Digmohan Negi

Digmohan Negi

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विधानसभा प्रत्याक्षी 39 चौबट्टाखाल (2022) उत्तराखंड

19/05/2026

बहुत ही समाचार
जन-जन के लोकप्रिय उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री भारत सरकार परम आदरणीय श्री भुवन चन्द्र खंडूरी जी नहीं रहे।
भगवान श्री नारायण उन्हें अपने चरणों में स्थान दे।
ॐ शांति

24/04/2026

आभार जागो उत्तराखंड

चमालीसैंड,सतपुली के मूल निवासी,समाजसेवी भाई दिगमोहन नेगी जी द्वारा उक्रांद की सदस्यता ग्रहण कर ली गयी है,मैं उक्रांद परिवार की ओर से आपका हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ और पहाड़ हितैषी सभी लोगों से पहाड़ का कायाकल्प कर,इस पहाड़ी प्रदेश को राज्य निर्माण के शहीदों के स्वप्नों के अनुरूप बनाने हेतु,राष्ट्रीय दलों से वर्तमान में मिलने वाले आभासी लाभों के बजाय,अपनी आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित और सम्पन्नता से परिपूर्ण भविष्य के परोक्ष एवं दूरगामी लाभों को वरीयता देते हुए,उक्रांद से जुड़ने का करबद्ध निवेदन करता हूं,चिंतन करिये,शायद हमारे पास पहाड़ बचाने का ये अंतिम अवसर हो।

आशुतोष नेगी
केंद्रीय उपाध्यक्ष उक्रांद
कार्यालय,डोभाल चौक,रायपुर विधानसभा,देहरादून
मोबाइल:7830677767
मेल आईडी:[email protected]

#जयपहाड़जयपहाड़ी
#उक्रांद

23/04/2026

पेशावर कांड के नायक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जी को शत-शत नमन 🇮🇳

उनका साहस, देशभक्ति और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का अदम्य जज़्बा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
ऐसे वीरों के बलिदान से ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।

19/04/2026

सेवा में,
श्री अरविंद केजरीवाल जी
राष्ट्रीय संयोजक आम आदमी पार्टी।

विषय: पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र

महोदय,
मैं दिगमोहन नेगी आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र प्रस्तुत दे रहा हूँ।
मैंने पार्टी में रहते हुए पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया। इस दौरान मुझे 2022 में उत्तराखंड की 39 चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का अवसर मिला तथा वर्ष 2020 से 2024 तक प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष -युवा मोर्चा जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों को निभाने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसके लिए मैं पार्टी का आभारी हूँ।
मैं पार्टी के सभी साथियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मिलकर काम करने का अवसर मिला। आप सभी के सहयोग, स्नेह और विश्वास ने मुझे हमेशा प्रेरित किया।

व्यक्तिगत कारणों से मैं अब पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूँ।
कृपया मेरा त्यागपत्र स्वीकार करने की कृपा करें।

धन्यवाद।

भवदीय,
दिगमोहन नेगी
दिनांक: 19/04/2026
स्थान: सतपुली, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड
Arvind Kejriwal Aam Aadmi Party Aam Aadmi Party Uttarakhand

17/04/2026

लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र हेमवती नंदन बहुगुणा केन्द्रीय विश्व विद्यालय श्रीनगर गढ़वाल द्वारा आयोजित "नरेन्द्र संगीत सप्ताह " 16 अप्रैल से 22 अप्रैल में कल शाम शामिल होऊँगा,
गढ़रत्न आदरणीय श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी के गीतों व संगीत की यात्रा पर आयोजित कार्यक्रम में स्नेहिल आमंत्रण हेतु बड़े भाई आदरणीय Ganesh Khugshal Gani जी का आभार 🙏
#नरेंद्रसिंहनेगी
fans
नरेन्द्र सिंह नेगी - लोकगायक

26/01/2026

देश में सभी वर्ग, जाति और सामाजिक समानता को संविधान द्वारा सुरक्षा दी जाती है।
मौलिक समानता का अधिकार हम सभी भारतवासीयों का है और हम सबके पूर्वजों ने इसकी न सिर्फ़ सुरक्षा की है बल्कि अपने त्याग- बलिदान से आज तक भारतीय संस्कृति को जीवित रखा है।
किशोरावस्था की शुरुआत में ही शिक्षा के स्तर पर भविष्य के नागरिकों का जीवन बिना सुनवाई और समानता के अंधकारमय कर देना इस देश को गर्त में ले जाएगा।
हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना भी हमारा धर्म और राष्ट्र का सच्चा हित है।
पहले ही यह देश भूतकाल के कुछ गलत फैसलों की सजा भुगत रहा है और हम वर्तमान में UGC द्वारा आपसी बटवारे की खाई को ओर गहरा कर रहे हैं।
जातिगत भेदभाव को एकजुटता से रोका जाना चाहिए। ये काम साफ नियत से करना चाहिए, सियासी उल्लू सीधा करने के लिए नहीं। और नियम जाति के महीन पिरामिड को समझते हुए बनाए जाने चाहिए।
1. सवर्ण छात्र अगर जातिगत भेदभाव करते हैं तो उनपर कार्रवाई हो,मगर उन्हें आपसी रंजिश में फँसाया जाए तो फँसाने वाले पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। क़ानून का दुरूपयोग नहीं होना चाहिए।
2. अगर कोई OBC वर्ग का छात्र SC/ST वर्ग से भेदभाव करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान क्यों नहीं है? भेदभाव के मामले तो यहां भी होते हैं
3. नए नियमों में OBC वर्ग को भी पीड़ित पक्ष में रखा गया है, तो क्या Gen वर्ग को पहले से ही दोषी मान लिया गया है?
जातिगत भेदभाव देश के लिए नासूर है। ऐसे मामलों में दोषी के खिलाफ सख़्त सजा का प्रावधान होना चाहिए, मगर निर्दोष को बचने का अवसर भी मिलना चाहिए। 2012 में बने नियम में था कि अगर आरोप ग़लत निकले या फँसाने की मंशा निकली तो जुर्माना लगता था। नए नियम में क्यों नहीं है?
एक भारत श्रेष्ठ भारत की एकता और अखंडता के लिए ऐसे नियम यह सही नहीं है।


Photos from Digmohan Negi's post 06/01/2026

रणवीर सिंह एनकाउंटर बनाम अंकिता भण्डारी हत्याकांड।...
अंकिता भंडारी हत्याकांड में सजा काट रहे दोषी पुलिकत आर्य, अंकित गुप्ता व सौरभ भास्कर तो इस केस में सिर्फ एक टहनी की तरह हैं, इस मामले में VIP नामक पूरा पेड़ जड़ सहित खड़ा है जिसकी बहुत गहरी जड़े हैं।
वर्ष 2009 मे गाजियाबाद निवासी एमबीए पास 22 वर्षीय युवा रणवीर सिंह को देहरादून पुलिस द्वारा एक फर्जी मुठभेड़ मे मार कर उसे रंगदारी वसूलने वाला अपराधी घोषित कर दिया। पूरे मीडिया ने भी पुलिस द्वारा दी गई लाईन को प्रसारित व प्रचारित किया , परन्तु उसके परिजनों ने अपने बेटे पर लगाए गए लांछन व उसके एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग गाजियाबाद से भाजपा नेता व तत्कालीन सांसद राजनाथ सिंह से की उस समय उत्तराखंड मे बीसी खण्डूरी मुख्यमंत्री थे राजनाथ सिंह के कहने पर सीबीआई जांच हुई और 17 पुलिस कर्मियों को रणवीर सिंह की हत्या मे दोषी पाए जाने पर सजा हुई। ऐसा इसलिए सम्भव हुआ क्योंकि रणवीर सिंह जिस समाज से आता था वो सजग व संगठित था । अंकिता भण्डारी हत्याकांड मे भी पहले पुलिस व विनोद आर्य ने उसके गायब होने की झूठी कहानी रची कि वह अपने मित्र दीप पुष्प के साथ चली गई होगी। परन्तु दीप पुष्प की सच्ची दोस्ती व हिम्मत ने अंकिता की हत्या से पर्दा उठाया । वरना अंकिता भण्डारी के गायब होने को उसका परिवार व समाज अन्य लड़कियों के घर से चले जाने की रोजमर्रा की खबरों की तरह समझता। उत्तराखंड मे पनप रही वीआईपी अपसंस्कृति से लड़ने भिड़ने वाली वीरांगना अंकिता भण्डारी की हत्या से कभी पर्दा नहीं उठ पाता । जिन्हें सजा मिली है वे तो सिर्फ दलाल हैं । असली दोषी तो वे वीआईपी हैं जिन के कारण अंकिता को अपने जीवन की बलि देनी पड़ी । हाल ही मे उर्मिला ने उन वीआईपी यों के नाम सार्वजनिक किए हैं । रणवीर सिंह फर्जी एनकाउंटर मे गाजियाबाद जिले के लोग अपनी संगठित सामाजिक शक्ति के कारण सीबीआई जांच के द्वारा दोषियों को सजा दिला पाए । अब उत्तराखंडी समाज की एकता व संगठित शक्ति की परीक्षा है कि वह वीरांगना अंकिता भण्डारी हत्याकांड की सीबीआई जांच करवा कर। वीआईपीयों को सजा दिलाने मे कब सफल होगी व इस वीआईपी अपसंस्कृति का शिकार होने से अन्य गरीब बच्चियों को बचा पाएगी ।
पर।अफसोस कि एक दल विशेष से जुड़ी चंद महिलायें इसमे CBI की माँग व दोषियों को सजा दिलाने के बजाय विपक्ष का पुतला दहन कर रहे हैं, इन लोगों को एक बार अवश्य अपने घर की बेटियों की तरफ भी देखना चाहिए अगर जमीर जिंदा हो तो।।

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