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आप सभी का स्वागत है इस पेज पर जिंदगी से जुड़ी, रिश्तों और मोटिवेश से जुड़ी इमोशनल वीडियो मिलेगी।
31/05/2026
हिसाब सीधा है......
एक पति पत्नी अपनी छोटी सी दुनिया 🥀.
जिन औरतों को ये घमंड है कि पति के 🥀.
निभाने वाला सच्चा मिल जाए तो जीने 🥀.
एक पत्नी को सबसे ज्यादा दुःख तब 🥀..
एक पत्नी अगर सच में अपने पति को 🥀.
25/05/2026
संत प्रेमानंद ने अपने भक्तों से भावुक अपील 🌹🙏🙏🙏
संत प्रेमानंद ने अपने भक्तों से भावुक अपील करते हुए कहा बिल्कुल चिंता मत करो, हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, आप सबको बहुत प्यार करते हैं, हम चाहते हैं सबको श्रीजी की कृपा प्राप्त हो, अंतिम बात यही मैं आऊं न आऊं, बिना बोले तुम्हारे दिमाग में हम होंगे, ये कहकर मौन धारण कर एकांतवास शुरू कर दिया।
जबकि श्रीराधा केलिकुंज आश्रम ने प्रतिदिन आ रहे भक्तों से भीषण गर्मी में आश्रम न आने की अपील की है। चूंकि संत प्रेमानंद की पदयात्रा, एकांतिक दर्शन व एकांतिक वार्ता अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
जिंदगी तो सबके पास है लिकिन हर 🥀..
शादी के बाद सबसे ज्यादा एक औरत 🥀.
25/05/2026
मॉरीशस का 'गंगा तालाब': समंदर पार बसा मिनी हिंदुस्तान
मॉरीशस के सावन (Savanne) जिले में, घने जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित 'गंगा तालाब' सिर्फ एक झील नहीं, बल्कि सात समंदर पार धड़कती सनातन संस्कृति और अटूट आस्था का जीवंत प्रतीक है। भारत से हजारों किलोमीटर दूर बसे प्रवासियों के लिए यह स्थान साक्षात मां गंगा जितना ही पवित्र और पूजनीय है।
🔱 भौगोलिक स्थिति और मुख्य आकर्षण
ऊंचाई और प्राकृतिक सुंदरता: यह पवित्र झील समुद्र तल से लगभग 550 मीटर (1800 फीट) की ऊंचाई पर एक शांत ज्वालामुखी के मुहाने पर स्थित है, जिसे स्थानीय स्तर पर 'ग्रैंड बेसिन' (Grand Bassin) भी कहा जाता है।
विशाल प्रतिमाएं: यहां भगवान शिव, श्री गणेश, मां गंगा और हनुमान जी की भव्य मूर्तियां स्थापित हैं।
'मंगल महादेव' की भव्यता: यहां स्थापित 108 फीट ऊंची भगवान शिव की विशाल प्रतिमा मॉरीशस की सबसे ऊंची और भव्य मूर्तियों में से एक है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं का मन मोह लेती है।
अनोखी परंपरा: यह संभवतः दुनिया का ऐसा अनोखा मंदिर है जहां भैरव बाबा अपने श्वान (कुत्ते) रूप में पूरे शिव परिवार के साथ विराजमान हैं।
📜 गौरवशाली इतिहास और 'गंगा' नामकरण
पवित्र खोज (1897): मान्यता है कि साल 1897 में एक हिंदू पुजारी पंडित गिरी गोस्सेन को सपने में इस झील के दर्शन हुए थे, जिसके बाद उन्होंने जंगलों के बीच इस पवित्र स्थल को खोज निकाला।
गौमुख से जुड़ा नाता (1972): इस स्थान को 'गंगा' का दर्जा तब मिला जब साल 1972 में मॉरीशस के पहले प्रधानमंत्री सर शिवसागर रामगुलाम भारत के 'गौमुख' से पवित्र गंगाजल लेकर आए और उसे इस झील में मिलाया। तभी से इसका नाम आधिकारिक रूप से 'गंगा तालाब' पड़ गया।
🚩 आस्था, परंपरा और महाशिवरात्रि
मिनी भारत का अहसास: हर साल महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर यहां का नजारा बिल्कुल भारत के हरिद्वार या काशी जैसा हो जाता है। लाखों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ नंगे पैर पैदल यात्रा करके इस पवित्र तालाब से जल लेने पहुंचते हैं।
गंगाजल मिलाने की परंपरा: आज भी भारत से मॉरीशस जाने वाले सनातन धर्मी अपने साथ भारत की गंगा नदी का जल ले जाते हैं और उसे इस तालाब में अर्पित करते हैं ताकि इसकी पवित्रता हमेशा बनी रहे।
वैश्विक सम्मान: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी मॉरीशस यात्रा के दौरान इस पवित्र स्थल पर जाकर विशेष पूजा-अर्चना की थी और गंगाजल अर्पित किया था।
निष्कर्ष:
आज गंगा तालाब सिर्फ मॉरीशस के हिंदुओं की आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि भले ही भारतीय अपने वतन से दूर हो जाएं, लेकिन अपनी संस्कृति, संस्कार और महादेव के प्रति अपनी भक्ति को कभी खुद से दूर नहीं होने देते।
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