Ayurvedic solution
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Ayurvedic solution, Medical and health, Delhi.
आयुर्वेदिक शुगर का सफल उपचार
गुड़मार पत्ती 20 ग्राम
नीम पत्ती 20 ग्राम
जामुन गिरी 20 ग्राम
गिलोय। 15 ग्राम
चांदी भस्म 10 ग्राम
लौह भस्म। 10 ग्राम
शुद्ध शिलाजीत 10 ग्राम
चने के बराबर की गोली बनाये सुबह शाम 1-1 गोली पानी के साथ ले
लाभ होगा ।।।
25/10/2019
संधि शोथ यानि "जोड़ों में दर्द" ( Arthritis / आर्थ्राइटिस) के रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाती है। इस रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है, इसलिए इस रोग को गठिया भी कहते हैं।
संधिशोथ सौ से भी अधिक प्रकार के होते हैं। अस्थिसंधिशोथ (osteoarthritis) इनमें सबसे व्यापक है। अन्य प्रकार के संधिशोथ हैं - आमवातिक संधिशोथ या 'रुमेटी संधिशोथ' (rheumatoid arthritis), सोरियासिस संधिशोथ (psoriatic arthritis)।
संधिशोथ में रोगी को आक्रांत संधि में असह्य पीड़ा होती है, नाड़ी की गति तीव्र हो जाती है, ज्वर होता है, वेगानुसार संधिशूल में भी परिवर्तन होता रहता है। इसकी उग्रावस्था में रोगी एक ही आसन पर स्थित रहता है, स्थानपरिवर्तन तथा आक्रांत भाग को छूने में भी बहुत कष्ट का अनुभव होता है। यदि सामयिक उपचार न हुआ, तो रोगी खंज-लुंज होकर रह जाता है। संधिशोथ प्राय: उन व्यक्तियों में अधिक होता है जिनमें रोगरोधी क्षमता बहुत कम होती है। स्त्री और पुरुष दोनों को ही समान रूप से यह रोग आक्रांत करता है।
अर्थराइटिस की समस्या से मुक्ति पाने के लिए हमसे संपर्क करे
16/10/2019
आज ही संपर्क करे।
16/10/2019
( सायटिका )
कमर से संबंधित नसों में से अगर किसी एक में भी सूजन आ जाए तो पूरे पैर में असहनीय दर्द होने लगता है, जिसे गृध्रसी या सायटिका (Sciatica) कहा जाता है। यह तंत्रिकाशूल (Neuralgia) का एक प्रकार है, जो बड़ी गृघ्रसी तंत्रिका (sciatic nerve) में सर्दी लगने से या अधिक चलने से अथवा मलावरोध और गर्भ, अर्बुद (Tumour) तथा मेरुदंड (spine) की विकृतियाँ, इनमें से किसी का दबाव तंत्रिका या तंत्रिकामूलों पर पड़ने से उत्पन्न होता है। कभी-कभी यह तंत्रिकाशोथ (Neuritis) से भी होता है
सायटिका का पक्का इलाज आयुर्वेद द्वारा हमारे यहाँ किया जाता है 1 हफ्ते में असर खुद देखे अधिक जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें ।
आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श
09/10/2019
Mere whats aap se judne ke liye cament me apna nambar de।।।।
धात रोग -solution
सफेद मूसली 50 ग्राम
शतावर 50 ग्राम
सालम मिश्री 50 ग्राम
सालम पंजा 50 ग्राम
तालमखाना 50 ग्राम
अकरकरा 50 ग्राम
रुमिमस्तगी 50 ग्राम
चाँदी भस्म 15 ग्राम
मोती भस्म 10 ग्राम
वंग भस्म 10 ग्राम
लेने की विधि 1ग्राम दवाई सुबह शाम गाये के दूध के सात
Whatsapp 8393853389
सनाय 100 ग्राम
चिरायता 150 ग्राम
सौफ 150 ग्राम
अजवाइन 150 ग्राम
आँवला 50 ग्राम
हरड़ 50 ग्राम
बेहड़ा 50 ग्राम
गुलाब 25 ग्राम
जीरा 10 ग्राम
इन सभी को कोट पीस कर रख ले आवश्कता होने पर 20 ग्राम पाउडर को 2 गिलास पानी में उबाले जब 1 गिलास बच जाये तो खाना खाने के बाद 15 दिन तक सेवन करे आप की पेट की समस्या समाप्त हो जायेगी
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Delhi