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30/04/2026
पश्चिम बंगाल के चुनावी कवरेज में एक पत्रकार को एक बुजुर्ग के द्वारा दिया गया ये बयान इन दिनों काफी वायरल हो रहा है,
बुजुर्ग वीडियो में कह रहे है कि " हम तमाम लोग बीजेपी को वोट दे देंगे, हिंदुओं को 500 रुपए में गैस दे दीजिए, हिंदुओं को 50 रुपए में पेट्रोल डीजल दे दीजिए, हम लोग को मत दीजिए, हम लोग तो है ही उसके दुश्मन..."
लेकिन हम फिर भी बीजेपी को वोट दे देंगे । आप उनलोगी को ही तो देके दिखाओ ,,,,,,,,
30/04/2026
**गर्मियों में क्या पिएं और क्या नहीं: एक छोटी गाइड**
1. सादा पानी: सबसे जरूरी:-
प्यास बुझाने के लिए सादा पानी ही सबसे बेस्ट है। हमारा शरीर इलेक्ट्रोलाइट्स खुद बैलेंस कर लेता है, इसलिए दिनभर सादा पानी पीते रहें।
**2. नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी**
ये प्राकृतिक ड्रिंक्स हैं। इनमें विटामिन-C और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं। इन्हें आप रोज पी सकते हैं, यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सेहतमंद हैं।
**3. कोल्ड ड्रिंक्स से बचें**
सोडा या कोल्ड ड्रिंक्स में चीनी बहुत ज्यादा होती है। ये शरीर को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान पहुँचाते हैं। इन्हें जितना कम पिएं उतना बेहतर है।
**4. ORS (ओआरएस) कब लें?**
ORS एक दवा की तरह है। इसे तभी पिएं जब बहुत ज्यादा पसीना आए, दस्त हो या लू लगी हो। स्वस्थ व्यक्ति को इसे रोज पीने की जरूरत नहीं है।
**5. शुगर (Diabetes) के मरीज ध्यान दें**
मीठे ड्रिंक्स की जगह नमकीन नींबू पानी या छाछ पिएं। ओआरएस में ग्लूकोज होता है, इसलिए बिना जरूरत इसका इस्तेमाल न करें।
याद रखें:- प्यास बुझाने के लिए पानी सबसे ऊपर है, ताजगी के लिए नींबू पानी बेहतरीन है, और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी ही भलाई है।
30/04/2026
इतिहास रच दिया 🎉
• उनके कुशल नेतृत्व में रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. अब 1 डॉलर = 95.33 रुपए हो गए.
• आजादी के बाद पहली बार... आज तक कोई प्रधानमंत्री ये उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया.
गर्व का पल है, उत्सव का माहौल है 🎊
सिर्फ तमाशा देखो। सरकार से सवाल मत कर लेना,,🤫🤫🤫🤫,,
29/04/2026
हरियाली देखकर देहरादून आए थे। अब चैन ढूँढ रहे हैं।
देश में गर्मी बढ़ने की वजह यही शहरों का concretisation/ so called विकास है!
28/04/2026
⚖️अदालत के अजबे खेला ⚖️
दिल्ली वाली कचहरी में भईल भारी शोर,
एक तरफ केजरीवाल, दूजे मैडम के जोर।
चवालीस गो जज साहेब, बईठल बाड़ें कतार,
बाकी मैडम कहत बाड़ी, हमहीं करब विचार।
आरएसएस के महफ़िल में, गइल रहलीं साहिबा,
विपक्षी अब शोर मचायें, गड़बड़ बा साहिबा।
मैडम अपनी जिद पे अड़लीं, हमहीं केस लेब,
बाकी सब जज लोगन के, हम न मौका देब।
वीडियो जवन कोर्ट के रहे, ओकरा के हटवायीं,
केजरीवाल के बोलल बतिया, जनता से छुपवायीं।
बड़ी चालाकी से मैडम, अईसन गेम घुमवलीं,
सुनवाई के नाम पे, सारा पर्दा ऊ गिरवलीं।
अब केजरीवाल जी कहलें, हमहूँ अब ना जाइब,
भेदभाव वाला चेहरा, दुनिया के देखाइब।
तारीख पर तारीख वाला, खेल अब ना होई,
मैडम के अदालत में, दलील अब ना होई।
28/04/2026
**गुजरात पॉलिटिक्स: पलटू राम और जनता का काम!**
अर्जुन मोढ़वाडिया के गढ़ में 'झाड़ू' ऐसी चली,
कि पोरबंदर की पंचायत में AAP की ही गली-गली!
इधर भुपत भायानी और राजू करपड़ा ने जो मारी थी पलटी,
जनता ने भी सुधार दी उनकी सबसे बड़ी गलती।
**एक छोटी सी शायरी:**
"बदल कर चोला सोचा था कि नया मुकाम पाएंगे,
केसरिया पहनकर फिर से जीत का जश्न मनाएंगे।
पर जनता ने ऐसा 'यू-टर्न' दिखाया जनाब,
कि दोनों को अब घर बैठकर पुराने दिन याद आएंगे!" 😂
Summary:- एक तरफ 'आप' की एंट्री, दूसरी तरफ दल-बदलुओं की छुट्टी! जनता का मैसेज साफ़ है "पार्टी तुम्हारी, पावर हमारी!" ❌🗳️
उड़ीसा से आई ये शर्मनाक वीडियो 😔🥺🥺,,
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27/04/2026
लीजिए, BCCI की इस "कागजी हरियाली" पर एक करारा और शायराना तंज:
अजीब खेल है इनका, गजब इनकी कहानी है,
मैदान पर धूप है, पर विज्ञापनों में बागवानी है।
वो कहते हैं कि हर 'डॉट बॉल' पर एक पेड़ सजता है,
पर न जाने वो जंगल किस रडार से बचता है?
बल्लेबाज जब बीट हुआ, तो एक पौधा मुस्कुराया,
मगर अफ़सोस! वो पौधा कभी ज़मीन तक पहुँच न पाया।
हजारों-लाखों का हिसाब तो टीवी स्क्रीन पर आता है,
पर असल में तो सूरज बस हमारा चेहरा जलाता है।
शायद ये पेड़ किसी 'मेटावर्स' की शान बढ़ा रहे हैं,
या फिर जय शाह जी इसे मंगल पर उगा रहे हैं?
हवा में ग्राफिक्स की पत्तियाँ खूब लहराती हैं,
मगर सांस लेने को तो सिर्फ धूल ही हाथ आती है।
ऐ BCCI, ये कैसी तेरी जादूगरी और माया है?
पेड़ तो विज्ञापनों में उगे, पर इंसान ने सिर्फ 'धोखा' खाया है।
अगली बार जब 'ग्रीन' का नारा टीवी पर आए,
समझ लेना कि ये ऑक्सीजन नहीं, बस मुनाफे की हवाएं हैं!
27/04/2026
*चंबल के शेर आ 'पियाज़' के खेल!*🧅🔥
"बड़की गाड़ी, एसी-वेसी... हमके तनिक न भावेला,
चंबल के ई चाम ह भैया, अगिया में मुस्कावेला!
मई-जून के 'इक्यावन' (51) डिग्री, देह भले झुलसावे,
बाकिर ई सिंधिया के तेवर, लूरि देखि थर्रावे!
दुनिया पूछे 'साहब! कइसे झेलेनी ई लू के मार?'
हम कहनी 'पॉकेट में बस 'पियाज़' रहे, त बेड़ा पार!'
चेहरा बाटे एकदम कलुआ, मन बा 'बूढ़ पुरान',
देसी नुस्खा आ 'चंबल की चमड़ी', ईहे हमार पहिचान!"
सार (Summary): भैया, सीधा बात ई बा कि एसी के हवा से कोमल शरीर बनेला, बाकिर 'चंबल' वाला जिगरा त पियाज़ आ धूपे में तपेला! 😎
27/04/2026
अरे भाई, ई त उहे बात भइल कि "मुंह में राम, बगल में छुरी!" गजबे तमाशा बा! एक ओर त मैडम बछवा के घास खिया के 'पशुप्रेम' देखावत बाड़ी, आ दोसरा ओर ओही बछवा के खानदान के खाल वाला 4 लाख के पर्स हाथ में लटकले बाड़ी।
ई त अइसन भइल जइसे केहू के श्राद्ध में जाके ओहिजा के पूरी-बुनिया के तारीफ कइल जाव! ई लोग के दिखावा के कवनो अंत नईखे, हकीकत में त बस "पइसा के गर्मी आ कैमरा के चमक" बा। बाकी दया-मया त खाली फोटो खिंचवावे भर के बा!
27/04/2026
⚖️अदालत के अजबे खेला ⚖️
दिल्ली वाली कचहरी में भईल भारी शोर,
एक तरफ केजरीवाल, दूजे मैडम के जोर।
चवालीस गो जज साहेब, बईठल बाड़ें कतार,
बाकी मैडम कहत बाड़ी, हमहीं करब विचार।
आरएसएस के महफ़िल में, गइल रहलीं साहिबा,
विपक्षी अब शोर मचायें, गड़बड़ बा साहिबा।
मैडम अपनी जिद पे अड़लीं, हमहीं केस लेब,
बाकी सब जज लोगन के, हम न मौका देब।
वीडियो जवन कोर्ट के रहे, ओकरा के हटवायीं,
केजरीवाल के बोलल बतिया, जनता से छुपवायीं।
बड़ी चालाकी से मैडम, अईसन गेम घुमवलीं,
सुनवाई के नाम पे, सारा पर्दा ऊ गिरवलीं।
अब केजरीवाल जी कहलें, हमहूँ अब ना जाइब,
भेदभाव वाला चेहरा, दुनिया के देखाइब।
तारीख पर तारीख वाला, खेल अब ना होई,
मैडम के अदालत में, दलील अब ना होई।
खिस्सा के सार:-
जज साहिबा अड़ गइली, जैसे घर के होखे काम,
केजरीवाल किनारा कइलीं, कह के जय श्री राम!
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