Jeev Rakshak An Initiative by Rakshak Foundation
Jeev Rakshak is an Initiative by Rakshak Foundation for the Welfare & Rights of all Animals.
24/03/2026
रक्षक फाउंडेशन संस्था के संस्थापक सलाहकार और फरएवर फ्रेंड्स फाउंडेशन के संस्थापक स्वर्गीय श्री विकास लूथरा जी की 47वीं जयंती के अवसर पर आप सभी जीव प्रेमियों को "जीव रक्षक दिवस" की शुभकामनाएं। चंडीगढ़ के मोगली के नाम से जाने जाने वाले श्री विकास लूथरा जी का जीवन जीवों के प्रति समर्पित था। जीवों के प्रति उनके अथाह प्रेम की वजह से वो हजारों जीव प्रेमियों के लिए आदर्श थे। शत शत नमन है ऐसी शख्सियत को🙏🏽
Rakshak Foundation
30/12/2025
रक्षक फाउंडेशन के संस्थापक सूबेदार शहीद कप्तान सिंह जी की पांचवीं पुण्यतिथि पर समस्त कार्यकारिणी की ओर से संस्थापक जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि 🙏
देश के समस्त शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
24/03/2025
चण्डीगढ़ के मोगली के नाम से जाने जाने वाले Furever Friends Foundation के Founder और रक्षक फॉउंडेशन संस्था के संस्थापक सलाहकार स्व. श्री विकास लूथरा जी की 46वीं जयंती पर रक्षक फाउंडेशन परिवार की ओर से कोटि कोटि नमन और उनकी याद में आज "जीव रक्षक दिवस" की आप सभी जीव प्रेमियों को हार्दिक बधाई🙏
Vikas Luthra Rakshak Foundation Furever Friends Furever Youth Foundation Jeev Rakshak An Initiative by Rakshak Foundation Manoj Kumar
12/10/2024
चण्डीगढ़ के मोगली के नाम से जाने जाने वाले और रक्षक फाउंडेशन संस्था के संस्थापक सलाहकार स्व. श्री विकास लूथरा जी की तीसरी पुण्यतिथि पर रक्षक फाउंडेशन परिवार की ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
ॐ शांति🙏
Manoj Kumar Vikas Luthra Rakshak Foundation Furever Friends Meshaan Foundation Furever Youth Foundation Jeev Rakshak An Initiative by Rakshak Foundation
24/03/2024
आज 24 मार्च 2024 को रक्षक फाउंडेशन Rakshak Foundation के संस्थापक सलाहकार स्वर्गीय श्री विकास लूथरा Vikas Luthra जी के जन्मदिवस के अवसर पर यह घोषणा की जाती है की आज से हर वर्ष 24 मार्च को "जीव रक्षक दिवस" के रूप में मनाया जाएगा।
Today on 24 March 2024, On The Occassion of Birth Anniversary of Late Sh. Vikas Luthra ji, The Founder Advisor of Rakshak Foundation, It is Proudly Announced that The Day of 24 March of every year will be Celebrated as
"JEEV RAKSHAK DIWAS".
Furever Friends Furever Youth Foundation Meshaan Foundation Jeev Rakshak An Initiative by Rakshak Foundation रक्षक फॉउंडेशन Manoj Kumar
24/03/2024
होली के रंग इंसानों के लिए ठीक हैं। सभी इंसान खूब मजे से होली बनाएं। लेकिन कृप्या इन जीवों को बख्श दें। इन जीवों पर रंग ना लगाएं। अगर आप एक दूसरे पर रंग लगाओगे तो शाम होने तक अच्छे से नहा लोगे, धो लोगे लेकिन ये जीव बेचारे ना नहा सकते हैं और ना धो सकते हैं। इनके शरीर पर डाले गए रंगों से बहुत नुकसान होता है। कृप्या इन जीवों पर रंग ना डालें🙏
नियम, कानून सब के लिए सब जगहों पर एक समान होने चाहिएं। आम आदमी के लिए नियमों की लंबी लिस्ट होती है लेकिन अमीर लोगों के लिए नियमों की लिस्ट बहुत छोटी हो जाती है। पूरा वीडियो जरूर देखें बहुत जरूरी है।
इनका दर्द भी कोई सुन लो।
काश अपने देश की सरकार इनका दर्द भी सुन सकती। एक सनातनी होने के नाते मुझे भी अच्छा लगता है की श्री राम प्रभु का मंदिर बन गया, मुझे भी अच्छा लगता है की श्री महाकाल की नगरी काशी का जीर्णोधार हो रहा है। लेकिन एक पीड़ा है मन में की जब इतना कुछ किया जा रहा है और नन्दी जी भगवान महाकाल के सबसे प्रिय थे लेकिन फिर भी आज के समय के नन्दी महाराज कितनी पीड़ा में हैं😥😥😭😭
काश सरकार इनकी पीड़ा को भी सुन सके। काश इनके लिए भी कुछ अच्छा किया जाए कभी। 😥😥
Jeev Rakshak An Initiative by Rakshak Foundation Jeev Rakshak Group Rakshak Foundation Manoj Kumar
वीडियो साभार: सोशल मीडिया
21/10/2023
एक बेजुबान सांड का दर्द😓😓
खेत में जाने पर लोग लाठियों से पीटते हैं। घरों से तो बहुत पहले ही इन बेचारों को निकाल दिया गया था। हजारों सालों से इन्होंने किसान और इंसान का साथ दिया, उनका पालतू बनकर रहे। इनकी माता व बहन का दूध तथा उससे बना दही, माखन, छाछ, घी आदि आज भी इंसान बड़े शान से प्रयोग करता है और अपने बच्चों को पालता है व उसी पर आश्रित रहता है। खेतों में ट्रैक्टर से पहले इन्हीं बैल/सांड पर निर्भर रहा जाता था। लेकिन धीरे धीरे आधुनिकता के चलते मशीनों की संख्या खेतों में बढ़ती गई और इन बैल/सांडों की संख्या गलियों में बढ़ती गई।
इतना ही नहीं इनका मूत्र, गोबर, चमड़ी , हड्डी आदि हर चीज़ या यूं कहें कि इनका कतरा-कतरा मानव जाति को समर्पित रहा है। परंतु दुःख होता है ये देखकर की ये बेचारे गली गली मारा मारा फिरते हैं और तो और लाठियों से पीटने के अलावा जो धारदार औजारों से या सरियों से जो इनको जख्मी किया जाता है वो तो असहनीय है।
यही इन बेचारों की व्यथा है जिसे कोई नहीं सुनता,
क्योंकी ये सांड हैं😓😓
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