Bas Yu Hi

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We don't do great things, we do little things in great way!

21/01/2025

हे मानव, भगवान के न्याय को समझने का प्रयास करें - जो तुमने अपने माता-पिता को सताया, उसका परिणाम तुम इसी जन्म में भुगतोगे, लेकिन जो तुमने उनकी सेवा की, उसका फल तुम्हें मिलेगा। जो तुमने भाई-बहन, रिश्तेदारों, नौकर या समाज को सताया, उसका परिणाम तुम और तुम्हारे बच्चे भी भुगतेंगे, लेकिन जो तुमने उनकी मदद की, उसका फल तुम्हें मिलेगा। लेकिन जो तुमने अपने बच्चों या बहू-दामाद को सताया, उसका परिणाम तुम इस जन्म में ही नहीं, अगले ७ जन्मों तक भुगतोगे, इसलिए उनकी सेवा करो और उनका सम्मान करो।

25/09/2021

Papa ka saath

Finally all new Hyundai alcazar is here 21/06/2021

https://youtu.be/D1IPWjTSeoE
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Finally all new Hyundai alcazar is here I have created this channel to help car buyers so that they can take an informed decision. Even if you aren't planning to buy one, we can still watch it to k...

19/06/2021

“मेरे पापा “
जीवन देती है माँ , पर जीवन का आधार होते हैं पापा।
खाना पीना , लिखना पढ़ना , कितनी ही फ़रमाइशें, सब पूरी करते हैं पापा ।
फिर भी कभी ना जताते पापा , अपनी हर बात में कुछ सिखा जाते पापा ।
कभी ना रुकना , डट के लड़ना , हर ग़म में भी ख़ुशियाँ ढूँढ लाते मेरे पापा ।
हर वक्त मुस्कुराते रहते मेरे पापा ,मेरी ज़िंदगी के जादूगर मेरे पापा ।
पापा ने ही तो सिखलाया, हर मुश्किल में बन कर साया।
जीवन जीना क्या होता है, जब से मेने जीवन पाया
मेरी दुनिया में इतनी जो हिम्मत है , वो सब मेरे पापा की ही बदौलत है।
आज भी दिल के हर कोने में है आपके पास होने का आभास
आपका हंसता मुस्कुराता चेहरा, भरता है जीवन में नयी आस।
कुछ नया करने की चाहत ,हरदम रहती है मेरे साथ ।
और दूर होकर भी आप रहते हो हमेशा आस पास ।
हाथ फैला के मांगु बार-बार, फिर वही गोद वही प्यार हर बार बारम्बार।।

16/06/2021

*नाजु़क वक्त है...*
*ना रखना किसी से बैर...*

*हो सके तो हाथ जोड़कर*
*"ईश्वर" से मांगना*
*सब की खैर...*
🙏🙏

15/06/2021

मनु स्मृति की चन्द पंक्तियाँ-
“यत्र नारियस्त पूज्यन्ते , तत्र रमन्ते देवता।”

क्या इन पंक्तियों का अर्थ ,खुद नारी ही समझ पायी है -
जब जन्म लेती है घर में बेटी कोई ,
माँ या दादी ही देती हैं ताने कई ।
परायी है तू ! तुझे पराये घर जाना है ,
ज़्यादा पढ़ा लिख के हमें क्या पाना है ।
बेलनी तो तुझे सिर्फ़ रोटियाँ हैं ,
पर उन्ही रोटियों को तुझे सोच समझ के खाना है ।
घर की इज्जत तेरे हाथ में है , ग़लत बात को भी खून का घूँट समझ के पी जाना है।

बेटे की होती है शादी ,और घर में आती है एक बहू नई
फिर देती हैं उसे ताने -सास ओर ननद।
कभी रंग रूप पर , कभी दहेज पर
कभी संस्कार पर , कभी काम में देरी पर ।
या फिर वही बेटी के जनम पर ।।
कभी कभी तो गिना दी जाती है , औक़ात बहू की ।
ओर छीन लिया जाता है, उससे उसका स्त्री धन ।
फिर भी चाहे हर सास उसकी बहू तो करेगी न्योछावर उस पर अपना तन, मन, धन ।

हमने भी देखा है ऐसे घरों को बिखरते ओर नित नए वृद्धाश्रम बनते ।
अब तक थे जो नासमझ-
कुछ सीखें फिर से पत्नी , बहन, बहू या बेटी कोई नहीं परायी हैं ।
हर नारी है पूजनीय , तभी हर घर सुख शांति आयी है ।

14/06/2021

सफ़र लम्बा है
दोस्त बनाते रहिये,
दिल मिले ना मिले
हाथ बढ़ाते रहिये,
ताजमहल न बनाइये
महंगा पड़ेगा,
मगर हर तरफ प्यार
बिखराते चलिए।

12/06/2021

मैं नहीं सिखा पाऊँगी अपनी बेटी को बर्दाश्त करना एक ऐसे आदमी को जो उसका सम्मान न कर सके।

कैसे सिखाए कोई माँ अपनी फूल सी बच्ची को कि पति की मार खाना सौभाग्य की बात है?

मैंने तो सिखाया है कोई एक मारे तो तुम चार मारो।

हाँ, मैं बेटी का घर बिगाड़ने वाली बुरी माँ हूँ, .........

लेकिन नहीं देख पाऊँगी उसको दहेज के लिए बेगुनाह सा लालच की आग में जलते हुए।

मैं विदा कर के भूल नहीं पाऊँगी, अक्सर उसका कुशल क्षेम पूछने आऊँगी। हर अच्छी-बुरी नज़र से, ब्याह के बाद भी उसको बचाऊँगी।

बिटिया को मैं विरोध करना सिखाऊँगी।

ग़लत मतलब ग़लत होता है, यही बताऊँगी। देवर हो, जेठ हो, या नंदोई, पाक नज़र से देखेगा तभी तक होगा भाई।

ग़लत नज़र को नोचना सिखाऊँगी, ढाल बनकर उसकी ब्याह के बाद भी खड़ी हो जाऊँगी।

“डोली चढ़कर जाना और अर्थी पर आना”, ऐसे कठिन शब्दों के जाल में उसको नहीं फसाऊँगी।

बिटिया मेरी पराया धन नहीं, कोई सामान नहीं जिसे गैरों को सौंप कर गंगा नहाऊँगी।

अनमोल है वो अनमोल ही रहेगी।

रुपए-पैसों से जहाँ इज़्ज़त मिले ऐसे घर में मैं अपनी बेटी नहीं ब्याहुँगी।

औरत होना कोई अपराध नहीं, खुल कर साँस लेना मैं अपनी बेटी को सिखाऊँगी।

मैं अपनी बेटी को अजनबी नहीं बना पाऊँगी।

हर दुःख-दर्द में उसका साथ निभाऊँगी, ज़्यादा से ज़्यादा एक बुरी माँ ही तो कहलाऊँगी।

09/05/2021
20/04/2021

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