School for Democracy Rural Community Libraries
The School for Democracy (SFD), in collaboration with village youth run 7 rural community libraries.
We hope to provide a space to learn, develop their reading and comprehension skills, and engage with concepts of equality, justice and unity.
31/01/2026
The Constitution Center and Library in Jawaja celebrated the 77th Republic Day. The Constitutional Oath was taken, and the center's staff invited residents. Public participation was good.☺️💙💙💙✊
13/11/2025
Some glimpses of the Constitution Centre and Library ✊
21/09/2025
Some glimpses of the Constitution Centre and Library .......................🤞
27/08/2025
Zindabad friends
On 25th August 2025, a program was organized in Chhapali and Andarlai School
On 26th August 2025, a program was organized in Surajpura and Jawaja School. On 6th and 9th August 1945, a very painful incident took place in the Second World War, Hiroshima and Nagasaki
17/08/2024
ने लोकतंत्रशाला में 23 से 27 जुलाई 2024 को द्रविड़वाद मॉड्यूल पर कार्यशाला हुई, इस कार्यशाला में हमारे संविधान केंद्र एवं पुस्तकालय फूल टाइमर को भारत में संविधान और दक्षिण की राजनीति बताई कि वहां लोग कम के आधार पर वोट देते है, और वहां इस कारण शिक्षा, स्वास्थ्य , रोजगार के सेवाएं बहुत अच्छी है । इसके साथ लोग अम्बेडकर, रमाबाई, सावित्री बाई फुले, फ़ातिमा शेख, पेरियार, और रविन्द्र नाथ टैगोर आदि के बारे में भी बताया ।
17/08/2024
Introduction to Libraries Course ( 22 - 27 July 2204 )
Bookworm organized a workshop in Goa in which two of our colleagues participated. We learnt and understood many things like the concept of a library, learning space for children, key elements in a library, increasing interest in reading, understanding book collection etc. which we can implement in our constitution centre and libraries.
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Bookworm द्वारा कार्यशाला गोआ आयोजित किया गया जिसमें हमारे दो साथियों ने भाग लिया, लाइब्रेरी का सोच , बच्चों के लिए सीखने की जगह , लाइब्रेरी में मुख्य तत्व , पढ़ने के प्रति रुचि बढ़ाना , किताबो के संग्रह को समझना आदि बहुत सारी चीजें सीखी और समझी की अपने संविधान केंद्र एवं पुस्तकालयो में लागू कर सके ।
13/08/2024
हमारे इंस्टाग्राम account का Name SFD-Constitution Center & Libraries और User Name " Samvidhan_kendra_pustakalay " हो गया है, क्योकि कार्यक्रम का रूप और जुड़ाव हुए है ।
अगली बार इन नामो व user name से Search करे ।
जिन्दाबाद !! ✊🏼✊🏼✊🏼
13/08/2024
जिन्दाबाद !!
लोकतंत्रशाला पुस्तकालयो को नए रूप में आरम्भ किया है , जिसका नाम " संविधान केंद्र एवं पुस्तकालय" है, जो लोकतंत्रशाला के पास के इलाके ( भीम, देवगढ़, जवाजा , करेड़ा और बदनोर ब्लॉक ) में काम करेंगे ।
जिसमें लाइब्रेरी के कार्यकर्ताओं की पहली मीटिंग हुई है जिसमे हमने आने वाले समय के लिए योजना बनाई है, इसके साथ खुद किताबे पढ़ने और उसको रिकॉर्ड रखने के लिए भी लाइब्ररी कार्ड बनाया ।
आगे हम और जानकारी जल्द देंगे ।। ....
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Zindabad !!
Loktantrshala has started a new form of libraries, which is named "Samvidhan Kendra and Pustakalaya", which will work in the areas near Loktantrshala (Bhim, Devgarh, Jawaja, Karera and Badnor blocks).
In which the first meeting of the library workers was held in which we made plans for the coming time, along with this we also made a library card to read the books ourselves and keep a record of it.
We will give more information soon ....
17/04/2024
खिमाखेड़ा लाइब्रेरी में खेल : आंखे बंद कर किताबो को ढूंढो !!
इस खेल के जरिये बच्चो को किताबो के प्रति जुड़ाव बढ़ाया जा रहा है, की किताबो के पढ़ने के साथ स्ख उन्हें समझना और जनाना भी , की इससे हमारी किताबो के प्रति रुचि बढ़ पाये ।
23/03/2024
Join our Festive Fundraising Campaign to support the *The School for Democracy's Rural Community Library Initiative,* fostering democracy values among underserved youth. Together, let's spread joy, empowerment, and constitutional principles this festive season.
हमारे त्योहारी संग्रहण अभियान में शामिल होकर *स्कूल फॉर डेमोक्रेसी का ग्रामीण सामुदायिक पुस्तकालय पहल* का समर्थन करें, जिससे अवसरहीन युवाओं व बच्चों में लोकतंत्र के मूल्यों को बढ़ावा मिले। आओ, मिलकर इस त्योहारी सीज़न में खुशी, सशक्तिकरण, और संवैधानिक सिद्धांतों को फैलाएँ।
*To donate / डोनेशन करने के लिए*
http://m-lp.co/ruralchi-8?utm_medium=native_poster&utm_source=app
10/03/2024
मिलिए मंजू से, जो नंदवाड़ा गावँ में समुदायिक लाइब्रेरी चलती है, उन्होंने नंदवाड़ा लाइब्रेरी में से अपनी पंसद की किताब के बारे में बताया, जिसका शीर्षक है "मानसा का इंद्रधनुष" , लेखक शिवानी श्रीनिवासन
वो बताती है कि "मानस नाम की एक लड़की थी वह अपनी कक्षा के अंदर इंद्रधनुष के बारे में बच्चों को पढ़कर आई थी और उसने घर पर आकर पतियों से इंद्रधनुष के रंगों के बारे में बनना चाहती थी और वह रंग बिरंगी पत्तियां इकट्ठे करने लगी जिससे कि इन दोनों बन सके इंद्रधनुष के अंदर जितने भी रंग थे उन रंगों की अलग-अलग पत्तियां ढूंढने लगी और वह उसका दोस्त रचना उसको चिढ़ाने लग गए और उसने मानस ने कहा कि कल आकर देख लेना की अलग-अलग पतियों से मैं इंद्रधनुष कैसे बनाती हूं और उनके दोस्तों ने कल शाम को आकर देखा तो अलग-अलग पत्तियां पंखुड़ियां से से इंद्रधनुष बना रही थी और इंद्रधनुष में कुछ कलर घट गए थे इन कलरों को पूरा करते हुए इंद्रधनुष बना रही थी इस कविता से हमें मानसा ने इंद्रधनुष बनने की पूरी कोशिश की है कि हमें किसी काम को करने से पूरी कोशिश करनी चाहिए ताकि हमें उसे पीछे नहीं हटना चाहिए आगे बढ़ता रहना ही चाहिए ।"
09/03/2024
मिलिए लखन, जो खिमाखेड़ा लाइब्रेरी चलते है, उन्होंने खिमाखेड़ा लाइब्रेरी में अपनी पंसद की किताब के बारे में बताया, जिसका शीर्षक है "टिफिन वाला पेड़" , लेखक मेरी एन दासगुप्ता, अनुवाद राजेश खर, चित्र अबीरा बंदोपाधय , नेशनल बुक ट्रस्ट प्रकाशक
वह बताते है कि "इस कहानी में दीपू और रीता नाम के बच्चे एक छोटे से शहर मे रहते हैं उनके यहां एक बगीचा था जहां बहुत सारे पक्षी फल फूल खाने और छाया के लिए आते थे फिर वे बच्चे और उनके परिवार बड़े शहर में चले गए वहां कोई भी पेड़ नहीं था कोई भी पक्षी नजर नहीं आते थे बड़ी बड़ी इमारतें थे।फिर एक दिन उनके पापा शतूत का पेड़ लेकर आए थे उसे लगाया वह पेड़ बड़ा हुआ और सारे पक्षी उसके फल खाने आते थे। माना ऐसा लगता था की सारे पक्षी नाश्ता कर रहे हैं तभी बच्चे को लगा यहां तो टिफिन वाला पेड़ लगा हैं।"
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