Astro Rohit Rajasthani

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Astrologer & paranormal experts.

07/06/2023

सूर्य का गोचर कन्या राशि के दशम भाव में
होगी बल्ले बल्ले
रोजगार और नोकरी के प्रबल योग

06/06/2023

🌹जय श्री राधे🌹
🌹🌹कालसर्प दोष और उपाय🌹🌹

कालसर्प दोष का प्रभाव मुख्यतया 42 वर्ष की उम्र तक रहता है। अगर आप इस उम्र को पार कर चुके है तो यह स्वत: ही निष्क्रिय हो जाता है।

➡️कुंडली में कालसर्प दोष हो तो जातक को कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ता है. कालसर्प दोष होने पर व्यक्ति शारीरिक और आर्थिक रूप से हमेशा परेशान रहता है.कुछ जातकों को इस दोष की वजह से संतान संबंधी कष्ट भी उठाने पड़ते हैं. मतलब या तो वो संतानहीन रहता है या फिर संतान रोगी होती है. कालसर्प दोष होने पर जातक की नौकरी भी बार-बार छूटती रहती है और उसे कई कर्ज भी लेना पड़ जाता है. कुंडली में काल सर्प योग तो ज्योतिष की सलाह से इसका निवारण करना चाहिए.

🌹कालसर्प दोष निवारण पूजा🌹

➡️ज्योतिष शास्त्र में काल सर्प दोष दूर करने के कई आसान उपाय बताए गए हैं. पति-पत्नी के बीच के बीच में हमेशा क्लेश रहता हो, तो आप मोरपंख वाला मुकुट धारण किए भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को अपने घर में स्थापित करे. हर दिन उनकी पूजा-अर्चना करें साथ ही ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नमः इस मंत्र का जाप करें. नियमित रूप से ऐसा करने से कालसर्प दोष की शांति होगी.

🌹रोजगार में परेशानी दूर करने के लिए 🌹

➡️अगर काल सर्प योग की वजह से रोजगार में परेशानी आ रही है या फिर नौकरी नहीं मिल पा रही है तो उसके लिए ये उपाय कारगर है. पलाश के फूल को गोमूत्र में डुबो कर उसे बारीक कर लें फिर इसे सुखाकर इसका चूर्ण बना लें और चंदन पाउडर के साथ मिलाकर शिवलिंग पर त्रिपुण्ड का आकार बनाएं. 21 दिनों तक ऐसा करने से आपकी नौकरी की समस्या दूर होगी.

🌹काम में आ रही रुकावट दूर करने का उपाय 🌹

➡️कुंडली में कालसर्प दोष के प्रभाव से आपके काम में बार-बार बाधा आती है तो हर दिन भगवान शिव के परिवार की पूजा करनी चाहिए. इससे आपके सारे रुके हुए काम पूरे हो जाएंगे. अगर आपको तेज गुस्सा आता है तो शिवलिंग पर रोज मीठे दूध में भांग डालकर चढ़ाएं. ऐसा करने से गुस्सा शांत होता है. हर दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है. 🙏🙏
व्यक्तिगत रूप से कुंडली विश्लेषण के लिए प्रत्यक्ष मिले या संपर्क करे।
Astro Rohit Sharma
Nakshtra astrology service
Vidhadhar nagar
जयपुर (राज)

25/04/2023
30/08/2022

इस गणेश उत्सव में आप अपने घर में खुद मिट्टी के गणेश बनाएं और स्थापित करें।

31 अगस्त को आ रही गणेश चतुर्थी कई मायनों में बहुत खास है। अकेले चतुर्थी ही शुभ नहीं है, बल्कि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 7 दिन अच्छे योग भी बन रहे हैं।

इन सात दिनों में आप सिर्फ गणपति की पूजा ही नहीं, बल्कि अपने लिए कई शुभ काम जैसे नए बिजनेस की शुरुआत से लेकर घर और वाहन खरीदने तक के काम कर सकते हैं।

इस साल वो सारे योग-संयोग बन रहे हैं, जो गणेश जी के जन्म पर बने थे। दिन बुधवार, तिथि चतुर्थी, नक्षत्र चित्रा और मध्याह्न काल यानी दोपहर का समय।

ये ही वो संयोग था जब पार्वती जी ने मिट्टी के गणेश बनाए थे और शिव जी ने उसमें प्राण डाले थे।

इस गणेश उत्सव में एक खास बात ये भी है कि इन 10 दिनों में रोज कोई शुभ योग बन रहा है,

जिसमें आप इन्वेस्टमेंट से लेकर व्हीकल खरीदी तक कई शुभ काम कर सकेंगे।

गणपति महोत्सव पूरे 10 दिनों का ही रहेगा। इन दिनों सूर्य, बुध, गुरु और शनि अपनी ही राशियों में रहेंगे।

इस संयोग में फ्लैट बुक करना, प्रॉपर्टी, ज्वेलरी या व्हीकल खरीदी हो या फिर कोई टोकन मनी देना चाह रहे हैं तो इसके लिए सात शुभ मुहूर्त मिलेंगे।

ग्रहों की बात करें तो इस बार गुरु ग्रह से देह स्थूल योग बन रहा है। इसे आसान भाषा में लंबोदर योग भी कहते हैं।

गणपति पूजा से हर दोष खत्म होता है इसलिए गणेश जी की जन्म तिथि और नक्षत्र पर हर तरह की खरीदारी, नई शुरुआत, निवेश और लेन-देन करना शुभ होता है।

मिट्टी के गणेश किस रूप में बनाएं और कौन सा रूप घर, दुकान, ऑफिस और फैक्ट्रियों के लिए शुभ है।

सिद्धि विनायक रूप की मूर्ति घर में स्थापित करनी चाहिए। विघ्नेश्वर गणेश ऑफिस और दुकानों के लिए और महागणपति की स्थापना कारखानों के लिए शुभ है।

31 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर घरों में मिट्टी के गणेश जी स्थापित करें हम आप घर में ही परिवार के साथ मिलकर गणेश जी की मूर्ति बना सकते हैं।

गणेश उत्सव में अभी 3 दिन बाकी हैं, आज ही अपने घर के लिए मिट्टी के गणेश बना लें, 2 से 3 दिन मूर्ति को सूखने में लगेंगे और फिर आप इसका डेकोरेशन कर सकेंगे।

मिट्टी की गणेश प्रतिमा जल्द ही जल में घुल जाती है जिससे भगवान का अपमान भी नहीं होता।
धन्यवाद🙏🙏😊

17/07/2022

सुप्रभात🌹🙏🙏

21/06/2022

अंतराष्ट्रीय योग दिवस बल्कि मैं तो यू कहूंगा भारतीय योग दिवस क्योंकि योग संपूर्ण विश्व को भारत की ही देन है।
सभी शुभचिंतकों को हार्दिक शुभकामनाएं

करे योग 🤸🏃🚶🧘
🌹 रहे निरोग😊😊

26/04/2022

🌹🌹अमावस्या दोष🌹🌹
जन्म कुंडली में चंद्रमा के साथ सूर्य, अमावस्या दोष का कारण बनता है। चंद्रमा सूर्य के प्रभाव में अपनी ताकत खो देता है और अमावस्या के दौरान कमजोर रहता है। अमावस्या की तिथि को दोष में गिना जाता है इसलिए इस दोष के कारण चंद्रमा अपना प्रभाव खो देता है। इस दोष से पीड़ित व्यक्ति को चंद्रमा के अच्छे प्रभावों का लाभ नहीं मिलता और वह कुंडली में बनने वाले अन्य सकारात्मक प्रभावों को भी खो देता है।

जब सूर्य जन्म कुंडली में चंद्रमा के साथ एक ही घर में मौजूद होता है, तो यह अमावस्या दोष कहलाता है। अमावस्या तिथि दोष के अंतर्गत आती है। अमावस्या की तिथि एक वैदिक चंद्र दिवस है जिसकी गणना पूर्णिमा या अमावस्या से की जाती है। चंद्रमास के प्रत्येक दिन चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री दूर या पास होता है।

अमावस्या जैसी तिथि में जन्मे जातक की कुंडली में अमावस्या दोष होता है, जिसे अशुभ माना जाता है, क्योंकि अमावस्या की तिथि पर राहु शासन करता है।

अमावस्या दोष के लक्षण या प्रभाव

जन्म कुंडली में अमावस्या दोष के कारण व्यक्ति को अपने जीवन में कई तरह की बाधाएं और परेषानियों का सामना करना पड़ सकता है। नीचे अमावस्या दोष के नुकसान बताए गए है।

माता के साथ संबंध अच्छे नहीं खराब हो सकते हैं।

जातक माता के आशीर्वाद से वंचित रह सकता है।

जातक और परिवार पर कई विपत्तियां आ सकती हैं।

मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।

करियर में बाधाएं आ सकती हैं।

अमावस्या दोष के उपाय

हमारा अपने जन्म के समय के ग्रह नक्षत्रों पर तो कोई नियंत्रण नहीं है लेकिन हम इनकी स्थिति से बनने वाले दोष और बुरी परिस्थितियों से बचने के लिए वैदिक ज्योतिष के कुछ उपायों का उपयोग कर सकते हैं। नीचे अमावस्या दोष के उपाय बताए गए है।
प्रत्येक अमावस्या के दिन पूर्वजों के लिए तर्पण करें।

अपने बड़ों का, विशेषकर माता-पिता का अनादर न करें।

अमावस्या के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को चावल, गुड़, दूध जैसी खाद्य सामग्री का दान करें।

देवी काली की पूजा करें क्योंकि वह अमावस्या दोष के लिए पूजा की जाने वाली मुख्य देव हैं।

शिव की पूजा करें और सोमवार को ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें क्योंकि शिव चंद्रमा पर शासन करते हैं।

अमावस्या के दिन शाकाहारी भोजन ग्रहण करें।

तो दोस्तो ये थे अमावस्या योग के बारे में जानकारी आशा करता हु ये आपके लिए लाभप्रद साबित होगी। ज्योतिष के बारे में ऐसी ही रोचक जानकारी के लिए हमे फेसबुक पर फॉलो करे साथ ही अगर आपके जीवन में ग्रह दशा को लेकर कोई उलझन या परेशानी आ रही है तो अपनी हस्तरेखा और कुंडली का निशुल्क विश्लेषण करवाने हेतु नीचे दिए गए लिंक से हमारा ग्रुप ज्वाइन करे धन्यवाद🙏🙏
एस्ट्रो रोहित शर्मा।
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07/04/2022

क्‍या है पितृ दोष

अगर किसी व्‍यक्ति की मृत्‍यु के बाद उसका विधि विधान से अंतिम संस्‍कार न किया गया हो, या फिर किसी की अकाल मृत्‍यु हो जाए तो उस व्‍यक्ति से जुड़े परिवार के लोगों को कई पीढ़ियों तक पितृ दोष का दंश झेलना पड़ता है। इसके साथ ही पितृ दोष के अशुभ प्रभाव से बचे रहने के लिए जीवन भर उपाय करने पड़ते हैं।

पितृ दोष के लक्षण

पितृ दोष होने पर व्‍यक्ति के जीवन में संतान का सुख नहीं मिल पाता है। अगर मिलता भी है तो कई बार संतान विकलांग होती है, मंदबुद्धि होती है या फिर चरित्रहीन होती है या फिर कई बार बच्‍चे की पैदा होते ही मृत्‍यु हो जाती है।

नौकरी और व्‍यवसाय में मेहनत करने के बावजूद भी हानि होती रहे।

परिवार में अक्‍सर कलह बने रहना या फिर एकता न होना। परिवार में शांति का अभाव।

परिवार में किसी न किसी व्‍यक्ति का सदैव अस्‍वस्‍थ बने रहना। इलाज करवाने के बाद भी ठीक न हो पाना।

परिवार में विवाह योग्‍य लोगों का विवाह न हो पाना। या फिर विवाह होने के बाद तलाक हो जाना या फिर अलगाव रहना।

पितृदोष होने पर अपनों से ही अक्‍सर धोखा मिलता है।

पितृदोष होने पर व्‍यक्ति बार-बार दुर्घटना का शिकार होता है। उसके जीवन में होने वाले मांगलिक कार्यों में बाधाएं आती हैं।

परिवार के सदस्‍यों पर अक्‍सर किसी प्रेत बाधा का प्रभाव बने रहना। घर में अक्‍सर तनाव और क्‍लेश रहना।

इस वजह से होता है पितृदोष

पितरों का विधिवत अंतिम संस्कार और श्राद्ध न होना।

पितरों की विस्‍मृति या अपमान करना।

धर्म के विरुद्ध आचरण करना।

पीपल, नीम और बरगद के पेड़ को कटवाना।

नाग की हत्‍या करना या फिर किसी से करवाना

कुंडली में पितृ दोष होने पर व्‍यक्ति को दक्षिण दिशा में पितरों की फोटो लगाकर उनको रोजाना माला चढ़ाकर उनका स्‍मरण करना चाहिए। पूर्वजों का आशीर्वाद मिलने के साथ ही पितृदोष के प्रभाव समाप्‍त होने लगेंगे।
पूर्वजों के निधन की तिथि पर ब्राह्मणों को श्रृद्धापूर्वक भोजन करवाएं और यथाशक्ति दान भी करें।
घर के पास में लगे पीपल के पेड़ पर दोपहर में जल चढ़ाएं। पुष्‍प, अक्षत, दूध, गंगाजल और काले तिल भी चढ़ाएं। पितरजनों को याद करें।
शाम के वक्‍त रोजाना दक्षिण दिशा में एक दीपक जरूर जलाएं। रोजाना नहीं जला सकते हैं तो कम से कम पितर पक्ष में जरूर जलाएं।
कुंडली में पितृदोष दूर करने के लिए किसी गरीब कन्‍या का विवाह करवाए
कुंडली के संपूर्ण विश्लेषण के लिए शुल्क के साथ संपर्क करे। एस्ट्रो रोहित शर्मा।
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02/04/2022

🚩🚩जय माता दी🚩🚩
🔱🔱🔱🌹🔱🔱🔱🌹🔱🔱🔱🌹

सभी मित्रो को मां दुर्गा के पावन पर्व चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।🙏

01/04/2022

🚩सभी मित्रो को हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं🚩

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