Anika Rudraksh and Gems

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� हमारे पास हर प्रकार के रुद्राक्ष उपलब्ध हैं।
� हमारे पर पास हर प्रकार के राशि नग ।
� हमारे पास तांत्रिक क्रिया वशीकरण पूजा पद्धति एवं हर प्रकार की पूजा से संबंधित सामग्री उपलब्ध है।

Photos from Anika Rudraksh and Gems 's post 24/05/2026

‼️वग्रहों की कृपा से चमकाएं अपना भाग्य ‼️

क्या आपके बनते काम बिगड़ रहे हैं? क्या #मानसिक तनाव और अशांति आपको परेशान कर रही है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हमारे जीवन की सुख_समृद्धी ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करती है। आपकी उन्नति के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए 'संकट मोचन केन्द्र रजिस्टर रोहिणी दिल्ली प्रस्तुत करते हैं।
- " नवग्रह स्नान चूर्ण"। 🌿✨

👉 क्यों खास है हमारा नवग्रह स्नान चूर्ण?

✅ शुद्ध आयुर्वेदिक मिश्रण: प्राचीन संहिताओं में वर्णित विशेष जड़ी-बूटियों और पवित्र वनस्पतियों से निर्मित।
✅ धार्मिक विधि और मुहूर्त: इसे केवल एक उत्पाद की तरह नहीं, बल्कि शुभ मुहूर्त और विशिष्ट मंत्रोपचार (उपासना) के साथ तैयार किया गया है।
✅ नकारात्मकता का नाश: यह चूर्ण शरीर और आभा मंडल (Aura) से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता का संचार करता है।
✅ ग्रह शांति: नियमित उपयोग से जन्मकुंडली के ग्रह दोषों के प्रभाव को कम करने में सहायता मिलती है।
दिव्य अनुभव के साथ करें दिन की शुरुआत!
यह केवल स्नान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक चिकित्सा है जो आपके मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करती है।
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#ज्योतिष #स्नान #अध्यात्म #नवग्रह #पितृदोष

05/05/2026

‼️शास्त्रों के अनुसार ‼️
वास्तुशास्त्र और रसरत्नसमुच्चय जैसे ग्रंथों के परिप्रेक्ष्य में पारद (पारा/Mercury) को साक्षात शिव का अंश माना गया है। शुद्ध पारद शिवलिंग की महिमा केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा विज्ञान (Energy Science) के दृष्टिकोण से भी अद्वितीय है।
पारद एक ऐसा तत्व है जिसमें समस्त ब्रह्मांड की ऊर्जा को अवशोषित करने और उसे सकारात्मकता में बदलने की क्षमता है। जब पारद को 'अष्ट संस्कार' के माध्यम से शुद्ध किया जाता है, तो इसके विषैले दोष (नाग, वंग, मल, चपलता आदि) समाप्त हो जाते हैं। शुद्ध पारद को हाथ पर घिसने से कालिख नही आती , और इस पर स्वर्णिम आभा आने साथ सम्पूर्ण ब्रह्मांड के दिव्य रंग अपने आप आते हैं , यही असली और शुद्ध पारद शिवलिंग की पहचान है।

👉 ​वास्तु दोष निवारण का कारण

​ऊर्जा का ऊर्ध्वगमन: शुद्ध पारद शिवलिंग घर की 'ब्रह्मस्थान' की ऊर्जा को संतुलित करता है। यदि घर के किसी कोने (जैसे नैऋत्य या ईशान) में दोष है, तो पारद की उच्च आवृत्ति (High Frequency) उन नकारात्मक तरंगों को बेअसर कर देती है।

​ग्रह पीड़ा शांति: पारद को सभी नौ ग्रहों का नियंत्रक माना गया है। इसकी उपस्थिति मात्र से घर का औरा (Aura) शुद्ध होता है, जिससे दिशाओं के स्वामी प्रसन्न रहते हैं।

​अभय और आरोग्य: शुद्ध पारद शिवलिंग 'शिव-शक्ति' का संयुक्त रूप है, जो घर में आरोग्य प्रदान करता है और किसी भी प्रकार की ऊपरी बाधा या तांत्रिक दोष को टिकने नहीं देता।

👉 ​अशुद्ध और मिलावटी शिवलिंग: विनाशकारी प्रभाव

​आजकल बाजार में व्यवसायिक लाभ के लिए पारद में जस्ता (Zinc), रांगा (Tin) या सिक्का (Lead) जैसी धातुओं का मिश्रण कर उसे जमा दिया जाता है।

​अशुद्धता की पहचान और खतरे

​घर्षण परीक्षण: यदि शिवलिंग को हथेली पर रगड़ने से काली स्याही (कालिख) आती है, तो वह निश्चित रूप से सीसा (Lead) या जस्ता मिश्रित है।

* ​वास्तु दोष में वृद्धि:-
आयुर्वेद और रसाचार्यों के अनुसार, सीसा और जस्ता "तामसिक" और "विषैली" धातुएं हैं। ऐसा शिवलिंग घर की सकारात्मक ऊर्जा को सोखने लगता है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह पूरे घर मे फैला देता है जिसके फल स्वरूप बीमारियां, मानसिक तनाव और कलह पैदा करता है।

* ​वंश वृद्धि में बाधा:-
अशुद्ध पारद के संपर्क से घर के पुरुषों और संतान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से वंश की वृद्धि में बाधा आती है , गुणहीन और ईश्वर में विश्वाश न करने वाली संताने पैदा होती हैं ।

* ​आर्थिक पतन:-
जहाँ अशुद्ध पारद शिवलिंग होता है, वहाँ दरिद्रता का वास होने लगता है क्योंकि वह शिवलिंग 'दोष' युक्त है, 'देव' युक्त नहीं। इस शिवलिंग की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव साधक के मन पर पड़ता है जिसकी वजह से कामकाज भी प्रभावित होता है और आर्थिक पतन का कारण बनता है ।

* ​स्वास्थ्य हानि:-
सीसा और रांगा युक्त शिवलिंग की पूजा या उसका स्पर्श करने से भी कैंसर जैसी असाध्य व्याधियां दे सकता है।

​दोषपूर्ण शिवलिंग को हटाने की शास्त्रीय विधि:-

​यदि अनजाने में दोषपूर्ण शिवलिंग की स्थापना हो गई है और दुष्प्रभाव दिख रहे हैं, तो उसे तत्काल ससम्मान हटाना चाहिए:-

​क्षमा प्रार्थना:-
सबसे पहले भगवान शिव से अपनी अज्ञानता के लिए क्षमा मांगें।

​विसर्जन:-
दोषपूर्ण शिवलिंग को किसी पवित्र नदी या बहते जल में विसर्जित कर दें। इसे कहीं भी फेंकना नहीं चाहिए।

​शुद्धिकरण:-
शिवलिंग हटाने के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें और महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जप करते हुए हवन करें ताकि बची हुई नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाए।

👉 ​असली पारद के अभाव में विकल्प (सात्विक उपाय):-

​असली पारद शिवलिंग बनाना एक अत्यंत जटिल और खर्चीली प्रक्रिया है। यदि आप शुद्ध पारद शिवलिंग प्राप्त करने में असमर्थ हैं, तो नकली शिवलिंग रखकर जोखिम उठाने के बजाय निम्नलिखित सात्विक उपाय करें:

​नर्मदेश्वर शिवलिंग:-
नर्मदा नदी से निकले प्राकृतिक पत्थर के शिवलिंग (बाणलिंग) की स्थापना करें। इन्हें प्राण-प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती और ये स्वतः सिद्ध होते हैं। यह वास्तु दोष निवारण का सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है।

​स्फटिक शिवलिंग:-
मानसिक शांति और आर्थिक उन्नति के लिए शुद्ध स्फटिक का शिवलिंग अत्यंत शुभ होता है।

​मिट्टी का पार्थिव पूजन:-
प्रतिदिन मिट्टी का शिवलिंग बनाकर पूजा करें और अगले दिन विसर्जित कर दें। यह शास्त्रों में सर्वश्रेष्ठ फलदायी बताया गया है।

​वास्तु पुरुष यंत्र:-
घर के मुख्य द्वार या ब्रह्मस्थान पर तांबे से बना हुआ 'वास्तु दोष निवारण यंत्र' की शास्त्रीय स्थापना करवाएं।

​निष्कर्ष: शास्त्र स्पष्ट कहते हैं कि "दोषयुक्त प्रतिमा त्याज्या" अर्थात दोषपूर्ण प्रतिमा का त्याग ही उचित है। भक्ति भाव प्रधान है, किंतु यंत्र और तत्वों के विज्ञान में शुद्धता अनिवार्य है। यदि सामर्थ्य न हो तो सरल और प्राकृतिक शिवलिंग की शरण लेना ही श्रेयस्कर है।

🙏​ॐ नमः शिवाय 🙏

Anika rudraksh and James
☎️ 099998 64207

19/04/2026

‼️सरस्वती कवच ​​‼️
तीन खास रुद्राक्ष का एक पवित्र मेल है: 4 मुखी, 6 मुखी और गणेश रुद्राक्ष, जिसे खास तौर पर एकेडमिक परफॉर्मेंस, दिमागी विकास और क्रिएटिव सफलता को बढ़ाने के लिए बनाया गया है।
-4 मुखी रुद्राक्ष (देवी सरस्वती/ब्रह्मा): याददाश्त, फोकस और इंटेलिजेंस को बढ़ाता है।
-6 मुखी रुद्राक्ष (भगवान कार्तिकेय): विलपावर, कॉन्संट्रेशन और मेंटल फोकस को बेहतर बनाता है।
-गणेश रुद्राक्ष (भगवान गणेश): रुकावटों को दूर करता है, कॉन्संट्रेशन में सुधार करता है और दिमागी स्पष्टता देता है।
कुल फायदे: स्ट्रेस, डिप्रेशन और कम्युनिकेशन की दिक्कतों को दूर करने में मदद करता है। यह एकेडमिक परफॉर्मेंस और आर्टिस्टिक स्किल्स को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। यह शिक्षा, करियर या क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए भगवान गणेश की एनर्जी का आह्वान करता है। यह कम्युनिकेशन और दिमागी ताकत को कंट्रोल करने वाले Mercury (बुध) और Venus (शुक्र) के बुरे असर को कम करता है।

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13/04/2026

‼️स्फटिक शिवलिंग ‼️
(क्रिस्टल शिवलिंग) का दर्शन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली माना जाता है। इसे भगवान शिव का शुद्ध और सात्विक स्वरूप माना जाता है। नीचे इसके प्रमुख लाभ सरल भाषा में दिए गए हैं:
🔱 स्फटिक शिवलिंग कैसा होता है
स्फटिक शिवलिंग पारदर्शी (transparent) क्वार्ट्ज पत्थर से बना होता है, जो शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।
✨ स्फटिक शिवलिंग दर्शन के लाभ
1. मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति
स्फटिक शिवलिंग का दर्शन करने से मन शांत होता है और तनाव, चिंता कम होती है। यह ध्यान (meditation) में भी सहायक माना जाता है।
2. नकारात्मक ऊर्जा का नाश
यह माना जाता है कि स्फटिक शिवलिंग आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और वातावरण को पवित्र बनाता है।
3. धन और समृद्धि में वृद्धि
नियमित दर्शन और पूजा से घर में लक्ष्मी का वास होता है और आर्थिक स्थिति बेहतर होती है।
4. स्वास्थ्य लाभ
कहा जाता है कि यह शरीर की ऊर्जा को संतुलित करता है और कई प्रकार की मानसिक व शारीरिक समस्याओं में लाभ देता है।
5. आध्यात्मिक उन्नति
भगवान शिव की कृपा से साधक का मन भक्ति और ध्यान में लगने लगता है, जिससे आत्मिक विकास होता है।
6. ग्रह दोषों से राहत
ज्योतिष के अनुसार, स्फटिक शिवलिंग की पूजा करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं।
🕉️ पूजा का सरल तरीका
सुबह स्नान करके शिवलिंग के सामने दीप जलाएं
जल या दूध अर्पित करें
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें
बिल्व पत्र चढ़ाना शुभ माना जाता है

👉 नोट:- हमारे यहां सभी प्रकार के शिवलिंग उपलब्ध है।
सिद्ध एवं अभिमंत्रित
☎️ 099998 64207

Photos from Anika Rudraksh and Gems 's post 09/04/2026

हमारे यहां सभी प्रकार के सिद्ध एवं अभिमंत्रित यन्त्र उपलब्ध है।
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🕉️ हथ्था जोड़ी (Hattha Jodi) 🕉️

हथ्था जोड़ी भारतीय तांत्रिक परंपराओं में एक अत्यंत रहस्यमय और शक्तिशाली मानी जाने वाली वस्तु है। इसका स्वरूप दो जुड़े हुए हाथों जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे “Hattha Jodi” कहा जाता है।

वनस्पति विज्ञान में इसे सामान्यतः Bryonia laciniosa की जड़ से संबंधित माना जाता है, जबकि कुछ परंपराओं में इसे Martynia annua (Devil’s Claw Plant) की जड़ का विशेष रूप बताया जाता है।

तांत्रिक मान्यताओं के अनुसार यह वस्तु attraction, protection और authority energy को सक्रिय करने के लिए प्रयोग की जाती है।

1. (दैवी प्रतीकात्मकता)
हथ्था जोड़ी का आकार दो जुड़े हुए हाथों की तरह होता है।
तांत्रिक प्रतीकवाद में यह कई अर्थों को दर्शाता है:
* – ऊर्जा को बुलाने की क्षमता
* स्त्री और पुरुष ऊर्जा का संतुलन
* परिस्थितियों को अपने पक्ष में करने का प्रतीक

कुछ तांत्रिक परंपराओं में इसे देवी Chamunda या Bagalamukhi की शक्ति से भी जोड़ा जाता है।

2. (आकर्षण और प्रभाव)
तांत्रिक मान्यता के अनुसार Hattha Jodi को attraction talisman के रूप में प्रयोग किया जाता है।

इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताएँ:
व्यक्तित्व की magnetic aura को मजबूत करना
सामाजिक और व्यावसायिक प्रभाव बढ़ाना
लोगों पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करना
इसी कारण इसे कई लोग prosperity charm या success talisman के रूप में भी रखते हैं।

3. Protection & Energetic Shield (रक्षा कवच)
Hattha Jodi को कई तांत्रिक परंपराओं में protective occult object माना जाता है।

लोक मान्यताओं के अनुसार यह:
negative intention से रक्षा करता है
evil eye और psychic attack से सुरक्षा देता है
personal energy field को stabilize करता है
कुछ साधक इसे protective amulet की तरह लाल कपड़े में रखकर सुरक्षित स्थान पर रखते हैं।

4. Ta***ic Ritual Applications (तांत्रिक प्रयोग)
तांत्रिक साधनाओं में का प्रयोग विशेष अनुष्ठानों में किया जाता है।

परंपरागत उपयोग:
👉 Mantra Charging
साधक विशेष मंत्रों द्वारा इसे energize करते हैं ताकि यह talisman की तरह कार्य करे।

👉 Prosperity Rituals
धन और व्यापार वृद्धि के लिए इसे पूजा स्थान या तिजोरी में रखा जाता है।

👉 Authority Enhancement
कुछ साधनाओं में इसे leadership और influence energy के प्रतीक के रूप में उपयोग किया जाता है।

5. Elemental & Energetic Symbolism
Element: Earth
Energy Nature: Attraction & Stabilization

Earth element से जुड़ाव इसे grounding energy object माना जाता है।

👉 Psychological & Symbolic Insight

यदि इसे प्रतीकात्मक दृष्टि से समझें तो Hattha Jodi:

human intention का physical anchor

confidence और authority का प्रतीक

cultural ritual psychology का उदाहरण

इस प्रकार यह वस्तु व्यक्ति के मन में self-belief और protective mindset को भी मजबूत कर सकती है।

निष्कर्ष
हथ्था जोड़ी (Hattha Jodi) भारतीय तांत्रिक परंपराओं में attraction, protection और influence energy का प्रतीक मानी जाती है।

हालाँकि इसके प्रयोग से जुड़े कई रहस्य और परंपराएँ गुरु-परंपरा के माध्यम से ही सिखाई जाती हैं।

नोट: यह विवरण सांस्कृतिक और पारंपरिक अध्ययन के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। किसी भी तांत्रिक अनुष्ठान को बिना योग्य गुरु या मार्गदर्शन के करना उचित नहीं माना जाता।
🪔 सिद्ध हथ्था जोड़ी प्राप्त करने हेतु संपर्क करे🙏

**ra

05/04/2026

In numerology, Ruling Number 3 is governed by Jupiter (Guru) - the planet of wisdom, growth, knowledge, and abundance.

People with this number are naturally creative, expressive, optimistic, and visionary, but sometimes they may struggle with lack of focus, self-doubt, or scattered energy.

In the Crystal Resonance Alignment System, the Ruling Number 3 Bracelet is designed with crystals that help balance Jupiter’s energy - supporting creativity, confidence, clarity, and prosperity.

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When your energy aligns with Jupiter’s wisdom, opportunities and growth begin to flow naturally.

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04/04/2026

🤍✨ मोती रत्न (Pearl / Moti) – चंद्रमा की शांति और सौभाग्य का प्रतीक! ✨🤍

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🌙 मोती रत्न के फायदे:
• मन में शांति और संतुलन बढ़ाए
• रिश्तों में प्रेम और मधुरता लाए
• क्रोध और तनाव कम करे
• अच्छी नींद और मानसिक स्थिरता दे
• चंद्रमा को मजबूत बनाकर सौभाग्य बढ़ाए

04/04/2026

Sphatik Shivling brings peace, prosperity, positivity, health, harmony, mental clarity, spiritual growth & protection from negativity. Perfect for meditation, healing & wealth attraction.

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04/04/2026

❤️🪸 मूंगा रत्न (Coral / Moonga) – मंगल की ऊर्जा और साहस का प्रतीक! 🪸❤️

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🔥 मूंगा रत्न के फायदे:
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• ऊर्जा और स्टैमिना में सुधार करे
• भय और नकारात्मकता दूर करे
• करियर और रिलेशनशिप में स्थिरता लाए
• मंगल ग्रह को मजबूत बनाए

03/04/2026

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