DEVI MANDIR,chhapra
भगवती मां शाकम्भरी शक्तिपीठ
20/04/2025
निर्मल मन जन सो मोहि पावा ।
मोहि कपट छल छिद्र न भावा ॥
प्रभु श्री रामचन्द्र जी की कृपा सदैव आप सभी भक्तों पर बनी रहे 🙏 🚩
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐हवा लगी पश्चिम की सारे कुप्पा बनकर फूल गए
ईस्वी सन तो याद रहा अपना संवत्सर भूल गए
चारों तरफ नए साल का ऐसा मचा है हो-हल्ला
बेगानी शादी में नाचे ज्यों दीवाना अब्दुल्ला
धरती ठिठुर रही सर्दी से घना कुहासा छाया है
कैसा ये नववर्ष है जिससे सूरज भी शरमाया है
सूनी है पेड़ों की डालें, फूल नहीं हैं उपवन में
पर्वत ढके बर्फ से सारे, रंग कहां है जीवन में
बाट जोह रही सारी प्रकृति आतुरता से फागुन का
जैसे रस्ता देख रही हो सजनी अपने साजन का
अभी ना उल्लासित हो इतने आई अभी बहार नहीं
हम नववर्ष मनाएंगे, न्यू ईयर हमें स्वीकार नहीं
लिए बहारें आँचल में जब चैत्र प्रतिपदा आएगी
फूलों का श्रृंगार करके धरती दुल्हन बन जाएगी
मौसम बड़ा सुहाना होगा दिल सबके खिल जाएँगे
झूमेंगी फसलें खेतों में, हम गीत खुशी के गाएँगे
उठो खुद को पहचानो यूँ कबतक सोते रहोगे तुम
चिन्ह गुलामी के कंधों पर कबतक ढोते रहोगे तुम
अपनी समृद्ध परंपराओं का मिलकर मान बढ़ाएंगे भारतवर्ष के वासी अब अपना नववर्ष मनाएंगे
हमारी संस्कृति💐 🌷💐हमारी विरासत
05/10/2019
शरणागत दीनार्त्त परित्राण परायणे।
सर्वस्यार्त्तिहरे देवि नारायणी नमोस्तुते।।
अद्भुत.. परम अद्भुत.. मेरी मां के दिव्य स्वरूप की दिव्यता का दर्शन आपश्री भी करें, आनंदित हों, परमानंद प्राप्त करें।।
#जीवित्पुत्रिका_विशेष
प्रिय मित्रो।
हमारे देश में भक्ति एवम उपासना का एक रूप उपवास हैं जो मनुष्य में संयम, त्याग, प्रेम एवम श्रद्धा की भावना को बढ़ाते हैं।
उन्ही में से एक है आश्विन मास की कृष्णपक्षीय सूर्योदयकालीन अष्टमी को किया जाने वाला जीवित्पुत्रिका व्रत | यह व्रत संतान के दीर्घायुष्य एवं मंगल कामना के लिए माताओं द्वारा किया जाता है। जीवित्पुत्रिका व्रत निर्जला किया जाता हैं जिसमे पूरा दिन एवम रात पानी नही लिया जाता ।
यह व्रत उदयकालीन अष्टमी में ही करना है,इसका प्रमाण स्वयं पक्षीराज गरुड़ ने #जीवित्पुत्रिका_व्रत_कथा में दिया है--
"उपोष्य च अष्टमी राजन,सप्तमी रहिता शिवा।
यस्यां उदयते भानुः,पारणं नवमी दिने"।।
वर्जनीया प्रयत्नेन सप्तमी सहिताष्टमी।
अन्यथा फलहानिःस्यात् सौभाग्यं नश्यति ध्रुवम्।।
इसके अतिरिक्त अन्यान्य अनेकों निर्णय हमारे ग्रन्थों में इस व्रत को उदयकालिक अष्टमी में करने के सन्दर्भ में दिये गये हैं।यथा......
#राजमार्त्तण्ड_भृगु― स्त्रियः प्रकुर्वन्ति तदाशु नूनं सूर्योदये जीवित्पुत्रिका स्यात।
#कात्यायन―आश्विने बहुले पक्षे अष्टमी भास्करोदये।
स्वल्पापि चेक्तदा कार्या सा स्मृता जीवपुत्रिका।।
#माधवाचार्यः― उदये च अष्टमी किंचित सकला नवमी भवेत्। सैवोपोष्या वरस्त्रिभीः पूजयेत् जीवपुत्रिकाम्।।
इसके विपरीत कुछ अल्पज्ञ जो शास्त्राचार एवं शास्त्रादेशोंं को नहीं जानते,अथवा नहीं समझते हैं, इस वर्ष दिनांक 21-9-2019 को सप्तमी विद्ध अष्टमी में व्रत करने की बात कर रहे हैं,जो सर्वथा त्याज्य है।
अतः इस #वर्ष_2019 में यह व्रत #सितम्बर_22 को उदयकालीन अष्टमी में मनाया जायेगा | अगले दिन प्रातः सूर्योदयोपरान्त पारण होगा।
जीवित्पुत्रिका व्रत पूजा विधि
यह व्रत तीन दिन किया जाता है, तीनो दिन व्रत की विधि अलग-अलग होती हैं.
#नहा_खा― यह जीवित्पुत्रिका व्रत का पहला दिन कहलाता है, इस दिन से व्रत शुरू होता हैं | इस दिन महिलायें नहाने के बाद भोजन लेती हैं |
ितिया यह जीवित्पुत्रिका व्रत का दूसरा दिन होता हैं, इस दिन महिलायें निर्जला व्रत करती हैं | यह दिन विशेष होता हैं |
यह जीवित्पुत्रिका व्रत का अंतिम दिन होता हैं, इस दिन कई लोग बहुत सी चीज़े खाते हैं, लेकिन खासतौर पर इस दिन साग भात, नोनी का साग एवम मडुआ अथवा मरुवा की रोटी दिन के पहले भोजन में ली जाती हैं |
05/04/2019
रेवती नक्षत्र से संस्पर्शित और शनिवार से प्रारंभित यह नवसंवत्सर न्याय भावना बलवान करते हुये हमारे उत्साह एवं आत्मबल को जागृत करने वाला हो।।
धन्यवाद #प्रभात_खबर।।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Telephone
Website
Address
Devi Mandir Chowk, Dahiyawan
Chhapra
841301
Opening Hours
| Monday | 5am - 2pm |
| 2pm - 8pm | |
| Tuesday | 5am - 2pm |
| 2pm - 8pm | |
| Wednesday | 5am - 2pm |
| 2pm - 8pm | |
| Thursday | 5am - 2pm |
| 2pm - 8pm | |
| Friday | 5am - 2pm |
| 2pm - 8pm | |
| Saturday | 5am - 2pm |
| 2pm - 8pm | |
| Sunday | 5am - 2pm |
| 2pm - 8pm |