Observer Post Hindi
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Observer Post एक स्वतंत्र मीडिया संस्थान है जो आपको वो कहानियां दिखाता है जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया अक्सर अनसुना कर देती हैं। हम अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी हक़ीक़त, ज़मीनी रिपोर्ट, मौजूदा हालात, सामाजिक न्याय और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर केंद्रित हैं
हरिद्वार में वेज बिरयानी का नाम बदलकर वेज पुलाव किए जाने के फैसले ने नई बहस छेड़ दी है। संत समाज का तर्क है कि “बिरयानी” शब्द तीर्थ नगरी की संस्कृति के अनुरूप नहीं है, जबकि इतिहास बताता है कि बिरयानी और पुलाव दोनों ही शब्द फ़ारसी मूल से जुड़े हैं। इस विवाद के बीच सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या नाम बदलने जैसी बहसों से अधिक ध्यान उत्तराखंड की महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार, पर्यावरणीय संकट और अंकिता भंडारी जैसे मामलों पर नहीं दिया जाना चाहिए।
यूपी के शामली में कथित धर्मांतरण और लव जिहाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गिरफ्तार की गई चांदनी कुरैशी और उनके पिता के समर्थन में सामने आए आयुष मलिक ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम स्वीकार किया और निकाह भी अपनी सहमति से किया था। वहीं परिवार और पुलिस इसे सुनियोजित धर्मांतरण का मामला बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस जारी है, जबकि पुलिस एसआईटी के जरिए पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
महंगाई पर सरकार के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच बढ़ती दूरी पर सवाल उठ रहे हैं। तीन महीनों में दूसरी बार एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा की कई जरूरी चीजें भी महंगी हुई हैं। सरकार का कहना है कि भारत में महंगाई अन्य देशों की तुलना में नियंत्रित है, लेकिन आम लोगों का कहना है कि उनकी आय के मुकाबले खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच अर्थव्यवस्था की विकास दर के अनुमान में कटौती और महंगाई बढ़ने की आशंका ने लोगों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
“हम सरकार को भी ये फूल दे देंगे अगर सरकार हमारी मांगे पूरी कर दे तो” - नेहा सिंह भारती
जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान एक प्रतिभागी ने कुछ यूट्यूब चैनलों और कंटेंट क्रिएटर्स पर आंदोलन को भटकाने और गंभीर छात्र मुद्दों को हल्के में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों का भविष्य है, लेकिन कुछ लोग केवल वायरल कंटेंट और व्यूज़ के लिए प्रदर्शनकारियों से भ्रामक सवाल पूछ रहे हैं।
उन्होंने शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। वक्ता ने यह भी कहा कि शिक्षा केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने सरकार से छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताई।
कड़ी गर्मी और तेज धूप के बावजूद प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जवाबदेही की मांग उठाई और कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदार लोगों को उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए। कई प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों को फूल भेंट करने की भी कोशिश की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और विभिन्न विश्वविद्यालयों के युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए तथा शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
सावरकर के नाम पर CJP प्रदर्शन स्थल के बाहर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का हंगामा
CJP के प्रदर्शन के दौरान पहुंचे एक हिंदुत्व संगठन से जुड़े कुछ युवकों ने प्रदर्शनकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और बिना कोई सबूत पेश किए उमर खालिद तथा अन्य लोगों का नाम लेते हुए विवादित दावे किए। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं और आयोजकों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। जब आरोपों के आधार के बारे में पूछा गया, तो वे कोई ठोस प्रमाण नहीं दे सके।
इस दौरान Observer Post की पत्रकार पाटेश्वरी सिंह ने उनसे विस्तार से बातचीत की और उनके आरोपों पर सवाल किए। बातचीत में युवकों ने कई दावे किए, लेकिन उनके समर्थन में कोई स्पष्ट साक्ष्य पेश नहीं किया। उल्लेखनीय है कि यह प्रदर्शन मुख्य रूप से शिक्षा और सामाजिक मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था।
‘भीड़ नहीं है’ कहने वालों को जवाब? जंतर-मंतर पर उमड़ा Gen Z का जनसैलाब
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