्पे मार रहे होते थे बड़ा सुकून का पल व्यतीत किया है इन धारो में। रुमक होने तक भी आने जाने वालों की चहलकदमी खत्म नहीं होती थी । हंसी और ठहाको की आवाज निरंतर बनी रहती थी आज बहुत सन्नाटा सा पसरा है...........
मां कहती थी कि यह पानी तीमला ( अंजीर) की जड़ से एक प्राकृतिक प्रक्रिया से फिल्टर होकर आता है।हर पेड़ की जड़ों से आने वाले पानी का स्वाद अलग होता है ।
हमारे पहाड़ों में.........
जिसमें बांज की जड़ों से आने वाले पानी का स्वाद व चीड़ की जड़ों से आने वाले पानी का स्वाद कुछ अलग ही होगा। अब नल घर-घर लग गए हैं लेकिन धारे का पानी और उस पानी में जमीन आसमान का अंतर है। व्यक्तिगत रूप से अब महसूस होता है कि इसमें बहुत सारे औषधीय गुण हैं क्योंकिजब भी इस पानी को लगातार सेवन करती हूं तो शरीर में कुछ सकारात्मक बदलाव महसूस होते हैं। ऐसे लगता है कि जैसे कोई जादुई बैध पानी में दवा घोलकर मेरी सारी पीड़ा को हर लेता है। पता नहीं क्या है यहां
आज भी बैठकर बहुत सुकून महसूस होता है।
आंखों के आगे अतीत के चलचित्र नाचने लगते हैं।

12/05/2026

जब जब बहार आई और फूल मुस्कुराए
मुझे तुम याद आए..........

07/05/2026

🎥 फिल्म "कंडाली"
पौड़ी गढ़वाल ग्राम सिरौली

Photos from Kusumbhatt's post 06/05/2026

पौड़ी के न्यायकारी देवता कंडोलिया ठाकुर जी

Photos from Kusumbhatt's post 06/05/2026

मेरे सच के दो ही गवाह
एक मैं और एक तू.......

Photos from Kusumbhatt's post 06/05/2026

नै नवाण काफल.......

Photos from Kusumbhatt's post 05/05/2026

किसी को चाहिए तो संपर्क करें...
सोचा खाली समय में कुछ काम किया जाए
सौजन्य से-फिल्म" कंडाली"

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