CPIM Varanasi

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Official Page Of Cpim Varanasi District Committee

Photos from CPIM Varanasi's post 01/06/2026
01/06/2026

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी द्वारा प्रदेशव्यापी आवाहन के अंतर्गत स्मार्ट मीटर और बिजली निजीकरण के खिलाफ चंदौली जनपद के चकिया में विद्युत सब स्टेशनों पर प्रदर्शन किया गया

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#वाराणसी_में_बिजली_के_एमडी_कार्यालय_पर_मार्क्सवादी_कम्युनिस्ट_पार्टी_का_जोरदार_प्रदर्शन

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी के आवाहन पर 1 जून 2026 को बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर तथा 10% बिजली मूल्य में वृद्धि के खिलाफ वाराणसी में विद्युत नगर भिखारीपुर पर प्रदर्शन करते हुए मुख्य अभियंता के द्वारा मुख्यमंत्री को वाराणसी जिला कमेटी की तरफ से मांग पत्र भेजा गया।
भिखारीपुर पोखरे पर 11:00 बजे जिले के विभिन्न हिस्सों से लाल झंडे के साथ किसान और मजदूर एकत्रित हुए और वहां पर सभा की गई। सभा को संबोधित करते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी केंद्रीय कमेटी के सदस्य डॉक्टर हीरालाल यादव ने कहा कि युद्ध के बहाने उत्तर प्रदेश सरकार बिजली मूल्य में 10% की वृद्धि करके आम जनता पर और ज्यादा बोझ लाद कर उनकी कमर तोड़ देना चाहती। पेट्रोल, डीजल, गैस आदि के दामों में वृद्धि के बहाने बिजली कंपनियां के मुनाफा कम ना हो जाए इसकी चिंता सरकार को है किंतु आम आदमी के दयनीय आर्थिक स्थिति की चिंता नहीं है। युद्ध का असर केवल कंपनियों पर नहीं है बल्कि सबसे ज्यादा असर किसानों मजदूरों कर्मचारियों और जनता के अन्य हिस्सों पर है ।उन्होंने कहा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी पिछले 5 सालों से बिजली निजीकरण के खिलाफ आंदोलन चल रही है और स्मार्ट मीटर का विरोध कर रही है। यह विरोध आगे भी चलता रहेगा जब तक कि बिजली के निजीकरण का और स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय वापस नहीं होता। सभा के पश्चात जुलूस की शक्ल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता एमडी कार्यालय पहुंचे जहां सुरक्षा कर्मियों ने मुख्य गेट बंद कर दिया और अंदर जाने से रोक दिया। गेट पर जोरदार नारेबाजी की गई। एक्सियन विवेक सिंह के माध्यम से मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजा गया।
सभा और जुलूस में मुख्य रूप से जिला सचिव अनिल कुमार सिंह, राज्य कमेटी सदस्य नंदलाल पटेल, मोवीन अहमद, लालमणि वर्मा, देवाशीष, श्याम लाल मौर्य, गौरी शंकर,दूधनाथ पटेल,लक्ष्मण वर्मा, भोलानाथ यादव, चुलबुल यादव,इम्तियाज अहमद, मुरलीधर, विनय कुमार उपाध्याय आदि ने विचार व्यक्त किया अध्यक्षता राम वरिष्ठ साथी रामभरोस ने किया। मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र में यह भी मांग की गई कि किसानों के नलकूपों पर मीटर ना लगाया जाए, बिजली विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती की जाए। संविदा कर्मचारियों को स्थाई कर्मचारी घोषित किया जाए, बुनकरों को पहले वाले फ्लैट रेट पर बिजली दी जाए और किसाने की जमीन से जाने वाले विद्युत पोलों का उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाए।

30/05/2026
29/05/2026

28 मई, 2026

प्रेस विज्ञप्ति

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सिस्ट) के पोलित ब्यूरो ने यह बयान जारी किया है:

SIR का फ़ैसला: डेमोक्रेसी पर बड़ा आघात,

सुप्रीम कोर्ट का वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को सही ठहराने वाला फ़ैसला न्याय का मज़ाक है। एक ऐसी प्रक्रिया जिसके कारण अलग-अलग राज्यों में कमज़ोर नागरिकों को बड़े पैमाने पर वोट देने से रोका गया, बाहर रखा गया और डराया गया, को सही ठहरा कर सुप्रीम कोर्ट ने डेमोक्रेटिक अधिकारों और संवैधानिक गारंटी के संरक्षक जो उसे उम्मीद की जाती है के तौर पर अपनी भूमिका से गंभीर समझौता किया है।

पिटीशनर एक बुनियादी सवाल का जवाब ढूंढ रहे थे: क्या वोट देने का अधिकार, जो सबसे बुनियादी ज़रिया है जिसके ज़रिए नागरिक जनतंत्र में हिस्सा लेते हैं, उस पर मनमाने शक के आधार पर, बड़े पैमाने पर नौकरशाही द्वारा डॉक्यूमेंट्री जांच की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने यूनिवर्सल एडल्ट वोटरशिप के सिद्धांत को कमज़ोर कर दिया है क्योंकि SIR की वजह से गरीब, माइग्रेंट, माइनॉरिटी, दलित, आदिवासी, ज़मीनहीन नागरिक और दूसरे पिछड़े तबके के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए क्योंकि उनके पास मांगे गए डॉक्यूमेंट नहीं थे। पूरे SIR प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी की कमी थी।

अफसोस की बात है कि कोर्ट ने कई राज्यों से मिली उन रिपोर्ट्स को नज़रअंदाज़ कर दिया है जिनमें सही वोटर्स के नाम बिना सही नोटिस दिए हटा दिए गए। वेरिफिकेशन के मुश्किल प्रोसेस और पिछड़े नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पश्चिम बंगाल में “लॉजिकल अंतर” की गलत सोच को लागू करने से, जो एल्गोरिदम पर आधारित बिना टेस्ट किए गए सॉफ्टवेयर पर आधारित थी, एक करोड़ से ज़्यादा वोटर्स को डाउटफुल कैटेगरी में डाल दिया गया। आखिरकार, 27 लाख लोगों ने, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी मदद की पेशकश की थी, वोट देने का अधिकार खो दिया।

बदकिस्मती से, कोर्ट ने एक ऐसे सिस्टम को सपोर्ट किया है जिसमें नागरिकता और वोटिंग का अधिकार "स्वीकार्य डॉक्यूमेंट्स" होने पर निर्भर हो जाता है, जो संविधान के बराबरी के वादे के मूल पर आघात करता है जबकि लोगों को आधार, वोटर आईडी जारी किया गया है और पहचान के दूसरे तरीकों से वेलफेयर वगैरह का इस्तेमाल किया गया है।

यह साफ तौर पर कहने के बावजूद कि नागरिकता तय करना, जो होम मिनिस्ट्री के अधिकार क्षेत्र में है, चुनाव आयोग के अधिकारों से बाहर है, उसके के SIR के संचालन का बड़े पैमाने पर समर्थन उस दावे को ही खत्म कर देता है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह SIR प्रक्रिया के ज़रिए हटाए गए सभी लोगों के नाम उनकी नागरिकता के वेरिफिकेशन के लिए संबंधित अथॉरिटी को सौंपे। यह कदम उन सभी को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर करता है, जो एक तरह से नेशनल रजिस्ट्री ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) को चुपके से पेश करने की ओर ले जाता है, जिसका पूरे देश ने एक साथ विरोध किया था।

कोर्ट ने इस उम्मीद को गलत साबित कर दिया है कि वह इलेक्शन कमीशन की निष्पक्षता और स्वतंत्रता में लोगों के कम होते भरोसे को देखते हुए इस मुद्दे को देखेगा।

CPI(M) सेंट्रल कमेटी की हाल ही में हुई मीटिंग में वोट के अधिकार को बचाने और बड़े चुनावी सुधारों की मांग के लिए पूरे देश में कैंपेन चलाने का फैसला किया गया था। पार्टी इस पूरे देश में चल रहे संघर्ष में एक जैसी सोच वाली पार्टियों और ताकतों को इकट्ठा करने की कोशिश करेगी।

29/05/2026

मशहूर शायर बशीर बद्र का जाना दुखद ! श्रद्धांजलि! निधन 28 मई 2026

27/05/2026

कामरेड पिनाराई विजयन, पी बी सदस्य, CPI (M) एवं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के घर केंद्र सरकार के निर्देश और राजनीतिक दुर्भावना से ई• डी• ने छापा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन .
Communist Party of India (Marxist) के
पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड अशोक धवले ने सम्बोधित करते हुए.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया.

Photos from CPIM Varanasi's post 27/05/2026

लाल झंडे के जज्बे के सामने ये हास्यास्पद छापे और निराधार आरोप धराशायी हो जाएंगे।

27/05/2026

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री कामरेड विजयन को टारगेट करके उनके आवास पर ईडी द्वारा छापेमारी के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन। सीपीएम महासचिव सहित सैकड़ो लोग गिरफ्तार किए गए। हम इस तानाशाही की घोर निंदा करते हैं।

Photos from CPIM Varanasi's post 27/05/2026

वाराणसी में पार्टी फंड के रूप में किसानों से गेहूं संग्रह अभियान‌।
अभियान में वाराणसी के जिला नेताओं के साथ पार्टी केंद्रीय कमेटी के सदस्य डॉक्टर हीरालाल यादव,, जिला सचिव अनिल कुमार सिंह, लालमणि वर्मा, दूधनाथ पटेल, गौरी शंकर, देवेंद्र सिंह, सुरेश शाह चुलबुल, इम्तियाज़ इत्यादि ने भाग लिया।

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