Sushil Kumar
कबीर, माया दासी संत की, उभय दे आशीष। विलसी और लातों छड़ी, सुमर-सुमर जगदीश ...
दास अपने घर से 2/4 कुढ़तेपजामा लेके आया था
14/02/2026
17 फरवरी को उस महान संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। और देखते ही देखते पूरे विश्व में अपने तत्वज्ञान का परचम लहरा दिया।
15, 16, 17 फरवरी को संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में उनके सभी आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें संपूर्ण विश्व को आमंत्रित किया गया है।
13/02/2026
17 फरवरी को उस महान संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है, जिन्होंने मानव कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। और देखते ही देखते पूरे विश्व में अपने तत्वज्ञान का परचम लहरा दिया।
15, 16, 17 फरवरी को संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में उनके सभी आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें संपूर्ण विश्व को आमंत्रित किया गया है।
21/01/2026
हिन्दू धर्म के धर्मगुरू जो साधना साधक समाज को बताते हैं, वह शास्त्र प्रमाणित नहीं है। जिस कारण से साधकों को परमात्मा की ओर से कोई लाभ नहीं मिला जो भक्ति से अपेक्षित किया। फिर धर्मगुरूओं ने एक योजना बनाई कि भगवान शिव का आदेश हुआ है कि जो काशी नगर में प्राण त्यागेगा, उसके लिए स्वर्ग का द्वार खुल जाएगा। वह बिना रोक-टोक के स्वर्ग चला जाएगा। जो मगहर नगर (गोरखपुर के पास उत्तरप्रदेश में) वर्तमान में जिला-संत कबीर नगर (उत्तर प्रदेश) में है, उसमें मरेगा, वह नरक जाएगा या गधे का शरीर प्राप्त करेगा। गुरूजनों की प्रत्येक आज्ञा का पालन करना अनुयाईयों का परम धर्म माना गया है। इसलिए हिन्दू लोग अपने-अपने माता-पिता को आयु के अंतिम समय में काशी (बनारस) शहर में किराए पर मकान लेकर छोड़ने लगे।
अंधविश्वास और पाखंड के कारण लोग करौंत जैसी विधियों में फंसे रहे। यह केवल अज्ञानता और शास्त्रज्ञान की कमी का परिणाम है।
#गला_भी_कटाया_मोक्ष_नहींपाया
#कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस
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