Akbar Raza

Akbar Raza

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Legal & Social Welfare Work

21/09/2026

बिना मतलब के प्यार करें… ❤️

दुनिया में अगर कोई बिना किसी स्वार्थ के प्यार करना जानता है, तो वो मां है।

न कोई उम्मीद, न कोई हिसाब,
बस अपने बच्चों की खुशी में ही उसकी पूरी दुनिया बसती है।

हम कितने भी बड़े क्यों न हो जाएं,
मां की नजरों में हमेशा वही बच्चे रहते हैं। ❤️

मां का प्यार वो दौलत है,
जिसकी कीमत समझने में अक्सर पूरी जिंदगी लग जाती है। 🥺❤️

18/09/2026

सबसे खतरनाक व्यक्ति वह नहीं है जो हथियार उठाता है,
बल्कि वह है जो झूठ को सच साबित करने की क्षमता रखता है।
शारीरिक हिंसा या हथियार से भी ज्यादा घातक वह बौद्धिक हेरफेर (manipulation) और झूठ होता है!
समाज में ऐसे व्यक्ति बिलकुल आपके सामने नज़र आएंगे और आप बिलकुल ऐसे व्यक्ति के ब्यक्तित्व से आप बखूबी वाकिफ भी होते हैँ,जो पूरे समाज को गुमराह कर सकता है।
ऐसे लोगों से हमेशा दूरी बना कर रखिए जो अपनी झूठी बातों से समाज में ज़हर घोलते हैं। इनकी मीठी बातें सिर्फ आपको फंसाने का जाल होती हैं। जो व्यक्ति लगातार दूसरों की बुराई करके खुद को श्रेष्ठ दिखाता है, उसकी नीयत पर हमेशा शक लाज़मी है।
दुआओं की दरख्वास्त 💕

17/09/2026

आज की सबसे खूबसूरत वीडियो 😍
शायद ही अपने कही देखा होगा एक बिल्ली को नमाज़ पढ़ते हुए...।सोचा न था, एक बिल्ली भी यूँ नमाज़ की नकल करेगी…

16/09/2026

हसद मिज़ाज लोग उन कुत्तो की तरह होते है,

जो हर उस सवार के पीछे भौंकते है जो उनसे तेज़ होता है...

12/09/2026

इतिहास में बड़े-बड़े बादशाहों और विद्वानों का ज़िक्र मिलता है, लेकिन बसरा की गलियों में एक ऐसी फ़कीर औरत गुज़री जिन्होंने बड़े बड़े धर्मात्माओं को इबादत का असली मतलब सिखाया।
उनका नाम था हज़रत राबिया बसरी।
उनका एक बहुत मशहूर वाक़िआ है, जो आज के दौर में हम सबके लिए एक आईना है।
एक बार लोगों ने देखा कि राबिया एक हाथ में जलती हुई मशाल (आग) और दूसरे हाथ में पानी का मटका लेकर पागलों की तरह भाग रही हैं।
किसी ने रोक कर पूछा— "ऐ राबिया! यह क्या माजरा है? यह आग और पानी लेकर कहाँ जा रही हो?"
राबिया ने जो जवाब दिया, वो सुनहरे लफ़्ज़ों में लिखने लायक है।
उन्होंने कहा:
"मैं इस आग से 'जन्नत' को जलाने जा रही हूँ, और इस पानी से दोजख़ की आग बुझाने जा रही हूँ।"
लोग सन्न रह गए। पूछा— "मगर क्यों?"
राबिया बोलीं:
"ताकि यह दोनों पर्दे हट जाएं। मैं चाहती हूँ कि लोग अल्लाह की इबादत 'जन्नत के लालच' या दोज़ख़ के डर' से न करें।
इबादत सिर्फ़ इसलिए हो क्योंकि वो 'रब' है, और वो मोहब्बत के लायक है। अगर जन्नत और दोजख न भी होती, तो क्या वो सजदे के लायक न होता?
ज़रा सोचिये, आज हम सब अनजाने में एक 'दुकानदार नहीं बन गए हैं?
हम नेकी भी करते हैं तो हिसाब लगाकर कि इसका 'रिटर्न क्या मिलेगा। हम इंसानियत भी दिखाते हैं तो इस उम्मीद में कि बदले में हमें क्या मिलेगा।
लेकिन याद रखिए असली किरदार तो वो है जो बिना किसी लालच और बिना किसी डर के सही काम करे।
सच्ची मोहब्बत चाहे वो ख़ुदा से हो या उसके बंदों से शर्तों' पर नहीं की जाती।

11/09/2026

ये हज़रत कौन है ?

10/09/2026

जो शख़्स अपनी क़ीमत लोगों की वाहवाही से तय करता है, वह हर भीड़ का ग़ुलाम बन जाता है।

07/09/2026

दुनिया विश्वास पर चलती है
चाहे वह आत्मविश्वास हो, ईश्वर पर विश्वास हो या फिर किसी और पर विश्वास।

सब कुछ टूट जाए, पर विश्वास न टूटने पाए;
क्योंकि विश्वास ही हौसला, हिम्मत, प्रेम और हर रिश्ते की डोर है।

सब कुछ तोड़ देना, पर किसी का विश्वास मत तोड़ना;
क्योंकि विश्वास तोड़ने वाले को दिल में दोबारा जगह नहीं मिलती।

जाहिर है, जीवन के लिए विश्वास अमूल्य है।

विश्वास सोच-समझकर अथवा आँखें खोलकर करें।
अंधा विश्वास या अंधविश्वास हमें सत्य के मार्ग तक पहुँचने नहीं देता और हक़ और बातिल को परखने नहीं देता।

जहाँ विश्वास रखिए, वहाँ विवेक भी रखिए;
क्योंकि विवेक विश्वास का आईना है।

07/09/2026

झुक कर सलाम करने में क्या हर्ज है मगर,
सर इतना मत झुकाओ कि दस्तार गिर पड़े।

29/08/2026

ज़बान सिर्फ़ एक वसीला है, हक़ीक़त में तरबियत कलाम करती है।

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