Swastik Education

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07/10/2025

30/09/2025

एक बार 94 साल के एक बूढ़े व्यक्ति को मकान मालिक ने किराया न दे पाने के कारण उसे मकान से निकाल दिया। बूढ़े व्यक्ति के पास एक पुराना बिस्तर, कुछ एल्युमीनियम के बर्तन, एक प्लास्टिक की बाल्टी और एक मग आदि के अलावा शायद ही कोई और सामान था। बूढ़े ने मालिक से किराया देने के लिए कुछ समय देने का अनुरोध किया। पड़ोसियों को भी बूढ़े आदमी पर दया आयी और उनके कहने पर मकान मालिक को किराए का भुगतान करने के लिए उस बूढ़े आदमी को कुछ दिनों की मोहलत देने के लिए मना लिया।

वह बूढ़ा आदमी अपना सामान अंदर ले गया। रास्ते से गुजर रहे एक पत्रकार ने रुक कर यह सारा नजारा देखा। उसने सोचा कि यह मामला उसके समाचार पत्र में प्रकाशित करने के लिए उपयोगी होगा। उसने एक शीर्षक भी सोच लिया,

”क्रूर मकान मालिक, बूढ़े को पैसे के लिए किराए के घर से बाहर निकाल देता है।”

फिर उसने किराएदार बूढ़े की और किराए के घर की कुछ तस्वीरें भी ले लीं।

पत्रकार ने जाकर अपने प्रेस मालिक को इस घटना के बारे में बताया। प्रेस के मालिक ने तस्वीरों को देखा और हैरान रह गए। उन्होंने पत्रकार से पूछा, कि क्या वह उस बूढ़े आदमी को जानता है?

पत्रकार ने कहा, नहीं।

अगले दिन अखबार के पहले पन्ने पर बड़ी खबर छपी। शीर्षक था,

”भारत के पूर्व प्रधान मंत्री गुलजारीलाल नंदा एक दयनीय जीवन जी रहे हैं”।

खबर में आगे लिखा था कि कैसे पूर्व प्रधान मंत्री किराया नहीं दे पाने के कारण कैसे उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया।

टिप्पणी की थी कि आजकल फ्रेशर भी खूब पैसा कमा लेते हैं। जबकि एक व्यक्ति जो दो बार पूर्व प्रधान मंत्री रह चुका है और लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री भी रहा है, उसके पास अपना ख़ुद का घर भी नहीं??

दरअसल गुलजारीलाल नंदा को वह स्वतंत्रता सेनानी होने के कारण रु. 500/- प्रति माह भत्ता मिलता था। लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इस पैसे को भी अस्वीकार कर दिया था, कि उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के भत्ते के लिए स्वतंत्रता की लड़ाई नहीं लड़ी। बाद में दोस्तों ने उसे यह स्वीकार करने के लिए विवश कर दिया कि उनके पास जीवन यापन का अन्य कोई स्रोत नहीं है। अतः वो इसी पैसों से वह अपना किराया देकर गुजारा करते थे।

अगले दिन तत्कालीन प्रधान मंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को वाहनों के बेड़े के साथ उनके घर भेजा। इतने वीआइपी वाहनों के बेड़े को देखकर मकान मालिक दंग रह गया। तब जाकर उसे पता चला कि उसका किराएदार कोई और नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री गुलजारीलाल नंदा जी हैं जो दो दो बार भारत के पूर्व प्रधान मंत्री रह चुके हैं।

मकान मालिक अपने दुर्व्यवहार के लिए तुरंत गुलजारीलाल नंदा जी के चरणों में झुक गया। अधिकारियों और वीआईपीयों ने गुलजारीलाल नंदा से सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं को स्वीकार करने का अनुरोध किया। श्री गुलजारीलाल नंदा ने इस बुढ़ापे में ऐसी सुविधाओं का क्या काम, यह कह कर उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

और अंतिम श्वास तक वे एक सामान्य नागरिक की तरह, एक सच्चे स्वतंत्रता सेनानी बन कर ही रहे। 1997 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व एच डी देवगौड़ा के मिलेजुले प्रयासो से उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

पिछले 10 जून को उनकी 26 वीं पुण्यतिथि थी, पर शायद किसी व्यक्ति को स्मरण रहा हो। 😥

दिल्ली-एनसीआर में बढ़े H3N2 फ्लू के मामले, इन लोगों में रहता है इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा 30/09/2025

दिल्ली-एनसीआर में बढ़े H3N2 फ्लू के मामले, इन लोगों में रहता है इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा दिल्ली-एनसीआर में फ्लू (H3N2 Infection in Delhi) के मामलों में काफी उछाल आया है। इसके पीछे H3N2 वायरस का हाथ है जो इन्फ्लूएंजा-ए का एक ....

19/09/2025
भगवद गीता के उपदेश 03/09/2025

भगवद गीता के उपदेश न केवल प्राचीन समय के लिए, बल्कि आज की दुनिया में भी गहरी प्रासंगिकता रखते हैं। श्री कृष्ण ने अर्जुन को जीवन के संघर्षों में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, अपने कर्तव्यों का पालन निर्भयता से करने और अपने कर्म पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा दी। गीता सिखाती है कि सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, बल्कि आत्मा की शांति और संतुलन में है। इन उपदेशों से हमें आत्म-नियंत्रण, धैर्य और परोपकार की भावना मिलती है।

भगवद गीता के उपदेश भगवद गीता के उपदेश आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने महाभारत के युद्ध में थे। भगवद गीता के उपदेश #...

माइग्रेन: दर्द से बचने के सरल उपाय 01/09/2025

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माइग्रेन: दर्द से बचने के सरल उपाय क्या आप माइग्रेन (Migraine) की तेज़ सिरदर्द से परेशान हैं? इस वीडियो में जानिए माइग्रेन से राहत पाने के 5 आसान और घरेलू उपा....

Yoga Guide 22/02/2024

Yoga is life. See video

Yoga Guide

17/02/2024

स्त्रियां...
बाथरूम मे जाकर कपड़े भिगोती हैं,
बच्चो और पति की शर्ट की कॉलर घिसती है,बाथरूम का फर्श धोती है ताकि चिकना न रहे,
फिर बाल्टी और मग भी मांजती है तब जाकर नहाती है
और तुम कहते हो कि स्त्रियां नहाने में कितनी देर लगातीं है।

स्त्रियां...
किचन में जाकर सब्जियों को साफ करती है,तो कभी मसाले निकलती है।बार बार अपने हाथों को धोती है,आटा मलती है,बर्तनों को कपड़े से पोंछती है।
वही दही जमाती घी बनाती है
और तुम कहते हो खाना में कितनी देर लगेगी ???

स्त्रियां...
बाजार जाती है।एक एक सामान को ठहराती है,अच्छी सब्जियों फलों को छाट ती है,पैसे बचाने के चक्कर में पैदल
चल देती है,भीड में दुकान को तलाशती है।
और तुम कहते हो कि इतनी देर से क्या ले रही थी ???

स्त्रियां...
बच्चो और पति के जाने के बाद चादर की सलवटे सुधारती है,सोफे के कुशन को ठीक करती है,सब्जियां फ्रीज में रखती है,कपड़े घड़ी प्रेस करती है,राशन जमाती है,पौधों में पानी डालती है,कमरे साफ करती है,
बर्तन सामान जमाती है,और तुम कहते हो कि
दिनभर से क्या कर रही थी ???

स्त्रियां...
कही जाने के लिए तैयार होते समय कपड़ो को उठाकर लाती है,दूध खाना फ्रिज में रखती है बच्चो को दिदायते देती है,नल चेक करती है,दरवाजे लगाती है,
फिर खुद को खूबसूरत बनाती है ताकि तुमको अच्छा लगे और तुम कहते हो कितनी देर में तैयार होती हो।

स्त्रियां...
बच्चो की पढ़ाई डिस्कस करती,खाना पूछती,
घर का हिसाब बताती,रिश्ते नातों की हालचाल बताती,
फीस बिल याद दिलाती और तुम कह देते कि कितना बोलती हो।

स्त्रियां...
दिनभर काम करके थोड़ा दर्द तुमसे बाट देती है,
मायके की कभी याद आने पर दुखी होती है,
बच्चों के नंबर कम आने पर परेशान होती है,
थोड़ा सा आसू अपने आप आ जाते है,
मायके में ससुराल की इज़्ज़त,ससुराल में मायके की बात को रखने के लिए कुछ बाते बनाती और तुम कहते हो की स्त्रियां कितनी नाटकबाज होती है।

पर स्त्रियां फिर भी तुमसे ही सबसे ज्यादा प्यार करती है...

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