Cfor36garh
Tourist places in Chhattisgarh has a lot to offer including stunning waterfalls, scenic landscapes,
25/10/2025
जैतू साव मठ पुरानी बस्ती रायपुर
📸:
30/05/2025
Inside view of Narayanpal Vishnu Temple, Narayanpal Village Bastar Chhattisgarh!
🟢 It is the confluence of the river Indravati and Narangi.
🟢 Originally a Shiva Temple
🟢 Chalukya Style of Architecture
🟢 Contemporary of Khajuraho Temple (MP)
🟢 Built by Queen Mumundadevi Chhindak Nagvanshi
Image courtesy:
11/10/2024
Telasipuri Dham: This place is karambhoomi of Baba Guru Ghansidas. It is also called the Tapobhoomi of Sant Amar Das of Satnami Section and Telasi Bada by the local people.
🟢 Around 1840 Telasi Bada was built by Guru Ghansidas second son Balak Das and he continued to live in Telasi bada.
Exploring with:
09/10/2024
Maa Mahamaya Devi Mandir located at Purani Basti, Raipur. There are two temples in the temple. Mahamaya Mandir and Samaleswari Mandir. During sunset, Sun rays touch the feet of Maa Mahamaya and during sunrise, rays touch the feet of Maa Samaleswari.
This temple was built by King Mordhwaj of Haihaya by Tantrik Vidhi which made it a pilgrimage for Aghoris & Tantriks.
04/10/2024
जय मां बम्लेश्वरी देवी🚩
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ की पहाड़ी पर स्थित शक्तिरूपा मां बम्लेश्वरी देवी का विख्यात मंदिर आस्था का केंद्र है, यह मंदिर 1,600 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। बड़ी बम्लेश्वरी के समतल पर स्थित मंदिर छोटी बम्लेश्वरी के नाम से प्रसिद्ध है। मां बम्लेश्वरी शक्तिपीठ का इतिहास करीब 2000 वर्ष पुराना है। डोंगरगढ़ का इतिहास मध्य प्रदेश के उज्जैन से जुड़ा है। इसे वैभवशाली कामाख्या नगरी के रूप में जाना जाता था। मां बम्लेश्वरी को मध्य प्रदेश के उज्जयनी के प्रतापी राजा विक्रमादित्य की कुलदेवी भी कहा जाता है। इतिहासकारों ने इस क्षेत्र को कल्चूरी काल का पाया है। मंदिर की अधिष्ठात्री देवी मां बगलामुखी हैं। उन्हें मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। उन्हें यहां मां बम्लेश्वरी के रूप में पूजा जाता है। दोनो नवरात्रि में मंदिर प्रांगण में भव्य मेला लगता है।
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🙏🚩
13/09/2024
पंचमुखी शिव मंदिर सरोना, Raipur📍
यह मंदिर दो तालाबों के बीच में बना हुआ है। लोग इसे कछुआ वाले शिव मंदिर के नाम से भी जानते हैं। दोनों तालाब में 100 साल से अधिक उम्र के दो कछुओं समेत कई कछुए रहते हैं, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु घंटों तालाब के किनारे खड़े रहते हैं। इस मंदिर को राजपूतों ने बनवाया था।
स्व. गुलाब सिंह ठाकुर की मुलाकात नागा साधुओं से हुई। इस पर साधुओं ने गांव के पास तालाब खुदवाकर शिव मंदिर बनाने की सलाह दी। इस पर तालाब खुदवाकर वहां शिव मंदिर बनवाया गया। इस पर ठाकुर परिवार को दो संतान की प्राप्ति हुई। आज भी इस मंदिर में लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं।
#पंचमुखीशिवलिंग
19/05/2024
जंगल का रसगुल्ला
जनवरी के महीने में एक त्योहार आता है ‘इंडूम पंडुम‘। इंडूम पंडु का अर्थ है महुआ का त्यौहार। इस त्यौहार में आदिवासी समुदायों में महुआ के पेड़ की पूजा करते हैं।
त्यौहार का दिन पेद्दा (पटेल या गाँव का मुखिया) या वेड्डे (पुजारी) गाँव वालों के साथ मिलकर तय करते हैं।
📱: Vikas Sharma
10/05/2024
“धन धान के गढ़, हमर छत्तीसगढ़”
- जय जोहार, जय अक्ति तिहार।
📱: Laxminarayan Jain
05/05/2024
Sheetla Mata Mandir, Daganiya, Raipur📍
01/05/2024
इसे आपके क्षेत्र में क्या कहते हैं???
📱: Vimal Yogi tiwari
Note: इसकी कॉपी करके आजकल बड़े-बड़े प्लांट में इनको Silos बोलते हैं, और इनमें अनाज स्टोर करते हैं।
Majestic Beauty_Bastar
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Raipur
492001