JoyMaker.In - Be Creative

JoyMaker.In - Be Creative

Share

Break your limits for joy, Enjoy full entertainment, art, and sports. Break the limits of your Joy. Enjoy Poetry, Story, Song, Shayri, and Art.

We are trying here to make some Smiles on Dull Faces. Share your creativity on [email protected] , We will publish that with your name. Are you ready to join us?

ॐ जय जगदीश हरे - Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics 19/09/2025

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics in Hindi

ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

जो ध्यावे फल पावे,दुःख बिनसे मन का,स्वामी दुःख बिनसे मन का ।सुख सम्पति घर आवे,सुख सम्पति घर आवे,कष्ट मिटे तन का ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

मात पिता तुम मेरे,शरण गहूं किसकी,स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।तुम बिन और न दूजा,तुम बिन और न दूजा,आस करूं मैं जिसकी ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

तुम पूरण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी,स्वामी तुम अन्तर्यामी ।पारब्रह्म परमेश्वर,पारब्रह्म परमेश्वर,तुम सब के स्वामी ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

तुम करुणा के सागर,तुम पालनकर्ता,स्वामी तुम पालनकर्ता ।मैं मूरख फलकामी,मैं सेवक तुम स्वामी,कृपा करो भर्ता॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

तुम हो एक अगोचर,सबके प्राणपति,स्वामी सबके प्राणपति ।किस विधि मिलूं दयामय,किस विधि मिलूं दयामय,तुमको मैं कुमति ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,ठाकुर तुम मेरे,स्वामी रक्षक तुम मेरे ।अपने हाथ उठाओ,अपने शरण लगाओ,द्वार पड़ा तेरे ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥

विषय-विकार मिटाओ,पाप हरो देवा,स्वमी पाप(कष्ट)

ॐ जय जगदीश हरे - Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे । भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥॥ - Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics

माँ शैलपुत्री आरती - Maa Shailputri Aarti Lyrics 19/09/2025

Maa Shailputri Aarti Lyrics in Hindi

शैलपुत्री माँ बैल असवार। करें देवता जय जयकार॥शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी॥

पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमर सो सुख पावे॥ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे सो धन्य करे तू॥

सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी॥उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिटा दो॥

घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के॥श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं॥

जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे॥मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो॥

Maa Shailputri Aarti Lyrics in English

Shailputri maa bail asvaar, Karein devta jai jaikaar.Shiv Shankar ki priya Bhavani, Teri mahima kisi ne na jaani.

Parvati tu Uma kahlaave, Jo tujhe simre so sukh paave.Riddhi-Siddhi parvaan kare tu, Daya kare so dhanya kare tu.

Somvaar ko Shiv sang pyaari, Aarti teri jisne utaari.Uski sagri aas puja do, Sagre dukh takleef mita do.

माँ शैलपुत्री आरती - Maa Shailputri Aarti Lyrics शैलपुत्री माँ बैल असवार। करें देवता जय जयकार॥ शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी॥ Maa Shailputri Aarti Lyrics

आरती कुंजबिहारी की - Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics (Hariharan) 19/09/2025

Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics in Hindi - Hariharan

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला,बजावै मुरली मधुर बाला ।श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला ।गगन सम अंग कांति काली,राधिका चमक रही आली ।लतन में ठाढ़े बनमालीभ्रमर सी अलक,कस्तूरी तिलक,चंद्र सी झलक,ललित छवि श्यामा प्यारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,देवता दरसन को तरसैं ।गगन सों सुमन रासि बरसै ।बजे मुरचंग,मधुर मिरदंग,ग्वालिन संग,अतुल रति गोप कुमारी की,श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,सकल मन हारिणि श्री गंगा ।स्मरन ते होत मोह भंगाबसी शिव सीस,जटा के बीच,हरै अघ कीच,चरन छवि श्रीबनवारी की,श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,बज रही वृंदावन बेनू ।चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनूहंसत मृदु मंद,चांदनी चंद,कटत भव फंद,टेर सुन दीन दुखारी की,श्री गिरिधर

आरती कुंजबिहारी की - Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics (Hariharan) आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ - Aarti Kunj Bihari Ki, Shri Girdhar Krishna Murari Ki ॥ Lyrics (Hariharan)

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - Mahishasura Mardini Stotram Lyrics (Aigiri Nandini) 19/09/2025

Mahishasura Mardini Stotram Lyrics in Hindi - Aigiri Nandini

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुतेगिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृतेजय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १ ॥

सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरतेत्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरतेदनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुतेजय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २ ॥

अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रियवासिनि हासरतेशिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमलय शृङ्गनिजालय मध्यगते ।मधुमधुरे मधुकैटभगञ्जिनि कैटभभञ्जिनि रासरतेजय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ३ ॥

अयि शतखण्ड विखण्डितरुण्ड वितुण्डितशुण्द गजाधिपतेरिपुगजगण्ड विदारणचण्ड पराक्रमशुण्ड मृगाधिपते ।निजभुजदण्ड निपातितखण्ड विपातितमुण्ड भटाधिपतेजय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ४ ॥

अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभृतेचतुरविचार धुरीणमहाशिव दूतकृत प्रमथाधिपते ।दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदुत कृतान्तमतेजय जय हे

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - Mahishasura Mardini Stotram Lyrics (Aigiri Nandini) महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम्, जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते - Mahishasura Mardini Stotram Lyrics (Aigiri Nandini)

Want your public figure to be the top-listed Public Figure in Delhi?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Our Story

This Page has been created for Sharing Quote, Poem, Poetry and Your beautiful text heart quoted Lines. who inspire and motivate you to grow and active in your life. this platform for you. If you also write then share with this page. that will update on our page with your name.

Category

Telephone

Address


Delhi
110015