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31/05/2026

DIOS TRANSFER LIST 2026

31/05/2026

तस्वीर मे दिख रहे शख्स का नाम विराज उर्फ जितेंद्र पाठक है। और बच्चे का नाम आरव है। आरव डेढ़ साल का था, लेकिन अब दुनिया में नहीं है। विराज बदायूं के शेखूपुर का निवासी है। रति नामी एक महिला का अपने पति से विवाद चल रहा था। विराज ने सोचा कि इस विवाद का फायदा उठाकर वह रति को से शादी कर लेगा। उसने रति पर शादी का दबाव बना शुरू कर दिया। लेकिन रति ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया। विराज इससे बेहद नाराज़ हो गया।

विराज ने आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने पास बुलाया। और उसे साथ ले गया। कुछ दूर जाकर गली में उसने सन्नाटा देखकर आरव को सड़क पर पटक-पटक मार डाला। विराज ने आरव को आठ बार जमीन पर सड़क पटका था। इससे आरव के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसकी मौत हो गई। इसके बाद विराज आरव को गोद में लेकर आया। उसे घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया। आरव को सड़क पर पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो इतना वीभत्स है कि उसे देखने की भी हिम्मत नहीं हो पा रही है।

अब पुलिस ने विराज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया है। उसके पैरों में गोली लगी है। हो सकता है पुलिस का निशाना ‘चूक’ गया हो! पुलिस का निशाना भी अजीब है। अगर अपराधी ‘दूसरा’ होता है तो निशाना सटीक होता है, फैसला ऑन दी स्पॉट हो जाता है। लेकिन जब अपराधी ‘दूसरा’ नहीं होता, गोली टांग में ही लगती है।

31/05/2026

🍁🍁🍁🍁🙏🙏🙏
सर्वोच्च न्यायालय टेट प्रकरण पर क्या निम्न बिंदुओं पर किसी ने बहस के दौरान प्रकाश डाला।
यदि नहीं तो अब डालिए👇👇👇
1- सामान्य शिक्षक ना तो वादी था ना ही प्रतिवादी।
फिर उन्हें सजा कैसे सुना दी गई।
उदाहरण
उत्तर प्रदेश में
मंदिर-मस्जिद के झगड़े में मुंबई के गिरजाघर को गिराने का आदेश क्यों दे दिया गया मतलब सामान्य शिक्षक का जब यह मुकदमा ही नहीं था तो उसको टेट करने के लिए कैसे आदेशित कर दिया गया।

2- दीपंकर दत्ता जी के आदेश पृष्ठ संख्या 9 बिंदु संख्या 15 में प्रोविजन 23-01 में लिखा है for appointment इसी के अंदर लिखा है का appointment as a teacher
स्पष्ट है कि यह बार-बार appointment की बात कर रहा है हमें जब अपॉइंटमेंट लेटर देना महोदय तो टेट की मांग कीजिएगा. स्पष्ट है एनसीटीई , अपॉइंटमेंट की गाइडलाइन बनाने के लिए संस्था बनी थी ना की
Already appointed को डिस्टर्ब करने के लिए।
जज महोदय से इसके आशय को समझने में सरीहभूल हुई है/ कानूनी भूल हुई है।
एवरी टीचर, ए टीचर -
पेज 10 बिंदु 17 में एनी पर्सन, एक टीचर, person जैसे बिंदुओं को बार-बार कहा गया है महोदय जब आप स्वयं निर्णय नहीं ले पा रहे हैं आपको अपनी शक्तियों का प्रयोग 142 के तहत इसकी सही व्याख्या करते हुए अमेंडमेंट एक्ट 2010
(जिन जिन स्टेट में जिस तारीख से कानून लागू हुआ हो, जैसे उत्तर प्रदेश में 29.07.2011 ) लागू होने के तिथियां के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त करना चाहिए था।

3- दीपंकर दत्ता जज साहब ने पृष्ठ संख्या 13 के बिंदु 23 में यह माना है कि
Neither the first provisio nor the second provisio to sub-section (2) of section 23 has been under a direct challenge in any original legal proceedings prior to and/are post Anjuman (Supra)
23-1
23-2 को आप लोगों ने कहीं चैलेंज नहीं किया है।
यह एक जज साहब ने रास्ता बताया है इस पर आगे बढ़ना होगा इसी क्रम में पूर्ण शुक्ला राहुल पांडे ने लखनऊ खंडपीठ उत्तर प्रदेश से इस बिंदु को चैलेंज किया हुआ है जिसमें अटॉर्नी जनरल भारत सरकार को नोटिस हुआ है इसकी पैरवी में भी भरपूर सहयोग करना होगा।

4- न्यायालय के संज्ञान में क्यूरेटिव पिटीशन में यह लाना होगा कि दीपंकर दत्ता साहब ने कहा की 2010 के बाद बिना टीईटी के कोई शिक्षक नियुक्त नहीं हुए हैं इसे स्पष्ट करना होगा कि महोदय 11 लाख शिक्षक बिना ट्रेनिंग के अर्थात अनट्रेंड शिक्षक प्राइवेट स्कूलों एडेड स्कूलों में पढ़ा रहे हैं उन्हें ट्रेंड करने हेतु ( न कि TET करने हेतु ) 5 वर्ष का समय दिया गया था। हम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका में इस बिंदु को समझने में विफल रहे। मुकुल रोहतगी जी की बहस में सभी इसे सुन सकते हैं।
वहां जज साहब ने क्या समझ लिया की स्पष्ट है कि यह बिना टीईटी वाले 29 जुलाई 2011 या अमेंडमेंट एक्ट 2010 लागू होने के पूर्व के सभी शिक्षकों के लिए यह प्रावधान लाया गया है। जबकि श्री प्रकाश जावड़ेकर जी के बयान से भी स्पष्ट हो जा रहा है कि ऐसा कदापि नहीं था।

इसके सपोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यालय बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद द्वारा पत्रांक/12660/2017-18
दिनांक 18.09.2017 को प्रकाश में लाया जाना चाहिए था जिसमें स्पष्ट लिखा है कि
( विज्ञप्ति )
निशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार संशोधन 2017 के अनुसार दिनांक 31.03.2015 तक विद्यालयों में नियुक्त या कार्यरत और प्रशिक्षित अध्यापकों को प्रशिक्षण की योग्यता प्राप्त करने हेतु एनआईओएस के पोर्टल पर दिनांक 15.09.2017 तक नामांकन करने के निर्देश दिए गए हैं एनआईओएस के पोर्टल पर नामांकन की तिथि को दिनांक 30 9 2017 तक बढ़ाया गया है अति एवं संबंधित अध्यापक एनआईओएस की वेबसाइट पर निर्धारित प्रक्रिया पब्लिक कार्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण हेतु नामांकन करना सुनिश्चित करें ।
✍️
सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद

यह दो बातें सिद्ध कर देता कि पहला- एनसीटीई या भारत सरकार ने किस आशय से यह संशोधन बिल प्रस्तुत किया था और उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे क्या समझते हुए यह विज्ञापन निकाला है। और जज साहब आप दूसरा अर्थ निकाल रहे हैं।
क्यूरेटिव पिटीशन की संविधान पीठ में इसपर ध्यान आकृष्ट कराने की परम आवश्यकता है।
दूसरा - यदि समय ही मांगना था तो यह विज्ञापन दिखाकर शिक्षक या वकील कहते कि हमें आज तक कोई भी एक नोटिस यदि उत्तर प्रदेश सरकार या किसी भी राज्य द्वारा जारी किया गया हो की 5 वर्ष के भीतर शिक्षक टीईटी पास करें अन्यथा उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा महोदय ऐसा कोई भी पत्र यदि सरकारों ने जारी किया हो तो उन सरकारों को नोटिस भेज कर आप स्वयं मंगा लें आपने यह स्पष्ट कहा कि आपको 9 वर्ष का समय पहले ही दिया जा चुका है यदि कोई सूचना शिक्षकों को नहीं दी गई तो स्पष्ट है कि आपको आज से 9 वर्ष के भीतर टेट करने की छूट देनी चाहिए थी।

5- अनट्रेंड शिक्षकों की ट्रेनिंग हेतु 582 करोड रुपए का बजट जारी हुआ था।
अग्रणी लोगों को इस बजट की मूल कॉपी निकलवानी होगी, जो यह सिद्ध करेगी की यह एक प्रशिक्षण की बात कर रहा है न कि 1 दिन के होने वाले किसी टेट रूपी एग्जाम की।

6- क्यूरेटिव पिटीशन में यह मांग करनी होगी की किस आशय से यह बिल प्रस्तुत किया गया था।
इस बयान की वीडियो कॉपी ,सदन से पुष्टि हेतु न्यायालय स्वयं मंगाए।
यद्यपि कि हम लोग सीडी दाखिल कर रहे हैं।

7- न्यायालय को अपनी शक्ति 142 का प्रयोग इस बिंदु पर करना चाहिए था कि यदि सरकार/ एनसीटीई ने 2017 संशोधन में भले ही यह लिख दिया हो कि यह भूतलक्षी प्रभाव का होगा। उसे 142 का प्रयोग करके निरस्त कर देना चाहिए न्यायालय ने मानवीय दृष्टिकोण न अपनाते हुए यहां सरीहभूल की है।
एनसीटीई के लिख देने के बावजूद यह अल्ट्रा वायरस है इसे न्यायालय को ही दुरुस्त कर देना चाहिए था।
अवैध कानून बना देने से वह वैध नहीं हो सकता। क्यूरेटिव पिटीशन में इस पर भी ध्यान देना होगा।

8- अब retrospective effect भूतलक्षी प्रभाव की नजीरों को लगाया जाना होगा , जो संविधान पीठों ने अनेक निर्णयों में पहले दे रखीं हैं।

9- बीच खेल में नियम नहीं बदले जा सकते हैं- 72825 प्रकरण

यहां तो 15 से 30 साल के पैदा हुए बच्चे को पुनः गर्भ में डालकर टीईटी पास बच्चा पैदा करने जैसी बात की जा रही है। हम सभी के विज्ञापनों को भी लगाया जाना चाहिए की किसी भी पूर्व के विज्ञापन में टीईटी का कहीं कोई जिक्र नहीं था हम जिस विज्ञापन से नियुक्त हुए हैं इस विज्ञापन से सेवानिवृत किए जाएं।

10- सेवा सुरक्षा हेतु संविधान पीठों के निर्णय को साक्ष्य सहित लगाया जाए। 15-30 साल सेवा के बाद नौकरी ही समाप्त कर देना कहीं से न्यायोचित नहीं है। क्यूरेटिव पिटीशन में यह भी रखा जाए।

11- क्या इस हाहाकारी आदेश के अनुसार सभी
शिक्षामित्रों,
अनुदेशकों,
प्राईवेट स्कूलों,एडेड स्कूलों में बिना टीईटी के शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया जाएगा।

12- न्यायालय ने यह स्वयं माना है कि आप लोगों ने संशोधन को क्यों नहीं चैलेंज किया मतलब न्यायालय यह मान रही है कि यह गलत संशोधन हुआ है।

इसके अतिरिक्त कार्यपालिका/विधायिका में, अन्य तरीकों से हर तरह के प्रयास हों-
👇👇👇👇
13- प्रत्येक जनपद में सांसदों के दरवाज़े पर श्री प्रकाश जावड़ेकर जी के बयान वाली व शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी के बयान वाली सीडी चलाते हुए आमरण अनशन व धरना प्रदर्शन हो।

14- अपने अपने मुख्यमंत्री महोदय से तथ्यों को रखतें हुए मुलाकात की जाए।

15- माननीय प्रधानमंत्री जी से मिलने हेतु सक्षम लोगों को लेकर कानूनी भूल/ संशोधन हेतु अभियान चलाया जाए।

16- संसद का घेराव किया जाए, इस निमित्त कृषि संगठनों का भी सहयोग लिया जाए। उन लोगों ने शिक्षकों के सहयोग का वादा चैनलों पर आकर भी किया था।
इसे पुनः घर पहुंच कर याद दिलाया जाए।

17- पंजाब में यदि विभागीय टेट कराया गया है तो उसकी कापी मंगाकर, अपने अपने मुख्यमंत्री को लेकर दया की अपील करते हुए विभागीय परीक्षा कराने का अनुरोध किया जाए।

18- स्पेशल एजुकेटर विशेष शिक्षकों हेतु सरकार 45% पासिंग पर स्टेट टेट कराने वाली थी। इसकी भी याचना की जाए,कि सभी के लिए यह योजना बनाईए।

19- अधिकतम 25 अंक देने का सर्वोच्च न्यायालय का शिक्षामित्रों के केस में निर्देश था। न हो तो इसे ही टेट में दे दिया जाए।

20- बड़ी पीठ में मदरसों अंजुमन इस्लामिया का केस पेंडिंग है तो वहां हमको/सबको एकसाथ सुना जाए।..............
मुझे अल्पज्ञानी मानते हुए,
शेष बिन्दुओं को आप लोग भी जोड़े जो तार्किक हों हमसे छूट रहे हों ।
नोट -
ये 25 लाख शिक्षकों के जीवन मरण का विषय है। मेरे या किसी एक शिक्षक या संगठन का नहीं।
सभी संगठनों को एक होकर लड़ना ही होगा।
अब नहीं तो कभी नहीं।।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
✍️✍️✍️
कहीं किसी को ठेस पहुंची हो तो सादर क्षमा प्रार्थी रहूंगा।

30/05/2026

*यूपी खबर

आपका बिजली का बिल महंगा कर दिया गया है. सरकार ने बिजली के बिल पर 10% फ्यूल सरचार्ज लगा दिया है.

अब आप देशहित में पूरे 10% ज्यादा बिल दे पाएंगे. अगर आपका बिल 1,000 रुपए आता था, तो अब 1,100 रुपए देने होंगे.

*जून के बिल से आपको ये सुविधा मिल जाएगी*

30/05/2026

रेप पीड़िता से कांस्टेबल की अश्लील बातें

30/05/2026
30/05/2026

💔 9 बीघा जमीन के लिए बड़े भाई ने छोटे भाई को मार डाला! 💔

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आई यह घटना इंसानियत को झकझोर देने वाली है।

एक पिता की मौत के बाद तीन भाइयों का परिवार किसी तरह जिंदगी बिता रहा था। छोटे भाई अंकुर की पत्नी की 4 साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसकी दो मासूम बेटियां थीं, जिनकी परवरिश उनकी मौसी कर रही थी।

5 मई 2026 को अंकुर अचानक लापता हो गया। परिवार के कुछ लोगों ने इसे सामान्य बात समझा, लेकिन मौसी जयवीरी को शक हुआ। जब वह बच्चियों को अपने साथ ले जाने लगी तो बड़े भाई कपिल ने रास्ते में रोककर बच्चियों को छीन लिया। यहीं से शुरू हुई एक ऐसी कहानी, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वह बेहद भयावह था। आरोप है कि बड़े भाई कपिल ने अपने ही सगे छोटे भाई अंकुर की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया।

हत्या की वजह? सिर्फ 9 बीघा जमीन!

पुलिस के अनुसार, अंकुर दूसरी शादी करना चाहता था ताकि अपनी बेटियों की बेहतर परवरिश कर सके। लेकिन बड़े भाई को डर था कि यदि अंकुर का बेटा हुआ तो जमीन पर उसका अधिकार हो जाएगा। इसी लालच ने उसे अपने ही भाई का कातिल बना दिया।

सबसे हैरानी की बात यह है कि अगर मौसी जयवीरी हिम्मत न दिखातीं और पुलिस के पास न जातीं, तो शायद यह राज हमेशा दफन ही रह जाता।

😢 सोचिए, आखिर हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है?
क्या जमीन और संपत्ति रिश्तों से बड़ी हो गई है?

इस घटना पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।

30/05/2026

दोस्तों, आज हम शिक्षा और भर्ती से जुड़ी कई बड़ी खबरों पर चर्चा करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के TET फैसले से लेकर D.El.Ed 2026 एडमिशन, B.Ed प्रवेश परीक्षा, शिक्षामित्रों के मामले और SSC हेड कांस्टेबल रिजल्ट तक सभी अपडेट एक ही वीडियो में जानेंगे।

1. TET पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सबसे पहले बात करते हैं TET को लेकर सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले की।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सेवारत शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य रहेगा। कोर्ट ने TET की अनिवार्यता को समाप्त करने से इनकार कर दिया है।

हालांकि शिक्षकों को राहत देते हुए TET पास करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी गई है।

कोर्ट ने कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए TET जरूरी है और भविष्य में समय सीमा बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।

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2. शिक्षामित्रों का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

अब बात करते हैं शिक्षामित्रों की।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के रूप में नियमित किए जाने की मांग को लेकर नई याचिका दाखिल हुई है।

कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

इस मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को प्रस्तावित है।

करीब 1.70 लाख शिक्षामित्रों से जुड़े इस मामले पर लाखों अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है।

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3. B.Ed प्रवेश परीक्षा 2026

दोस्तों, B.Ed प्रवेश परीक्षा 31 मई को आयोजित की जा रही है।

इस बार प्रदेश के 1011 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 4.45 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।

महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार भी Negative Marking लागू रहेगी।

प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटा जाएगा।

इसलिए परीक्षा में अनुमान लगाकर उत्तर देने से बचें।

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4. D.El.Ed 2026 का नया शेड्यूल जारी

अब बात करते हैं D.El.Ed 2026 की।

D.El.Ed प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जून से शुरू होंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि 8 जुलाई रखी गई है।

पहले चरण की काउंसलिंग 20 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगी।

दूसरे चरण की काउंसलिंग 20 अगस्त से 10 सितंबर तक आयोजित होगी।

जबकि नया प्रशिक्षण सत्र 14 सितंबर 2026 से शुरू होगा।

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5. SSC हेड कांस्टेबल रिजल्ट घोषित

SSC ने दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा में सफल 6543 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए चयनित किया गया है।

अब इन अभ्यर्थियों को PET, PMT, दस्तावेज सत्यापन और ट्रेड टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।

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निष्कर्ष

तो दोस्तों, आज की बड़ी खबरों में—

✅ TET पास करना अनिवार्य रहेगा
✅ समय सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ी
✅ शिक्षामित्र मामला हाईकोर्ट पहुंचा
✅ B.Ed परीक्षा में फिर से नेगेटिव मार्किंग
✅ D.El.Ed 2026 के आवेदन 15 जून से शुरू
✅ SSC हेड कांस्टेबल का रिजल्ट जारी

आप इन खबरों के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।

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धन्यवाद! जय हिंद! 🇮🇳
Chandra Maths Official ❤️

29/05/2026

📢 सुप्रीम कोर्ट TET Judgment 2026
✅ इन-सर्विस शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य रहेगा।
✅ प्रमोशन (Promotion) के लिए भी TET जरूरी होगा।
📅 TET पास करने की नई अंतिम तिथि अब 31 अगस्त 2028 कर दी गई है (पहले 31 अगस्त 2027 थी)।
✅ सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को नियमित रूप से TET आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
✅ वर्ष में 2 बार TET कराने का सुझाव भी दिया गया है।
❌ TET से छूट देने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
⚠️ कोर्ट ने साफ कहा है कि 31 अगस्त 2028 के बाद आगे किसी Extension पर विचार नहीं किया जाएगा।
📌 यानी शिक्षकों को 1 साल की अतिरिक्त राहत मिली है, लेकिन TET की अनिवार्यता पूरी तरह बरकरार रहेगी।

29/05/2026

बिहार में एक पारिवारिक विवाद का मामला चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, अमन कुमार और गुंजन कुमारी की शादी वर्ष 2013 में हुई थी तथा उनका एक बेटा भी है। अमन कुमार का कहना है कि उन्होंने मेहनत-मजदूरी करके अपनी पत्नी की पढ़ाई पूरी कराने में सहयोग किया। बाद में गुंजन कुमारी का चयन BPSC TRE के माध्यम से सरकारी शिक्षक के पद पर हुआ।

पति का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद गुंजन कुमारी ने अपने कार्यस्थल के एक सहकर्मी के साथ जीवन बिताने का फैसला किया, जिसके चलते दोनों के वैवाहिक संबंधों में विवाद पैदा हो गया है।