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inTRM Solutions Pvt Ltd, co-founded by highly experienced Industry professionals is headquartered in New Delhi India, is a fastest growing solution provider in the field of Education, IT, Consulting and Event Management. We have continuously expanded our operation and currently operate in all major cities of India. With efforts of a strong team of committed, dedicated and highly trained technical
कैंपस इंटरव्यू सक्सेस के 6 मंत्र
कैंपस इंटरव्यू जॉब पाने की पहली सीढी होती है, लेकिन यह आखिरी सीढी भी नहीं है। कैंपस इंटरव्यू का सीक्रेट है कॉन्फिडेंस, कम्युनिकेशन स्किल्स, एटिकेट्स और पॉजिटिविटी। इसके अलावा कुछ टिप्स और ट्रिक्स हैं, जिन्हें फॉलो करके आप इसमें सक्सेस पा सकते हैं।
फील्ड की नॉलेज
कोई भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है। कुछ न कुछ कमियां सभी में होती हैं। हमें जिस फील्ड में जाना है, उसकी कंप्लीट नॉलेज हो। उससे जुडे स्पेशलाइज्ड एरिया के बारे में भी इनफॉर्मेशन होनी चाहिए। कैंपस इंटरव्यू में इससे रिलेटेड क्वैश्चंस जरूर पूछे जाएंगे। इंटरव्यू में आपके वीक प्वाइंट्स भी पूछे जा सकते हैं। किसी तरह का संकोच न करें, जो भी हो, खुलकर बता दें। कई बार जिन आंसर्स को हम निगेटिव समझते हैं, वही जॉब दिलाने में पॉजिटिव रोल अदा कर देते हैं।
कॉन्फिडेंस का गेम
कैंपस इंटरव्यू कॉन्फिडेंस पर डिपेंड करता है। सब्जेक्ट से रिलेटेड क्वैश्चंस से सामना तो होगा ही, साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किस सेक्शन में आप कन्फ्यूज हैं। किसी क्वैश्चन का आंसर देते वक्त कॉन्फिडेंस लूज होता है, तो इंटरव्यूवर समझ जाएगा कि यही आपका वीक प्वाइंट है। जो आंसर न आता हो, उसके लिए सॉरी कह दें।
ब्रेन को करें एनॉलाइज
इंटरव्यू में केवल नॉलेज ही जज नहीं की जाएगी। कैंपस इंटरव्यू में इंटरव्यूवर का मेन फोकस आपके बिहैवियर पर रहेगा। बिहैवियर बेटर करने के लिए खुद ही अपने ब्रेन को एनॉलाइज करें। कहीं आप बहुत एग्रेसिव तो नहीं होते हैं? कम्युनिकेशन के वक्त आंखें शब्दों का साथ देती हैं कि नहीं? जिन शब्दों को यूज करते हैं, वे सोसायटी को स्वीकार हैं भी हैं या नहीं?
क्वैश्चन क्लियर करें
कैंपस इंटरव्यू में क्वैश्चंस को लेकर इंटरव्यूवर सॉफ्ट रहते हैं। वे जानते हैं यह अधिकतर स्टूडेंट्स का पहला इंटरव्यू है। अगर पूछा गया कोई क्वैश्चन क्लियर नहीं हो रहा है, तो उसके बारे में पूछ सकते हैं। देखिएगा वह आपको उस क्वैश्चन से रिलेटेड कोई क्लू दे देगा। जैसे ही क्लू मिले, उस क्वैश्चन का तुरंत राइट आंसर दे दें।
योर बिग अचीवमेंट
आपका सबसे बडा अचीवमेंट क्या है? इस क्वैश्चन के जवाब में अधिकतर लोग एजुकेशन से रिलेटेड एक्सपीरियंस ही बताएंगे। कुछ ही स्टूडेंट्स होंगे जो सोशल एक्टिविटीज या ह्यूमनिटीज जैसे फील्ड से जुडे पहलू पैनल से शेयर करेंगे। गुड और बैड का डिसीजन इस बेस पर होगा कि किस काम से ज्यादा लोगों को बेनिफिट मिला है।
बेसिक्स पर नो कंप्रोमाइज
कैंपस इंटरव्यू में इंटरव्यूवर जानते हैं कि ज्यादातर स्टूडेंट्स इसके लिए पूरी तरह प्रिपेयर नहीं हैं। फिर भी बेसिक्स तो बेसिक्स ही होते हैं। सब्जेक्ट की थ्योरिकल नॉलेज में यहां कंप्रोमाइज नहीं किया जाएगा। खासतौर पर बेसिक्स के आंसर गलत दिए तो मामला बिगड सकता है। प्रैक्टिकल नॉलेज से कुछ कंप्रोमाइज किया जा सकता है।
एक्सपर्ट ओपिनियन
कैंपस सलेक्शन में कैंडिडेट की नॉलेज को अधिक इंपॉर्टेस नहीं दी जाती है। ज्यादातर स्टूडेंट्स का यह पहला या दूसरा चांस ही होता है। वे अन-एक्सपीरियंस्ड होते हैं। यह बात रिक्रूट करने वाली कंपनियां भी जानती हैं। सलेक्शन में स्टूडेंट्स के कॉन्फिडेंस, एटिकेट्स और पॉजिटिव अप्रोच पर मार्क्स दिए जाते हैं। कॉन्फिडेंस नहीं है, तो वे भला कैसे आगे बढेंगे।
Manoj Dafouti -It Expert
फेल्योर : द रोड ऑफ अचीवमेंट
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एक स्टूडेंट की लाइफ में पर्सनल स्किल्स की जरूरत हमेशा महसूस की जाती है, क्योंकि कहीं न कहीं यही स्किल्स जॉब दिलाने में मेन रोल अदा करती हैं। इन स्किल्स की हेल्प से ही पर्सनैलिटी डेवलपमेंट भी होता है। पर्सनल स्किल्स सेल्फ ग्रूमिंग में भी इंपॉर्टेट रोल अदा करती है, लेकिन मेरा मानना है कि इन स्किल्स के साथ ही स्टूडेंट्स को अपनी लाइफ स्किल्स पर भी ध्यान देना चाहिए। समय को देखते हुए आज के यूथ को इसकी जरूरत है। इग्नू में कुछ इसी तरह की स्किल्स को डेवलप करने के लिए कई तरह के शार्टटर्म कोर्सेज चलाए जा रहे हैं।
मेक एन आइडियल
लाइफ में सक्सेस हासिल करनी है, तो सबसे पहले उन सक्सेसफुल लोगों के बारे में इन्फॉर्मेशन लेनी होगी, जो सोसायटी के लिए आदर्श बन चुके हैं। ऐसे बहुत से लोग तलाशने पर आपको मिल जाएंगे। इन्हीं में से कुछ को अपना आइडियल बनाएं। उनके स्ट्रगल को देखें, उनकी स्किल्स से सीखें। उन्हें अपनी लाइफ में उतारें। आपमें खुद-ब-खुद चेंज आने लगेगा। हर सक्सेसफुल इंसान की ग्रोथ की स्टोरी कहीं न कहीं इसी तरह से शुरू होती है।
क्वैश्चन योर सेल्फ
हमारे एजुकेशन सिस्टम में साइंटिफिक तरीके से स्टूडेंट्स की स्किल्स को जज नहीं किया जाता है। यही कारण है कि यहां हमेशा ट्रायल एंड एरर चलता रहता है। स्टूडेंट्स अपनी पर्सनल स्किल्स को जानना चाहते हैं, तो सबसे पहले उन्हें खुद से क्वैश्चन करना होगा कि वे ऐसा कौन सा काम कर सकते हैं, जो उनके और सोसायटी के लिए यूजफुल साबित हो सकता है। किस तरह का वर्क करके वे सोसायटी को लीड कर सकते हैं? निश्चित रूप से अपने आप से क्वैश्चन करने पर पता चल जाएगा कि आप में म्यूजिशियन, स्पोर्ट्समैन, मैनेजमेंट या एडमिनिस्ट्रेशन जैसी कौन सी क्वॉलिटी है। इसमें आप चाहें तो किसी फ्रेंड या फैमिली मेंबर की हेल्प भी ले सकते हैं, लेकिन फाइनल डिसीजन आपका ही होना चाहिए।
हार्ड वर्क से सक्सेस
सक्सेस हार्डवर्क का ही रिजल्ट होती है। अगर आप लगातार मेहनत करेंगे, तो यह मिलेगी ही। लाइफ में कभी प्रयास बंद न करें। आज जितनी भी बडी हस्तियां हैं, सक्सेस के लिए उन्हें भी संघर्ष करना पडा। ये सभी सोसायटी को नई राह इसीलिए दे सके, क्योंकि ये तमाम तकलीफों के बाद भी अपने मूल्यों पर अडिग रहे और नतीजतन समाज में अपनी पहचान दे सके। हमारी सोसायटी की एक विडंबना है कि यहां सक्सेस को ही सब कुछ माना जाता है, जबकि असफलताओं के महत्व को भी स्वीकारा जाना चाहिए क्योंकि बिना इसकी सीढी के सक्सेस तक पहुंचना शायद पॉसिबल ही नहीं है।
रोल ऑफ कॉन्फिडेंस
कई बार स्टूडेंट्स अपने वर्क को बीच में ही अधूरा छोड देते हैं। इस सिचुएशन से बचने के लिए जो भी वर्क करें वह कॉन्फिडेंस, पेशेंस और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। वर्क करते समय इस बात को कभी न भूलें कि हम उस संस्कृति से जुडे हैं, जहां सेवा और त्याग को हमेशा प्रॉयरिटी दी गई है। आपको भी ऐसा ही टॉरगेट अपनी लाइफ के लिए बनाना है।
कल्चर और टेक्नोलॉजी
किसी भी संस्कृति के डेवलपमेंट में टेक्नोलॉजी का रोल रहता है। स्टूडेंट इस बात को समझते हुए संस्कृति के डेवलपमेंट में भी अपना योगदान दें। अच्छी एजुकेशन हासिल करने का उद्देश्य केवल सेल्फ डेवलपमेंट नहीं, बल्कि कल्चर और सोसायटी दोनों का डेवलपमेंट होना चाहिए।
07/11/2013
http://www.hindustantimes.com/india-news/newdelhi/modi-gives-it-a-new-meaning/article1-1029876.aspx
Modi gives IT a new meaning - Hindustan Times Describing Internet as a 'gamechanger', Gujarat chief minister Narendra Modi today said politicians ought to use technology for bringing in good governance, accountability and transparency as well as reaching out to the people.
07/11/2013
http://www.youtube.com/watch?v=hBqxukW3qt8
WES 2013 Shri Kapil Sibal, Minister of Communications & Information Technology, Government of India
07/11/2013
http://www.youtube.com/watch?v=Eo06iyOZjLM
Information Technology (IT) Jobs http://zerotoprotraining.com This video explains job roles related to Information Technology IT
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