Tech By Veerendra
For science and technology awareness
31/05/2024
भगवान शिव की अनन्य भक्त,
न्याय, त्याग एवं धर्म की प्रतिमूर्ति, प्रातःस्मरणीय महान वीरांगना राजमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन।
26/03/2024
25/03/2024
Holi celebration in Village with family members.
25/03/2024
Happy Holi
26/01/2024
प्रदेश वासियों को 75वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!
यह राष्ट्रीय पर्व हमें अपने अमर सेनानियों के स्मरण के साथ ही 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना की सिद्धि हेतु प्रतिबद्ध होने का अवसर भी प्रदान करता है।
आइए, 'समर्थ-आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण के लिए हम सभी संकल्पित हों!
जय हिंद!
22/01/2024
Jai Sri Ram 🙏
15/10/2023
देशवासियों को नवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं। शक्ति प्रदायिनी मां दुर्गा हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आएं। जय माता दी!
28/09/2023
शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर शत शत नमन।
भारत की स्वतंत्रता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान पूरे देश को आज़ादी का सम्मान और उसकी रक्षा करने के लिए सदा प्रेरित करता रहेगा।
28/09/2023
भगत सिंह ने अंग्रेज़ों की असेम्ब्ली में धमाका करके खुद को पुलिस को सौंप दिया। कोई ज़रूरी नहीं था खुद को पुलिस को सौंपना, पहले कितनी ही बार आसानी से पुलिस को चकमा दे चुके थे। फिर क्यों इस बार स्वेच्छा से फाँसी के फंदे को चुन लिया उन्होंने? उनसे पूछा गया तो बोले - मैं मर इसलिए रहा हूँ क्योंकि मेरे मरने से ही ये बात जन-जन तक पहुँच पाएगी। अगर मैं ज़िंदा रहा तो कुछ ही लोगों पर मेरा असर पड़ेगा, पर यदि मैं शहीद हो गया तो मेरे संदेश का प्रचार करोड़ों लोगों तक हो जाएगा। इसलिए फाँसी चुनना ज़रूरी है। इतना बड़ा होता है सामाजिक काम में प्रचार का महत्व! भगत सिंह ने इतना बड़ा निर्णय इतनी स्पष्टता के साथ लिया क्योंकि वे जानते थे कि जब वे पकड़े जाएँगे तो उन्हें अंग्रेज़ी शासन के होते हुए भी अदालत में अपनी बात कहने का मौका मिलेगा। साथ ही, उस समय का मीडिया उनकी बात को जन-जन पहुँचाने में उनकी मदद भी करेगा। अपनी बात लोगों तक पहुँचाने के लिए उन्हें किसी तरह का 'ऐड' दिखाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। पर आज परिस्थिति वैसी नहीं हैं। देश, समाज, मीडिया, सब कुछ बदल चुका है। आप हो सकता है दुनिया की सबसे क्रांतिकारी बात कह रहे हों, लोगों के भीतर विवेक जाग्रत कर रहे हों, सामाजिक कुप्रथाओं का पुरज़ोर विरोध कर रहे हों, एक बहुत बड़े वर्ग के उत्थान के लिए आवाज़ उठा रहे हों, लेकिन इन सब के बाद भी ऐसा बिलकुल संभव है कि आपको एक सीमित दायरे के बाहर कोई नहीं जानता हो। लोगों तक पहुँचने के आज बहुत सारे रास्ते खुल गए हैं, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन वे सभी माध्यम पूरी तरह 'कमर्शियललाइज़्ड' हो चुके हैं, इसमें भी कोई संदेह नहीं है। उदाहरण के तौर पर आपको एक बढ़िया तथ्य बताते हैं: यूट्यूब भी उसी वीडियो को आगे बढ़ाता है जिसमें उसको 'ऐड' दिखाने का सबसे अधिक स्कोप दिखता है। जितना मसालेदार वीडियो, उतने लोगों को वो वीडियो अपनी ओर खींचेगा। और मसालेदार सामग्री के बीच हर तरह का विज्ञापन लोगों दिखाया जा सकता है। फिर मसालेदार कंटेंट को देखने वाले व्यक्ति के 'सजेशन' में ऐसा कोई वीडियो डालने से ज़्यादा संभावना है कि वो वीडियो खोलेगा। और उसी से उसके ऐड देखने की संभावना भी बढ़ती है। यूट्यूब खुश! विज्ञापनदाता खुश! आम-आदमी का क्या? कुछ नहीं! वो तो वैसे भी सोया हुआ है। ये तो सिर्फ़ एक उदाहरण है,
आप किसी भी प्रकार के मीडिया के विषय में पड़ताल करेंगे तो आपको ऐसा ही एक कुचक्र दिखाई देगा। जहाँ अधिकतम लोगों तक क्या बात पहुँचनी चाहिए वो इससे निर्धारित नहीं होता कि बात कितनी ऊँची है, बल्कि इससे निर्धारित होता है कि आप दाम कितना चुकाने को तैयार हैं। अगर आपके पास मोटा दाम देने की क्षमता है तो फूहड़-से-फूहड़ बात भी पूरे देश को रात के खाने साथ देखने के लिए मजबूर किया जा सकता है। और आप यदि थोड़ा आँख खोल कर देखेंगे तो अपने आसपास ऐसे कई उदाहरण पाएँगे। फिर क्या करें ऐसे परिस्थिति में? भगत सिंह बहुत ऊँचे थे। उनकी तरह हम क्रांति के प्रचार के लिए जान तो नहीं देंगे क्योंकि आज के समय में जान देने के बाद भी बात लोगों तक पहुँचेगी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है :) लेकिन इतना ज़रूर है कि ज़िंदगी हमने सत्य के प्रचार-प्रसार के नाम कर दी है। झूठ, कमज़ोरी और दुःख बहुत फैल गए हैं— इनको हारना ही चाहिए। यही हमारा मिशन है। बात साफ है—आपकी संस्था को संसाधनों की ज़रूरत है। मात्र भारत देश के ही लोगों तक पहुँचने हेतु ही सैकड़ों करोड़ रुपए की राशि चाहिए। उसके बाद लोगों को जुड़े रहने का माध्यम देना, और हर कदम पर उनके साथ खड़े हो पाने लिए बहुत संसाधन चाहिए होते हैं। इसके बिना बात बनेगी नहीं। देखिए, हम आम लोग हैं। हम भगत सिंह की तरह जान नहीं दे सकते, शायद क्रांति को हम पूरा जीवन भी समर्पित नहीं कर सकते। लेकिन इतना तो कर ही सकते हैं कि दिल खोल कर सच के प्रचार को संसाधन दें? कर सकते हैं न?
By Acharya Prashant
15/09/2023
Happy Engineers day
23/08/2023
चन्द्रयान-3 की सफल लैंडिंग
देश के वैज्ञानिकों को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए हार्दिक बधाई
आपकी मेहनत ने भारत का नाम विश्वपटल पर रोशन किया है
पूरे देश के लिए गौरव का पल।
जय हिंद. 🇮🇳🇮🇳
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