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05/03/2026

"कबीर शरणं गच्छामि" VS "बुद्धम शरणं गच्छामि" महाखुलासा

📺 देखिए हमारा स्पेशल एपिसोड :
डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की बड़ी भूल, भाग – 1

📅 7 मार्च 2026
🕛 दोपहर 12 बजे

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26/01/2026

कबीर परमेश्वर 508वां निर्वाण दिवस: आप सपरिवार आमंत्रित हैं | 27-29 जनवरी 2026

26/01/2026

27, 28 और 29 जनवरी 2026: संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में भव्य समागम | जरूर आएं!

25/01/2026

#पहचान_अविनाशी_प्रभु_की

#कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस


508 वर्ष पहले परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन गई और इस तरह की लीला परमात्मा स्वयं ही करते हैं।
कबीर साहेब जी 120 वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर लाखों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए।
तभी आकाशवाणी करते हैं -
"उठा लो पर्दा, नहीं है मुर्दा।"
और हुआ भी वैसा ही चादर उठाने पर, शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले। और कबीर परमात्मा सशरीर अपने सतलोक गए।

25/01/2026

#पहचान_अविनाशी_प्रभु_की

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इस भ्रम को तोड़ने के लिए कि जो मगहर में मरता है वह गधा बनता है और काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता है। कबीर परमात्मा मगहर गए।
कबीर साहेब के मगहर पहुँचने के बाद बिजली खाँ ने कहा कि महाराज जी स्नान करो। कबीर साहेब ने कहा कि बहते पानी में स्नान करूँगा। बिजली खान ने कहा कि सतगुरू देव यहाँ पर साथ में एक आमी नदी है, वह भगवान शिव के श्राप से सूखी पड़ी है। उसमें पानी नहीं है।
उस नदी पर जा कर साहेब ने हाथ से ऐसे इशारा किया था जैसे यातायात (ट्रैफिक) का सिपाही रूकी हुई गाड़ियों को जाने का संकेत करता है। वह आमी नदी पूरी भरकर चल पड़ी। (यह आमी नदी वहाँ पर अभी भी विद्यमान है) सब ने जय जयकार की।
-परम संत रामपाल जी महाराज

25/01/2026

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आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज ने परमेश्वर कबीर साहेब जी द्वारा माघ माह शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी विक्रमी संवत 1575 (सन् 1518) को मगहर से लाखों लोगों के सामने से सशरीर सतलोक जाने का वर्णन करते हुए कहा है कि -
देख्या मगहर जहूरा सतगुरु, देख्या मगहर जहूरा हो।
काशी में कीर्ति कर चाले, झिलमिल देही नूरा हो।

25/01/2026

#पहचान_अविनाशी_प्रभु_की

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कीन्हा मगहर पियाना सतगुरु, कीन्हा मगहर पियाना हो।
दोनो दीन चले संग जाके, हिन्दू-मुसलमाना हो।।
माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि.सं. 1575 सन् 1518 को अविनाशी परमात्मा कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर सतलोक गये। उनके शरीर के स्थान पर केवल सुगन्धित पुष्प मिले थे।

25/01/2026

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यह भ्रम तोड़ने के लिए कि जो मगहर में मरता है वह गधा बनता है और काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता है। (बन्दी छोड़ कहते थे कि सही विधि से भक्ति करने वाला प्राणी चाहे वह कहीं पर प्राण त्याग दे वह अपने सही स्थान पर जाएगा।) नादानों का भ्रम निवारण करने के लिए कबीर साहेब ने कहा कि मैं मगहर में मरूँगा और सभी ज्योतिषी देख लेना कि मैं कहाँ जाऊँगा? नरक में जाऊँगा या स्वर्ग से भी ऊपर सतलोक में।
कबीर परमात्मा सशरीर मगहर से सतलोक गए। उनके शरीर की जगह सुगंधित फूलों का ढेर मिला।

25/01/2026

#पहचान_अविनाशी_प्रभु_की

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हिंदू राजा बीर सिंह बघेल और मुस्लिम राजा बिजली खाँ पठान को कबीर परमात्मा ने सतलोक जाने से पहले कहा जो मेरे जाने के बाद मिले आधा आधा बांट लेना। दो चद्दर और सुगंधित फूल मिले, परमात्मा का शरीर नहीं मिला था।
बीरसिंघ बघेला करै बीनती, बिजली खाँ पठाना हो।
दो चदरि बकसीस करी हैं, दीनां यौह प्रवाना हो।।

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