SADAM KHAN

SADAM KHAN

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PUBLIC ASSISTANT AND SOCIAL SIDE

04/06/2026

आज का दिन भाई अमीर खान समेजा और उनके पूरे परिवार के लिए बेहद खुशी, शुक्र और रहमत का दिन है। वर्ष 2011 में निकाह के बाद पूरे 15 वर्षों तक सब्र, दुआ और उम्मीद के साथ इंतजार करने के पश्चात, आज 4 जून 2026 को अल्लाह रब्बुल आलमीन ने उनके घर एक साथ दो प्यारी बेटियों (जुड़वां रहमतों) की नेमत अता फरमाई है।
वाकई, अल्लाह तआला जब देता है तो अपनी शान के मुताबिक देता है। आज यह बात फिर साबित हो गई कि अल्लाह के घर में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं होता। वर्षों की दुआओं और सब्र का फल आज इन मासूम किलकारियों के रूप में मिला है।
इस्लाम में बेटियों को रहमत, बरकत और जन्नत का जरिया बताया गया है। भाई अमीर के घर आज एक नहीं, बल्कि दो-दो रहमतों ने कदम रखा है। यह खुशी सिर्फ उनके परिवार की नहीं, बल्कि सभी चाहने वालों और रिश्तेदारों की खुशी है।
हम दिल की गहराइयों से भाई अमीर खान समेजा और उनके पूरे परिवार को इस अनमोल नेमत पर मुबारकबाद पेश करते हैं। अल्लाह तआला आपके घर की इन दोनों नन्हीं परियों को सेहत, तंदुरुस्ती, नेक अखलाक, लंबी उम्र और खुशहाल जिंदगी अता फरमाए।
दुआ है कि ये दोनों बच्चियां अपने वालिदैन की आंखों की ठंडक, घर की रौनक और दुनिया व आखिरत में कामयाबी का जरिया बनें। अल्लाह इन्हें नेक, परहेजगार और कामयाब बेटियां बनाए तथा इनके नसीब में हर तरह की भलाई लिखे।

आमीन या रब्बल आलमीन। 🤲

✍️ सदाम खान मंगलिया
8890805983

11/05/2026

पोखरण परमाणु परीक्षण-2 (11 मई, 1998) 🇮🇳🚀
आज का दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम पन्ना है जिसने वैश्विक राजनीति के समीकरण बदल दिए थे। 11 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण की तपती रेतीली धरती से भारत ने दुनिया को अपनी परमाणु शक्ति का लोहा मनवाया था। यह केवल एक परीक्षण नहीं था, बल्कि उभरते हुए 'शक्तिशाली भारत' की दहाड़ थी। इस परमाणु परीक्षणों ने भारत को विश्व की छठी परमाणु शक्ति बनाया।
इस पूरे मिशन का नाम 'ऑपरेशन शक्ति' था। यह इतना गोपनीय था कि दुनिया की सबसे शक्तिशाली खुफिया एजेंसी (CIA) और उनके जासूसी सैटेलाइट्स को कानो-कान खबर नहीं हुई। वैज्ञानिकों ने रेगिस्तान की तपती गर्मी में सेना की वर्दी पहनकर काम किया ताकि सैटेलाइट तस्वीरों में वे सैनिक लगें, वैज्ञानिक नहीं।
इस मिशन की सफलता के पीछे दो महान व्यक्तित्वों की अटूट इच्छाशक्ति थी:
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी: उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दबाव की परवाह न करते हुए राष्ट्रहित में यह साहसी फैसला लिया। उन्होंने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि "भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहेगा।"
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: रक्षा सलाहकार के रूप में कलाम साहब इस मिशन के मुख्य सूत्रधार थे। उनके साथ डॉ. आर. चिदंबरम और वैज्ञानिकों की टीम ने दिन-रात एक कर इस तकनीकी चमत्कार को संभव बनाया।
11 मई की दोपहर को भारत ने तीन सफल धमाके किए (बाद में 13 मई को दो और परीक्षण हुए)। इसमें 'फ्यूजन' और 'फिशन' दोनों तरह के बम शामिल थे।
भारत ने हमेशा 'No First Use' (पहले प्रयोग न करने) की नीति अपनाई। हमारा परमाणु कार्यक्रम किसी को डराने के लिए नहीं, बल्कि अपनी आत्मरक्षा और 'Minimum Credible Deterrence' (न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोध) के लिए है।
पोखरण परीक्षण ने भारत को 'आत्मविश्वास' दिया। इसने सिखाया कि विज्ञान और राजनीति जब एक साथ राष्ट्रहित में खड़े होते हैं, तो इतिहास रचा जाता है।
एक मजबूत राष्ट्र वही है जो शांति का पक्षधर तो हो, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए शक्ति का संतुलन बनाना भी जानता हो। आज हम उन सभी वैज्ञानिकों और नेतृत्व को सलाम करते हैं जिन्होंने भारत को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनाया। 🛡️✨
✅ रणनीतिक ताकत
✅ वैश्विक पहचान
✅ अटूट आत्मविश्वास
🇮🇳जय हिंद! जय विज्ञान!🇮🇳
सदाम खान मंगलिया
(शिक्षा एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पित)

04/05/2026

ATT JALOR

04/05/2026

Kyu roe har bat pe badiya Kya laya tha satha me badiya jane de jo chala kya he kuchh bhi nhi he tere hatha me badiya 😓

17/04/2026

Bhaudo♥️

17/04/2026

Chhota bhai ♥️

14/04/2026

आज 14 अप्रैल है—एक ऐसा ऐतिहासिक दिन हमें उस महामानव की याद दिलाता है, जिन्होंने न केवल भारत का संविधान लिखा, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान से जीने का अधिकार दिया। डॉ. बी.आर. अंबेडकर एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं—समानता, न्याय और बंधुत्व का विचार।
आज भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक और 'भारत रत्न' डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी की जयंती है।जिसने कलम की ताकत से करोड़ों लोगों की तकदीर बदल दी।
बाबा साहेब का संघर्ष केवल एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए था। उन्होंने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो धर्म, जाति और लिंग से ऊपर उठकर हर नागरिक को बराबर का अधिकार देता है।
उन्होंने जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़कर एक न्यायपूर्ण समाज की नींव रखी।
बाबासाहेब ने कहा था— *"शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।"* आज के दौर में शिक्षित होना और आपसी भाईचारे के साथ संगठित रहना ही हमारी असली ताकत है।
आज इस पावन अवसर पर, मैं सद्दाम खान मंगलिया, आप सभी देशवासियों को बाबा साहेब की जयंती की हार्दिक बधाई देता हूँ। आइए, हम संकल्प लें कि हम उनके द्वारा दिखाए गए समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलेंगे। समाज में समरसता बनाए रखना और संविधान के मूल्यों की रक्षा करना ही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
"संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है, यह जीवन जीने का एक माध्यम है।"

आप सभी को बाबा साहेब अंबेडकर जयंती की मंगलकामनाएं!

कोटि-कोटि नमन बाबासाहेब को!
जय भीम, जय भारत!

07/04/2026

Ibrahim mamu ki shadi me 🎉

07/04/2026

Best friend ukesh rana 🤝

06/04/2026

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