Whatyouhide.iwrite
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10/09/2024
किसी ने मुझसे पूछा,
ज़िंदगी क्या है?
मेने भी अपनी कविता की कुछ पंगति मै कहा,
मेने जन्म लिया,
पढ़ी, लिखी, बड़े हुए, काबिल हुए, मा-बाप् को खूब मान दिया,
इज्जत कमाई, और शादी हो गयी,
वहा अपने जीवनसाथी के साथ वो ज़िंदगी की शुरुआत की,
जिसको आज तक मा को बाबा के साथ निभाते देखा था,
बच्चे हुए, उन्हे पढ़ाया, बढ़ाया और अच्छे संस्कार देकर उन्ह्र बढ़ा किया,
वो आज काबिल हो गये,
वो तररकी कर गये,
और अपने अपने काम मे सेट हो गये,
आज ज़िंदगी के 60 सालो मे अपने पति को ज़िंदगी और मौत के बीच लड़ते देख रही हु मै,
और साथ है तो बस हम दोनो,
बच्चो को पढ़ाया, बढ़ाया, पर जहा एक झलक के लिए ज़िंदगी के आख़री पलो पर उनको याद किया
वो काम की वजह से आ नहीं पाये,
उन आख़री पलो मै उन्होंने मुझे देखा और आँखे दरवाजे तो देख कर खुली रह गयी,
दिल रोया उनका भी,
और मेरा चीख चीख कर,
ज़िंदगी क्यू ऐसी हो गयी,
किसी का साथ याद हो गयी,
ज़िंदगी इतनी बिजी हो गयी,
किसी के पिता की आख़री सांस रास्ता देखते निकल गयी..!!
जिनके आख़री पल बस अपने परिवार का साथ मांग रहे थे,
आज वो भगवान के पास चले गये..!!
ज़िंदगी चक्र है,
दिन रात मेहनत करते है की बैठ कर खाएगे पर एक दिन सब यही रह जाता है,
यहा अकेले आये थे और अकेले जाएंगे,
कभी नहीं सोचा था की ज़िंदगी के आख़री पलो मे,
खुद को अकेला पाएंगे..!!
From Sakshi's Diary
💯✌️
30/07/2024
Many thanks for giving me the opportunity.”
30/07/2024
Taking center stage and stealing the spotlight.....I am so thankful to for giving me this opportunity...✨
27/07/2024
23/05/2024
To mai khud ki baat karu to tum sabra rakhna,
Kyunki mujhe gussa bohot jaldi aata h,
Ho sakta hai tumhe kuch keh du,
To tum khud ko naram rakhna
Tum sabra rakhna
18/09/2023
"A poet is a liar who always speaks the truth.” —Jean Cocteau
Thank you so much to giving me the platform where i share my words
16/09/2023
Blessed ✨🧿
हर हर महादेव 🙏🏻✨
06/09/2023
पापा- The Bestest Man Who loves you beyond everything
पापा सबके जैसे नहीं थे,
पर वो सबसे खास थे,
बेशक़ कहते नही थे,
पर मेरे लिए उनकी आँखों मे बोहोत ख्वाब थे,
वो डांट नहीं लगाते थे मुझे,
बस चुप हो जाया करते थे,
मै कहती रहती थी पापा अभी बोहोत कुछ करना है,
कितने सपने थे..।।
धीरे धीरे तो सब संभाल रही थी ना,
तो क्यू इतनी जल्दी थी भगवान को,
गिन कर 3 महीने दिये जैसे इसमे सब जी लो,
और बुला लिया अपने पास उनको,
वो यहा नही है,
पर हर पल साथ है,
घर की चेयर, बालकनी सब पर वो नही है पर दिल के पास है,
वो दिल के बेहद साफ थे,
ख्वाब बोहोत थे, मेरी बेटी मेरा बेटा प्राउड से कहते कभी थकते नही थे,
शब्द शायद बेशक़ पूरे ना कर पाउ,
पर वो सबसे खास थे,
आखिर हमेशा से उनकी लाड़ली थी तो बस दिल के पास थे,
बचपन से अब तक वो सिर्फ हमारी ख़्वाईश ही तो पुरी करते थे,
पर जब हमारा वक़्त पाया उनकी ख्वाइः पूरी करने का,
तो क्यू वो भगवान के पास थे..।।
क्यू वो भगवान के पास थे..।। · · · · · · · ...
- papa
12/07/2022
Mom's love ❤
19/05/2022
"कैसे वो माँ- बाप बोझ हो जाते है,"
जो बचपन मे गिरने पर सबसे पहले उठाने आते है,
कैसे हम अपनी ज़िम्मेदआरियो मे इतने खो जाते है,
कि भूल कर मम्मी- पापा को हम अपनी दुनिआ बसाते है,
चार भाई दो बहने हो कर भी क्यू वो माँ बाप खुद को अकेला पाते है,
कि एक के भगवान के पास चले जाने पर दूसरे को रखने के लिए सबके बारी बारी से नंबर आते है,
ना जाने कैसे वो माँ- बाप बोझ हो जाते है,
वो बचपन इस कदर कहा गुजर गया,
एक थाली मे खाने वाला वक्त कहा चला गया,
वो भी एक वक्त था जब आगान मे शोर होता था,
आज वो आगान भी शांति से भरपूर हो गया,
दिल दुखता है देख सब इतना बदल गया,
अपनी अपनी ज़िन्दगी मे उलझ कर हर कोई माँ बाप को कैसे भूल गया,
पैसे नही बस प्यार चाइये उनको
बुढ़ापे मे कुछ नही बस साथ चाइये उनको,
बेशक अपनी जिम्मेदारी मे खो जाओ,
लेकिन छोड़ कर बुड्ढे माँ बाप कभी इतना दूर मत जाओ
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