ROLL
Manoranjan , travel , short video
जो रोज़ निभाया जाता है,
वही असली संघर्ष है।
मैंने शोर कम किया,
ताकि खुद की आवाज़ सुन सकूँ।
मैंने हर जवाब नहीं ढूँढा,
कुछ सवाल साथ लेकर चला।
मैंने खुद को छोड़ा नहीं,
भले ही दुनिया छूटती गई।
कुछ रास्ते
भीड़ से नहीं,
हिम्मत से खुलते हैं।
मैं टूटा नहीं,
मैंने बस दिशा बदली।
कुछ फैसले
तालियों से नहीं,
नींद से तौले जाते हैं।
जो भीतर ठहर गया,
वही बाहर संभल गया।
कभी-कभी बोझ
हल्का नहीं किया जाता,
उठाना सीख लिया जाता है।
कुछ सपने
आँखों में नहीं,
रीढ़ की हड्डी में बसते हैं।
मैं आगे बढ़ा,
क्योंकि पीछे रुकना
अब सुरक्षित नहीं था।
मैंने खुद को समझा,
तभी दुनिया की जल्दी कम लगी।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Bettiah
845102