ummat e Muslima
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Rihai Mubarak Bhai ❤️ Ahzam atiq Abaan atiq : بارك الله فيك
यह तो मैथमेटिक्स का सिंपल सवाल है कि अगर 400 रु. की किसी चीज पर दुकानदार ने 700 रु. बढ़ाकर उसके दाम 1100 रु. कर दिए और फिर उस पर 200 रु. की छूट दे दी तो क्या ग्राहक को इससे संतुष्ट होना चाहिए?
या
इस बेईमान पद्धति के विरोध में उस व्यापारी
का बहिष्कार करना चाहिए?
या अल्लाह क़ुछ दे या ना दें,
ब़स माँ-बाप क़ा साया ना ऊठाना सर सें !!
🤲आमीन🤲
चांद पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं यह गड्ढे हज़ारों की संख्या में हैं उन्हें Lunar crater कहा जाता है
चांद के इन गड्ढों में से कुछ गड्ढों का नाम किसी बड़े वैज्ञानिक (खगोल शास्त्री ) के नाम पर रखा गया है ज्यादा तर नाम इस माडर्न दौर के हैं वहीं बहुत से पुराने वैज्ञानिकों के नाम भी हैं
इन में 24 मुस्लिम नाम हैं जिन में 22 वैज्ञानिक हैं और दो नाम ऐसे हैं जो खुद वैज्ञानिक नहीं थे लेकिन विज्ञान की सेवा के लिए प्रसिद्ध थे इन में एक अब्बासी खलीफा मामून रशीद और दूसरे मशहूर सैलानी इब्ने बतूता का नाम है
सब नाम पुराने हैं सबसे आखिरी नाम मशहूर वैज्ञानिक तैमूर लंग के पोते मिर्ज़ा ओलोग बेग का है जिन का इंतकाल 1449 ईसवी में हुआ था यानी लगभग 600 वर्षों में कोई बड़ा मुस्लिम खगोल शास्त्री नहीं पैदा हुआ
24 वैज्ञानिकों की लिस्ट के लिए लिंक कमेंट बाक्स में मौजूद है
Khursheeid Ahmad
विरासत के शजर को छांटना है
कई हिस्सों में खुद को बांटना है
शजर साया भी दे फूले फले भी
मुझे शाखों को ऐसे छांटना है।
क्यों मौसम की तब्दीली तुम्हे इस बात में सोचने पर मजबूर नही करती ?
कोई तो है जिस के हुकुम से ये सब होता है...
जवाब सिर्फ एक ही है "अल्लाह" की ज़ात...
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This will bypass the system.
He who does nothing apparently agrees.
मुझे उस शख़्स के बारे में ताज्जुब होता है
जो हर दिन वह देखता है कि उसकी सांस और उम्र कम हो रही है और
वह मौत की तैयारी नहीं करता
रब को इबादत से और मखलूक को अपने अखलाक़ से राज़ी कर लो दुनियां और आखिरत दोनों में खुश रहोगे
अल्लाह की रहमत की पहली निशानी यह है कि इंसान को अपनी खामियां नजर आने शुरू हो जाते हैं।
अल्लाह नाराज़ हो तो रोटी नहीं छीनता बल्कि सज्दे की तौफीक़ छीन लेता है!
25/07/2023
Congratulations
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