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09/08/2023
विश्व आदिवासी दिवस // World's Indigenous Day // 2023 Interview with Gunjal Ikir Munda : Topic : - Why celebrate International Day of the World's Indigenous Peoples- What is the theme of this year? - Explain of ...
03/03/2023
वर्ल्ड बुक फेयर में पहली बार लगा आदिवासी लेखकों का बुक स्टॉल नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में 25 फरवरी से 5 मार्च 2023 तक विश्व पुस्तक मेले का आयोजन किया गया है। कोरोना के 2 साल बाद व.....
24/02/2023
ग्रामसभा के सशक्त होने से बदल रही है असुर आदिवासी समुदाय की स्थिति आदिवासी इलाकों में ग्रामसभा के माध्यम से सरकारी योजनाएं लाने के लिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया जा रहा है, जिससे गां...
ग्राम सभा में महिलाओं की भूमिका
02/09/2022
अखबारों में खनन मजदूरों की मौत की खबरों के संकलन ने रखी एक फिल्म की नींव सीएसई की एक रिपोर्ट को फिल्म का आधार बनाया गया है कि सबसे ज्यादा खनिज संसाधन जहां पाए जाते हैं, वहां गरीबी, विस्थापन...
23/08/2022
| यह फिल्म उस गांव की कहानी बयां करती हैं जहाँ आज से कुछ साल पहले तक पीने का पानी लाने भी कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। लेकिन आज गांव में ही तीन-तीन जलमीनार लगे हैं। यहाँ जरूरत की वो सारी सुविधाएँ उपलब्ध हैं जो गांव वालों को चाहिए। और ये संभव हो पाया हैं ग्राम सभा के मजबूत होने से और उसकी शक्ति को पहचानने से। तो चलिए देखते हैं झारखण्ड के चैनपुर प्रखंड के पाठ में बसा लुपुंगपाठ गांव की कहानी जहाँ के लोग अब हक़ और अधिकारों को पहचान कर अपने गांव को एक नयी दिशा दें रहे हैं।
Link: https://www.youtube.com/watch?v=BkOTFywmDd8
Introducing "Gram Sabha Ki Kahani" - a series of videos on the good practices of Gram Sabhas in India.
सशक्त ग्राम सभा, सशक्त लोग | ग्राम सभा की कहानी यह फिल्म उस गांव की कहानी बयां करती हैं जहाँ आज से कुछ साल पहले तक पीने का पानी लाने भी कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था|...
20/08/2022
Promo: सशक्त ग्राम सभा, सशक्त लोग झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में स्थित लुपुंगपाठ गांव जो नेतरहाट के पठारी इलाका में बसा हुआ है| यहां विशे.....
20/08/2022
झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में स्थित लुपुंगपाठ गांव जो नेतरहाट के पठारी इलाका में बसा हुआ है| यहां विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदाय ‘असुर’ रहते हैं. इस गांव में करीब 90 परिवार हैं. 'असुर समुदाय' प्राचीन समुदायों में से एक है जिसे आज बिलुप्त होने की कगार पर खड़े समुदायों में गिना जाता है. ग्रामसभा के सशक्त होने से असुर आदिवासी समुदाय किस तरह सशक्त हुए हैं और कैसे वे ग्राम सभा में बैठक कर सामुदायिक निर्णय ले रहे हैं और गांव की दिशा-दशा किस तरह बदल रही है, लुपुंगपाठ गांव इसका एक उदाहरण है..
Lupungpath village is located in the Chainpur block of the Gumla district of Jharkhand, which is situated in the plateau area of Netarhat. Particularly vulnerable tribal community 'Asurs' live here. There are about 90 families in this village. The 'Asur community' is one of the ancient communities that today are counted among the communities on the verge of extinction. Lupungpath village is an example of how the Asur tribal community has been empowered due to the empowerment of the Gram Sabha and how they are taking community decisions by meeting in the Gram Sabha and how the direction of the village is changing.
झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में स्थित लुपुंगपाठ गांव जो नेतरहाट के पठारी इलाका में बसा हुआ है। यहां विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदाय ‘असुर’ रहते हैं। इस गांव में करीब 90 परिवार हैं। 'असुर समुदाय' प्राचीन समुदायों में से एक है जिसे आज बिलुप्त होने की कगार पर खड़े समुदायों में गिना जाता है। ग्रामसभा के सशक्त होने से असुर आदिवासी समुदाय किस तरह सशक्त हुए हैं और कैसे वे ग्राम सभा में बैठक कर सामुदायिक निर्णय ले रहे हैं और गांव की दिशा-दशा किस तरह बदल रही है, लुपुंगपाठ गांव इसका एक उदाहरण है।
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21/06/2022
द्रौपदी मुर्मू होंगी राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार: बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा
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