ankush saini
Dosto Es Page Par Apko Human/women ke motivation se related Videos Dekhne Ko milenge Jo Apki Liye hai
30/03/2024
मत कर माया का अहंकार , मत कर काया का अभिमान
काया गार से काची, हो काया गार से काची..
रे जैसे ओस रा मोती,
मत कर माया का अहंकार , मत कर काया का अभिमान
काया गार से काची,
झोंका पवन का लग जाये, झपका पवन का लग जाए
काया धूल हो जासी , हो काया धूल हो जासी
रे जैसे ओस रा मोती,
ऐसा सख्त था महाराज, जिनका मुल्कों में था राज
जिन घर झूलता हाथी, हो जिन घर झूलता हाथी,
रे जैसे ओस रा मोती
भरया सिन्दड़ा में तेल, जहाँ रचयो है सब खेल
जल रही दिया की बाती, हो जल रही दिया की बाती,
रे जैसे ओस रा मोती
खूट गया सिन्दड़ा रो तेल , बिखर गया सब निज खेल
बुझ गई दिया की बाती, हो बुझ गया दिया का बाती,
रे जैसे ओस रा मोती
झूठा माई थारो बाप, झूठा सकल परिवार
झूठी कूंटता छाती,हो झूठी कूंटता छाती,
रे जैसे ओस रा मोती
बोल्या भवानी हो नाथ, गुरूजी ने सिर पर धरया हाथ
जिनसे मुक्ति हो जासी, हो जिनसे मुक्ति हो जासी,
रे जैसे ओस रा मोती
मत कर माया का अहंकार , मत कर काया का अभिमान
काया गार से काची, हो काया गार से काची..
रे जैसे ओस रा मोती, जैसे ओस रा मोती
भावार्थ – संत कबीर कहते है अपनी माया (धन-संपत्ति ) का अहंकार मत कर । अपने काया (शरीर-ताकत) पर अभिमान मत कर । क्योंकि ये काया (शरीर), गार (मिटटी) से भी काची (कच्ची) है, नाजुक है । ये काया उतनी ही झूठी है जैसे पत्ते पर जमी ओस की बून्द मोती सी प्रतीत होती है ।
अनेक मुल्कों में राज करने वाले महाराज थे, जिसके महलों में हाँथी तक विचरण करते थे । उनके घरों में आज दिया और बाती तक न बचा । सबकुछ नष्ट हो गया ।
सिंदड़ा (दिये) में तेल खुट (ख़त्म) हो जाने पर, उसके जलने का खेल ख़त्म हो जाता है । तेल के बिना दिये की बाती बुझ जाती है । अर्थात इस काया (शरीर) का अस्तित्व और जीवंतता तब तक ही है , जब तक इसमें प्रभु की चेतनता व्याप्त है।| उसके न रहने से ये शरीर जड़ है, धूल के सामान है।
तेरे माता पिता से तेरा सम्बन्ध झूठा है । तेरे समस्त परिवार से तेरा सम्बन्ध झूठा है । तू झूठा ही अहंकार करता है और अपनी छाती कूटता है । इसलिए तेरा अपनी धन-संपत्ति, परिवार और प्रसिद्धि का अभिमान, उतना ही झूठा है जैसे ओस की बून्द मोती सी प्रतीत होती है ।
भवानी नाथ जी बोलते हैं की गुरूजी कबीरदास जी ने उनके सिर पर हाँथ रखा जिससे उन्हें मुक्ति मिल रही । अर्थात इस भव सागर को पार करने के लिए गुरु की कृपा, शिक्षा और शरण जरूरी है ।
अपनी माया (धन-संपत्ति) का अहंकार मत कर , अपने काया (शरीर-ताकत) पर अभिमान मत कर, क्योंकि ये काया (शरीर), गार (मिटटी) से भी काची (कच्ची) है, नाजुक है । ये काया उतनी ही झूठी है जैसे पत्ते पर जमी ओस की बून्द मोती सी प्रतीत होती है ।
17/03/2024
दुःखद घटना
हरियाणवी सिंगर भाई अमित सैनी रोहतकिया के बेटे के निधन का समाचार प्राप्त हुआ । अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी, ट्यूशन पढ़कर लौट रहा था 9 साल का बच्चा।
ईश्वर आपको व आपके परिवार को इस दुःख को सहन करने की हिम्मत प्रदान करे।
शत शत नमन भावपूर्ण श्रद्धांजलि
😰😰😰
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the public figure
Telephone
Address
955, Mandavar Road Pinan, Man Market Pinan
Alwar
301413