AMU
Official Page - Aligarh Muslim University (AMU) (Urdu: علی گڑھ مسلم یونیورسٹی) is a public university, funded by the central government of India.
it's an unofficial Page..
Anger just like a dance - by Sandeep Maheshwari ❤️
28/05/2021
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बुखार का पहला दिन: ये बुखार है, ठीक हो जायेगा, मुझे कोविड तो हो ही नहीं सकता, क्योंकि यह बीमारी ही नहीं होती है।
बुखार का दूसरा दिन: हर बुखार कोविड थोड़े होता है, लेकिन फिर भी पैरासिटामोल खा लेता हूँ।
बुखार का तीसरा दिन: RT-PCR टेस्ट करवा के क्या होगा, सीधे CT Scan करवा लेता हूँ। (सिर्फ 2-3 दिन में CT स्कैन में कुछ खास नहीं आयेगा, तो कोविड इडियट कहेगा कि कोरोना नहीं है)
बुखार का चौथा दिन: ये बुखार तो पीछे ही पड़ गया, चलो ब्लड टेस्ट करवा लेते हैं। डॉक्टर को पैसे क्यों देना है, वो भी तो यही सब टेस्ट करवायेगा। (टेस्ट में टाईफाइड फाल्स पॉजिटिव आयेगा, क्योंकि वह क्रॉस-रिएक्टिव है)
बुखार का पांचवा दिन: मैंने पहले ही कहा था कि यह टाईफाइड है, अब डॉक्टर को ₹300 क्या देना है, कुछ एंटीबायोटिक खरीद के खा लेते हैं।
बुखार का छठा दिन: अभी, कल ही तो एंटीबायोटिक शुरू किया है, थोड़ा समय तो लगेगा।
बुखार का सातवां दिन: ये बुखार तो पिछे ही पड़ गया। एक फ्रेंड डॉक्टर है, उस से पूछते हैं। कुछ देर बाद... ये डॉक्टर सब का लैब में कमीशन होता है, देखो PCR Test के लिए बोल रहा है। उसके रिपोर्ट में भी 1-2 दिन लगेगा।
बुखार का आठवां दिन: अरे, मुझे सांस लेने में दिक्कत क्यों हो रही है? कोई अस्पताल ले चलो। (लेकिन कोविड रिपोर्ट नहीं है).
बुखार का नौवां दिन: ऑक्सीजन लेवल 90% से निचे जा रहा है, लेकिन कहीं बेड नहीं मिल रहा है। ये सरकार एकदम बेकार है।
बुखार का दसवां दिन: ऑक्सीजन लेवल 80% से निचे है, बहुत मुश्किल से एक बेड मिला है। लेकिन राहत नहीं है, ये अस्पताल एकदम बेकार है।
बुखार का ग्यारहवां दिन: वेंटिलेटर पर गये, अब परिवार वाले डॉक्टरों को दोष दे रहे हैं।
बुखार का बारहवां दिन: संक्रमण इतना बढ़ गया कि मरीज की मौत हो चुकी है, बाकी के लोग डॉक्टरों से लड़ रहे हैं।आप लोगों को कुछ नहीं आता, दो हफ्ते पहले स्वस्थ आदमी का जान ले लिया। (अस्पतालों की स्थिति भी अच्छी नहीं है, बेड की लिए इतनी मारामारी है कि वहाँ भी लापरवाही हो रही हैं)
इसी बीच, कुछ और लोग, इसी तरह की गलती करने में लगे हुये हैं।
*कृप्या.... अपनी तरफ से लापरवाही न करें। सतर्क रहें .... सुरक्षित रहें ....!!*
हकीकत है। बिंद्रा साहब ने आईना दिखाने का काम किया है। सैल्यूट है ऐसे इंसान को।। ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।।
22/10/2020
संसार में दो प्रकार के पेड़ पौधे होते हैं...
प्रथम - अपना फल स्वयं दे देते हैं... जैसे - आम, अमरुद, केला इत्यादि ।
द्वितीय - अपना फल छिपाकर रखते हैं... जैसे - आलू, अदरक, प्याज इत्यादि ।
जो फल अपने आप दे देते हैं, उन वृक्षों को सभी खाद-पानी देकर सुरक्षित रखते हैं, और ऐसे वृक्ष फिर से फल देने के लिए तैयार हो जाते हैं ।
किन्तु जो अपना फल छिपाकर रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते हैं, उनका वजूद ही खत्म हो जाता हैं।
ठीक इसी प्रकार...
जो व्यक्ति अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वयं ही समाज सेवा में समाज के उत्थान में लगा देते हैं, उनका सभी ध्यान रखते हैं और वे मान-सम्मान पाते है।
वही दूसरी ओर...
जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वार्थवश छिपाकर रखते हैं, किसी की सहायता से मुख मोड़े रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते है, अर्थात् समय रहते ही भुला दिये जाते है।
प्रकृति कितना महत्वपूर्ण संदेश देती है, बस समझने, सोचने और कार्य में परिणित करने की बात है
वीडियो अच्छी लगे तो शेयर करे।।
16/10/2020
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जब शांति से खड़ा था तो क्या जरूरत थी उसके............
लाठी मरने की 🤣🤣🤣
18/05/2020
Stay mentally strong 💪
18/05/2020
लॉक डाउन ३१ मई तक।। क्या खुलेगा, क्या नहीं।। नीचे दी सूची देखे।।
सब्जियों को घर पर सेनिटाइज करने के तरीकों पर इन्दौर प्रशासन द्वारा तैयार किया गया विडियो
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