Aman Kumar
Accept challange be the first Changer
#अटल #अटलबिहारी #कुमारविशस
05/02/2026
ग़ाज़ियाबाद: साहिबाबाद से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात करीब पौने दो बजे तीनों नाबालिग बहनें चुपचाप बिस्तर से उठीं। मां के गाल को चूमकर और पिता से 'आई लव यू' कहकर वे मंदिर वाले कमरे में चली गईं और दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। कुछ ही देर बाद टीलामोड़ थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसायटी में नौवीं मंजिल से तीनों के कूदने की आवाज ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। मोबाइल फोन की लत छुड़ाने के लिए पिता द्वारा रोक लगाए जाने के बाद तीनों सगी बहनों ने कथित तौर पर सामूहिक आत्महत्या कर ली। तीनों बहनें लंबे समय से कोरियन गेम, ड्रामा स सीरियल देखकर पूरी तरह से कोरियन कल्चर की आदी हो चुकी थीं।
तीनों बहनों की उम्र 16, 14 व 12 साल है। मौके पर छोड़े गए सुसाइड नोट में किशोरियों ने स्वजन द्वारा कोरियन कल्चर छुड़वाए जाने को आत्महत्या का कारण बताया है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मोबाइल फोन, सुसाइड नोट व अन्य साक्ष्य एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। मोबाइल फोन में मशगूल रहने व कोरियन कल्चर से बाहर निकालने के लिए कुछ दिन पहले ही पिता ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। इसके बाद मंगलवार रात तीनों बहनों ने यह कदम उठाया।
ग़ाज़ियाबाद: साहिबाबाद से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात करीब पौने दो बजे तीनों नाबालिग बहनें चुपचाप बिस्तर से उठीं। मां के गाल को चूमकर और पिता से 'आई लव यू' कहकर वे मंदिर वाले कमरे में चली गईं और दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। कुछ ही देर बाद टीलामोड़ थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसायटी में नौवीं मंजिल से तीनों के कूदने की आवाज ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। मोबाइल फोन की लत छुड़ाने के लिए पिता द्वारा रोक लगाए जाने के बाद तीनों सगी बहनों ने कथित तौर पर सामूहिक आत्महत्या कर ली। तीनों बहनें लंबे समय से कोरियन गेम, ड्रामा स सीरियल देखकर पूरी तरह से कोरियन कल्चर की आदी हो चुकी थीं।
तीनों बहनों की उम्र 16, 14 व 12 साल है। मौके पर छोड़े गए सुसाइड नोट में किशोरियों ने स्वजन द्वारा कोरियन कल्चर छुड़वाए जाने को आत्महत्या का कारण बताया है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मोबाइल फोन, सुसाइड नोट व अन्य साक्ष्य एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। मोबाइल फोन में मशगूल रहने व कोरियन कल्चर से बाहर निकालने के लिए कुछ दिन पहले ही पिता ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। इसके बाद मंगलवार रात तीनों बहनों ने यह कदम
हिंदुस्तानी बनो।
#जिन्ना #अलीगढ़ #पाकिस्तान
03/02/2026
EPISTIN File
जेफरी एप्स्टिन .... ये अमेरिकन मानव अंगों का तस्कर, योन तस्कर और नाबालिक बच्चीयों का सौदागर है .....
जेफरी एप्स्टिन एक बिलेनियर है जो अपने एक सी लैंड पर बड़े आलीशान बंगले पर नाबालिग लड़कियों को दुनिया के टॉप प्रेसिडेंट, प्रधानमंत्री , उधोगपति , सिंगर मतलब दुनिया के नामी गिरामी लोगों को न्योता भेजकर अपने इस समुद्र के बीच आलीशान टापू पर बुलाता था ....
वहां पर छोटी छोटी लड़कियाँ 4 से 8 साल तक को परोसा जाता था अय्याशों को ....ये लोग नाबालिग लड़कियों के साथ सेक्स ही नही पूरा बदन नोंचते थे दिन में कई कई बार बलात्कार करता था ये सब राक्षस ....और फिर लड़कियों को चीर फाड़कर खा जाता था कच्चा ही ....
कहते हैं किधर हैं राक्षस अब ....दुनिया के सारे top अमीर राजनेता राक्षस ही हैं योन अपराधी भी है .....भयावह से भयावह दुर्दान्त तरीके से सेक्स का खेल होता था इन बड़े बड़े दरिंदो द्वारा उस टापू पर वो भी एकदम छोटी लड़की के साथ .....
फ़ोटो में देख सकते हैं आप ... छोटी लड़की की उम्र आप खुद लगा सकते हैं ....
अमेरिकन राष्ट्रपतियों, ब्रिटेन के राजकुमार के वारिस से लेकर वहां के प्रधानमंत्री तक , अमेरिकन एलन मस्क से लेकर ट्रम्प बुस और कई देशों के top का जमावड़ा लगवाता था अपने टापू पर जेफरी एप्स्टिन ....
कुल मिलाकर नंगा नाच होता था सेक्स का ....पूरी दुनिया के लोगो द्वारा और वीडियो और फोटोग्राफी होता था वहां सब गुप्त रूप से एप्स्टिन टीम द्वारा ....
सबसे बड़ी बात तो ये है कि ...न कोई गिरफ्तारी न कोई केस मुकदमा इतना बड़ा नाबालिकों के सेक्स मानव तस्करी का भंडाफोड़ हुआ तो भी सब शांत है पूरी दुनिया का कानून ....
दुनिया की सत्ता यही 10 लोगों के हाथों में है जो पूरी दुनिया को चलाता है सत्ता हर देश का ....काले कारनामो का काला चिट्ठा रखता है ये सब और मनमानी करता है दुनिया पर ....
कुछ तस्वीर ही अभी आई है पूरी तस्वीर वीडियो अभी आना बाकी है ...कुछ दिन में सब बाहर आएगा ....
बाल शोषण लड़कियों का सबसे बड़ा व्यापार है और मस्ती का साधन दुनिया चलाने वालों के लिए ....
दुनिया सिर्फ सेक्स के आगे पीछे घूमती है बाकी सब मिथ्या है इस दुनिया की कहानी .....✍️
01/02/2026
🇮🇳 भारत के केंद्रीय बजट 2026–27 (Union Budget 2026) की प्रमुख घोषणाओं का सारांश दिया है — सरल भाषा में और मुख्य बिंदुओं के साथ 👇
📊 मुख्य घोषणाएँ (Key Announcements)
1. इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
सरकार ने 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है, जिससे शहरों के बीच गति बढ़ेगी।
आम सड़क-रेल नेटवर्क के अलावा फ्रेट कॉरिडोर और 20 नई जलमार्ग (National Waterways) का विकास।
पूंजीगत व्यय (Capex) ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है — विकास-उन्मुख निवेश में तेजी।
2. टेक्नोलॉजी, निर्माण और MSME
India Semiconductor Mission 2.0 लॉन्च — चिप उत्पादन और तकनीकी क्षमता बढ़ाने का बड़ा कदम।
MSME Growth Fund के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के लिए ₹40,000 करोड़ का बड़ा आवंटन (PLI जैसी स्कीम)।
3. वित्तीय सुधार और बजट नीति
सरकार ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) का लक्ष्य नियंत्रित करना जारी रखा (FY27 ~ 4.3% GDP)।
Upstox - Online Stock and Share Trading
वित्तीय नियमों और नियामक फ्रेमवर्क में सुधार की घोषणा।
4. टैक्स और कर सुधार
स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹1,00,000 किया गया ताकि टैक्सपेयरों को राहत मिले।
कुछ TCS/TDS नियमों में रियायत, जैसे विदेश यात्रा पैकेज आदि पर कम दरें।
नई इनकम टैक्स बिल से टैक्स स्लैब्स को सरल बनाने की दिशा में कदम (डिटेल स्लैब जल्द लागू होने की उम्मीद)।
5. क्षेत्र-विशेष पैकेज और निर्यात बढ़ावा
Rare Earth corridors के लिए समर्थन — खासकर ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में।
Mega textile parks, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और बायो-फार्मा नेटवर्क के लिए फंड।
6. सामाजिक विकास और अवसर
योजनाएं MSME, ग्रामीण उद्योग और रोजगार सृजन पर केंद्रित।
गरीब, किसान और युवा वर्ग के लिए वृद्धि-उन्मुख उपाय।
🧾 सारांश में क्या खास है?
✅ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर (रेल, सड़क, जलमार्ग)
✅ उद्योग और टेक्नोलॉजी को बूस्ट (सेमीकंडक्टर, मेक इन इंडिया)
✅ टैक्स सुधार से टैक्सपेयर राहत
✅ MSME और ग्रामीण उन्नति पर फोकस
✅ बड़ी पूंजीगत निवेश योजना
अगर चाहें तो मैं इसे आसान हिंदी/बिंदुवार नोट्स, तालिका में, या आपके लिए व्यक्तिगत दृष्टिकोण (जैसे टैक्सपेयर, स्टूडेंट, निवेशक) के हिसाब से और अधिक विस्तृत रूप में भी समझा सकता हूँ।
31/01/2026
भारत ने न्यूजीलैंड को 272 रनों का लक्ष्य दिया. अभिषेक शर्मा ने टीम इंडिया को तेज शुरुआत दी, उन्होंने 16 गेंदों पर 30 रन बनाए. इशान किशन ने 43 गेंदों में 103 रन बनाए. सूर्यकुमार यादव ने 30 गेंदों पर 63 रनों की पारी खेली. हार्दिक पंड्या ने 17 गेंदों में 42 रन बनाए. दुबे ने 2 गेंदों में नाबाद 7 रन बनाए.
पूरी खबर कमेंट में पढ़ें 👇
31/01/2026
पीरियड सेलिब्रेशन
ये हैं रेशमा सुरेश, केरल की रहने वाली एक युवा लड़की, जिसने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उसने अपनी पहली पीरियड्स आने पर घर वालों द्वारा किए गए जश्न को दिखाया, ऐसा जश्न मानो कोई रानी का राज अभिषेक हो रहा हो, और यह जश्न सिर्फ उसका नहीं, बल्कि पूरे परिवार की भावनाओं और सम्मान का प्रतीक बन गया था। 👑
सुबह-सुबह उसे दूध से स्नान कराया गया, जैसे किसी देवी को नहलाया जा रहा हो, और उस पल हर बूँद में केवल सफाई ही नहीं, बल्कि नई ज़िंदगी की शुरुआत की ऊर्जा झलक रही थी। 🥛✨
फिर मम्मी-पापा, दादा-नानी, सभी लोग आए, हाथों में फूलों की माला, आरती की थाली और चेहरे पर वह गर्व, जो शब्दों में नहीं, बल्कि आँखों में झलकता है—“हमारी बेटी अब बड़ी हो गई, अब उसकी अपनी पहचान है, उसकी अपनी शक्ति है।” 🌸
हल्दी का लेपन सिर्फ स्किन को ग्लो नहीं देता, बल्कि यह उस नई ज़िंदगी, नए अध्याय और महिला के रूप में उसके आत्मविश्वास का रंग भी बिखेरता है। 💛
और अंत में मिठाई ही मिठाई, क्योंकि यह पल केवल उसका नहीं, यह पूरे परिवार का, पूरे खानदान का उत्सव है, जहाँ हर मुस्कान, हर आशीर्वाद, हर नम आँखें इस नए सफर का सम्मान करती हैं। 🍬🍰
कुछ लोग पीरियड्स को शर्म की बात कह सकते हैं, लेकिन क्या शर्म? कहाँ है वह शर्म? 🤔
यहाँ तो गर्व की बारिश हो रही है, यहाँ तो शक्ति का जश्न हो रहा है, यहाँ तो एक लड़की अपनी महिला बनने की यात्रा का पहला कदम उठा रही है। 🌧️❤️
रेशमा ने दिखा दिया कि पीरियड्स कोई टैबू नहीं, यह पावर का पहला स्टेप है, अपनी पहचान, अपनी ताकत और अपने आत्मसम्मान को समझने का पहला पल है। 💪🔥
यह सिर्फ़ एक व्यक्तिगत कहानी नहीं, यह हर लड़की और हर परिवार के लिए संदेश है कि जीवन की हर शुरुआत को सम्मान और गर्व के साथ मनाना चाहिए।
भारत में पीरियड सेलिब्रेशन, खासकर लड़कियों के पहले मासिक धर्म का जश्न मनाने की प्रथा, एक दिलचस्प सांस्कृतिक पहलू है। यह कई समुदायों में मनाया जाता है, हालाँकि इसके इर्द-गिर्द बहस भी होती रहती है।
यहाँ कुछ खास बातें हैं जो मैंने खोजी हैं:
👉क्षेत्रीय विविधता
कुछ राज्यों में, जैसे असम में 'तुलोनी बिया', आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 'रितु कला संस्कार', और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में भी, पहले मासिक धर्म को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इन समारोहों में पारंपरिक स्नान, विशेष भोजन, उपहार और कभी-कभी एक छोटा विवाह-समान अनुष्ठान भी शामिल होता है.
👉उद्देश्य और प्रतीकवाद -
इन उत्सवों का उद्देश्य लड़की के स्त्रीत्व में परिवर्तन का सम्मान करना है। यह उसके शरीर में होने वाले प्राकृतिक बदलावों को पहचानता है और उसे खुशी से स्वीकार करने में मदद करता है। कई परंपराओं में, मासिक धर्म को जीवन बनाने की शक्ति और उर्वरता से जोड़ा जाता है, जिसे पवित्र माना जाता है, जैसा कि कामाख्या मंदिर में देवी के मासिक धर्म को पूजने की प्रथा से पता चलता है।
👉आधुनिक चर्चा और चुनौतियाँ
हालाँकि कुछ लोग इन परंपराओं को बहुत खुशी से देखते हैं, वहीं कई आधुनिक चर्चाओं में यह सवाल भी उठाया जाता है कि क्या ये उत्सव लड़की को विवाह के लिए तैयार होने के संकेत के रूप में पितृसत्तात्मक दबाव को बढ़ावा देते हैं। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि इन उत्सवों के बाद लड़कियों पर प्रतिबंध लगाना, जैसे कि उन्हें रसोई या मंदिर में जाने से रोकना, अभी भी मासिक धर्म के प्रति "अशुद्ध" होने की धारणा को दर्शाता है।
👉पीरियड पॉज़िटिविटी आंदोलन
ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और एक्टिविस्ट मासिक धर्म को सामान्य बनाने और उसके इर्द-गिर्द के कलंक को तोड़ने पर जोर दे रहे हैं। वे "पीरियड पार्टी" और रचनात्मक तरीकों से पीरियड्स का जश्न मनाने को प्रोत्साहित करते हैं, जैसे कि केक काटना या कहानियां साझा करना। यह आंदोलन मासिक धर्म को व्यक्तिगत और सामुदायिक शक्ति के स्रोत के रूप में फिर से परिभाषित करने का प्रयास करता है।
संक्षेप में, पीरियड सेलिब्रेशन एक समृद्ध और जटिल सांस्कृतिक प्रथा है जो भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग रूप ले सकती है, जिसमें उत्सव, समुदाय और आधुनिक दृष्टिकोणों के बीच एक सतत संवाद जारी है।
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