Vsm Rajasthani
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Vsm Rajasthani, Public Figure, Dausa.
03/06/2024
महाराष्ट्र के कोल्हापुर कलंबा जेल में बंद 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी मोहम्मद अली खान उर्फ मनोज कुमार भंवरलाल गुप्ता की 5 कैदियों ने उतारा मौत के घाट इस घटना को अंजाम देने वालों में पिल्या सुरेश पाटिल, संदीप शंकर, दीपक खोत, ऋतुराज विनायक और सौरभ विकास शामिल हैं।
25/05/2024
राजस्थान की आबादी 7 करोड़ से ज्यादा है और एक व्यक्ति जिसके पास अपनी 20 फीट जगह है, अगर वह आज सिर्फ एक पेड़ लगाता है, तो सीधे 7 करोड़ पेड़ उगेंगे और अगली गर्मियों में तापमान 30 डिग्री होगा और बारिश होगी अधिक।
केक/कपड़े/बाइक पर हजारों खर्च होते हैं। लेकिन आज थोड़ा सोचो और बाजार जाओ और 20 रुपये का पौधा ले आओ और उसे लगाओ, अगली पीढ़ी के बारे में सोचो। मिशन ग्रीन राजस्थान
🌴🌳🌲👆🌧🌧🌱🌿🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳
यदि चार साल पहले मुफ्त की कोरोना वैक्सीन नहीं मिली होती तो बहुत से लोग तो ये कहने के लिए जिंदा ही नहीं होते कि 'वैक्सीन से खून में थक्के बनते हैं'।एक बात और ऐसी कोई अंग्रेजी दवा नहीं जिसके दुष्प्रभाव ना हो।
05/05/2024
स्वयंभू वामपंथी इतिहासकारों, सेक्युलरता के घातक रोग से पीड़ित लिबरलों, और खुद पर ही शर्मिंदा कुछ भारतीय गोरों को यह बात आज भी नहीं पता, क्योंकि ना तो उन्हें इतिहास का अध्ययन करना आता है और ना ही उनमें इतनी क्षमता ही है..!!
भारत में कई सदियों पहले एक किताब - ( #मेरुतुंगाचार्य_रचित_प्रबन्ध_चिन्तामणि) आई थी जिसमें महान लोगों के बारे में कई हस्तलिखित कहानियाँ थी। कोई कहता है किताब १३१० के दशक में आई तो कोई उसे १३६० के दशक का मानता है, १३१० वाले ज़्यादा लोग हैं। खैर मुद्दा वो नहीं है, किताब का १४ वीं सदी का होना ही काफी है। उसमें राजा भोज पर भी कई कहानिया है जिसमें से एक ये है, जिसे थोड़ा ध्यान से पढ़ा जाना चाहिए -
एक रात अचानक आँख खुल जाने से राजा भोज ने देखा कि चाँदनी के छिटकने से बड़ा ही सुहावना समय हो रहा है, और सामने ही आकाश में स्थित चन्द्रमा देखने वाले के मन मे आल्हाद उत्पन्न कर रहा है। यह देख राजा की आँखें उस तरफ अटक गई और थोड़ी देर में उन्होने यह श्लोकार्ध पढ़ा -
यदेतइन्द्रान्तर्जलदलवलीलां प्रकुरुते।
तदाचष्टे लेाकः शशक इति नो सां प्रति यथा॥
अर्थात् - "चाँद के भीतर जो यह बादल का टुकड़ा सा दिखाई देता है लोग उसे शशक (खरगोश) कहते हैं। परन्तु मैं ऐसा नहीं समझता।"
संयोग से इसके पहले ही एक विद्वान् चोर राज महल मे घुस आया था और राजा के जाग जाने के कारण एक तरफ छिपा बैठा था। जब भोज ने दो तीन वार इसी श्लोकार्ध को पढ़ा और अगला श्लोकार्ध उनके मुँह से न निकला तब उस चोर से चुप न रहा गया और उसने आगे का श्लोकार्ध कह कर उस श्लोक की पूर्ति इस प्रकार कर दी-
अहं त्विन्दु मन्ये त्वरिविरहाक्रान्ततरुणो।
कटाक्षोल्कापातव्रणशतकलङ्काङ्किततनुम्॥
अर्थात् - "मै तो समझता हूं कि तुम्हारे शत्रुओ की विरहिणी स्त्रियो के कटाक्ष रूपी उल्काओं के पड़ने से चन्द्रमा के शरीर में सैकड़ों घाव हो गए हैं और ये उसी के दाग़ हैं।"
अपने पकड़े जाने की परवाह न करने वाले उस चोर के चमत्कार पूर्ण कथन को सुनकर भोज बहुत खुश हुये और सावधानी के तौर पर उस चोर को प्रातःकाल तक के लिये एक कोठरी मे बंद करवा दिया। परंतु उस समय विद्वता की पूछ परख ज्यादा थी सो अगले दिन प्रातः उसे भारी पुरस्कार देकर विदा किया गया।
लगभग 250 साल के लंबे अंतराल के बाद, गेलेलियों ने ३० नवंबर सन १६०९ को पहली बार टेलिस्कोप से चंद्रमा देखा और अपनी डायरी में नोट किया कि, "चंद्रमा की सतह चिकनी नहीं है जैसी कि मानी जाती थी (क्योंकि केवल आंखो से वह ऐसी ही दिखती है), बल्कि असमतल और ऊबड़-खाबड़ है।" वहाँ उन्हे पहाड़ियाँ और गढ़हों जैसी रचनाएँ नज़र आई थी। उन्होने टेलिस्कोप से खुद के देखे चंद्रमा एक स्केच भी अपनी डायरी में बनाया।
कहानी का सार बस इतना है कि जिस समय चर्च यह मानता था कि रात का आसमान एक काली चादर है, जिसमें छेद हो गए और उसमे से स्वर्ग का प्रकाश तारों के रूप में दिख रहा है, उस समय भारत के एक चोट्टे को भी ये पता था कि चंद्रमा की सतह समतल नहीं है और उस पर जो दाग हैं वो उल्काओं के गिरने से बने हैं। बात खतम।
अब ये अलग बात है कि स्वयंभू वामपंथी इतिहासकारों, सेक्युलरता के घातक रोग से पीड़ित लिबरलों, और खुद पर ही शर्मिंदा कुछ भारतीय गोरों को यह बात आज भी नहीं पता, क्योंकि ना तो उन्हे इतिहास का अध्ययन करना आता है और ना ही उनमें इतनी क्षमता ही है।
जीवन का उद्देश्य अपने आसपास के पर्यावरण को शुद्ध रखो और स्वस्थ रहो
अस्थमा का दौसा व जयपुर में आयुर्वेद का कोई अच्छा जानकार बैद्य जी है तो बताना
पांव भर लौकी , थोड़ा हरा धनिया, थोड़ा पोदीना मिलाकर मिक्सी में पीसकर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करें।और अर्जुन की छाल का काढ़ा दो कप पानी लेकर एक कप रह जाये तब तक पकाये इसमें आधा चम्मच दालचीनी पाउडर डाल लें। सुबह शाम खाली पेट सेवन करें।और सुबह बाबा रामदेव द्वारा हार्ट के लिए बतायें योग एक्सरसाइज करें।दो महीने में पूरी तरह ठीक हो जाएगा
22/01/2024
कन्याकुमारी से क्षीर भवानी तक
कोटेश्वर से कामाख्या तक
जगन्नाथ से केदारनाथ तक
सोमनाथ से काशी-विश्वनाथ तक
बोध गया से सामनाध तक
अमृतसर साहेब से पटना साहेब तक
अंडमान से अजमेर तक
लक्षद्वीप से लेह तक आज पूरा भारत
राम मय हो गया
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the public figure
Telephone
Website
Address
Dausa