Dharm Yatra
Dharm Yatra - धर्म यात्रा
या यूँ कहें - धर्म के ?
Dharm Yatra प्रस्तुत करता है “काली दुर्गे राधेश्याम” संकीर्तन Part-1। माँ काली, माँ दुर्गा और राधे-श्याम की भक्ति में डूबा यह पावन संकीर्तन मन को शांति, ऊर्जा और आध्यात्मिक आनंद से भर देगा। भजन, नामस्मरण और भक्ति रस का दिव्य अनुभव करें।
21/02/2026
गोबर से बने गणेश जी पर्यावरण के प्रति जागरूकता और भारतीय परंपरा का सुंदर संगम माने जाते हैं। प्राचीन समय से ही गोबर को पवित्र, शुद्ध और उपयोगी माना गया है। इसमें प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, इसलिए इसे शुभ कार्यों में प्रयोग किया जाता है। जब गणेश जी की मूर्ति गोबर से बनाई जाती है, तो यह पूरी तरह जैविक और पर्यावरण-अनुकूल होती है। पूजा के बाद इसे मिट्टी में मिलाने से प्रदूषण नहीं फैलता, बल्कि यह खाद का काम करती है, जिससे पौधों को पोषण मिलता है।
आज के समय में प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों से पर्यावरण को नुकसान होता है, इसलिए गोबर से बनी गणेश प्रतिमा एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं और कारीगर इसे हाथ से बनाते हैं, जिससे उन्हें रोजगार भी मिलता है। इस प्रकार गोबर से बने गणेश जी न केवल आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और स्वदेशी परंपरा को बढ़ावा देने का भी संदेश देते हैं।
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13/02/2026
आज, 13 फरवरी 2026 को भारत में सोने के औसत भाव (प्रति 10 ग्राम) नीचे दिए गए हैं। यह कीमतें बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार बदल सकती हैं:
ऐसा देश लिखिए, जिसका पहला अक्षर आपके नाम से मेल खाता हो।
तीन गुण सत्त्व रजस तमस के प्रभाव:
तीन गुण – सत्त्व, रजस और तमस – प्रकृति और मन के मूल स्वभाव हैं, जो हमारे विचार, भावनाएँ और कर्म तय करते हैं।
1. सत्त्व गुण का प्रभाव
सत्त्व शुद्धता, ज्ञान, शांति और संतुलन देता है।
इसमें मन साफ, स्थिर और प्रसन्न रहता है; करुणा, ईमानदारी, संयम जैसी गुण बढ़ते हैं।
आध्यात्मिक साधना, सही निर्णय और आत्मबोध में मदद करता है, मुक्ति की दिशा में ले जाता है।
2. रजस गुण का प्रभाव
रजस सक्रियता, इच्छा, महत्वाकांक्षा और अस्थिरता का गुण है।
इससे मेहनत, प्रगति और कर्म तो बढ़ते हैं, लेकिन साथ में लोभ, क्रोध, ईर्ष्या और बेचैनी भी आती है।
अधिक रजस होने पर व्यक्ति फल‑लालसा, प्रतियोगिता और तनाव में फँस जाता है, मन कभी टिकता नहीं।
3. तमस गुण का प्रभाव
तमस अज्ञान, जड़ता, आलस्य और मोह का गुण है।
इससे सुस्ती, टालमटोल, भ्रम, नशे की प्रवृत्ति और नकारात्मकता बढ़ती है; सच और झूठ में फर्क धुंधला हो जाता है।
लम्बे समय तक तमस हावी रहे तो व्यक्ति विकास, जिम्मेदारी और आध्यात्मिकता से दूर होता जाता है।
व्यावहारिक संकेत
लक्ष्य यह है कि तमस कम करें, रजस को सही दिशा दें और सत्त्व को अधिक से अधिक बढ़ाएं – पर अंत में तीनों से ऊपर उठकर समत्व और भगवान में स्थित होना ही गीता का मार्ग है
कर्मयोग क्या है और कैसे अपनाएं?
कर्मयोग का मतलब है निस्वार्थ भाव से अपना कर्तव्य करना, बिना फल की चिंता के और उसे ईश्वर या किसी ऊँचे उद्देश्य को समर्पित करना। गीता में श्रीकृष्ण बताते हैं कि कर्म से भागना नहीं, बल्कि लगन से काम करना और परिणाम में समभाव रखना ही सच्चा कर्मयोग है।
कर्मयोग क्या है
दूसरों के हित के लिए, स्वार्थ छोड़कर किया गया काम – यही निःस्वार्थ कर्म या सेवा (सेवा भाव) है।
सफलता–असफलता से अंदर से न हिलना, सिर्फ ईमानदार प्रयास पर ध्यान रखना।
हर कर्म को ईश्वर/उच्च उद्देश्य को अर्पित मानकर करना, “मैं कर रहा हूं” वाले अहंकार को कम करना।
कर्मयोग कैसे अपनाएं
दिन की शुरुआत में संकल्प लें: “आज जो भी काम करूँगा, उसे ईश्वर/समाज की सेवा मानकर करूँगा।”
अपना रोज़ का काम (जॉब, घर, पढ़ाई) पूरी निष्ठा से करें, बीच‑बीच में यह याद रखते हुए कि परिणाम ईश्वर पर छोड़ा है।
सेवा के छोटे मौके पकड़ें – जैसे किसी की मदद, घर‑परिवार का काम बिना शिकायत, ईमानदारी से ड्यूटी – और इसके बदले में धन्यवाद या इनाम की अपेक्षा न रखें।
जब सफल हों तो अहंकार न बढ़ने दें, जब असफल हों तो निराश न हों; दोनों समय में “मेरे बस में सिर्फ प्रयास था” ऐसा सोचकर मन शांत रखें।
भगवद् गीता का गीत‑गान और उपदेश जीवन को दिशा देने वाला दिव्य संदेश है। कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि में अर्जुन के संशय को दूर करते हुए श्रीकृष्ण उसे धर्म, कर्म और भक्ति का मार्ग समझाते हैं। गीता सिखाती है कि अपना कर्तव्य निस्वार्थ भाव से करो, फल की चिंता छोड़ दो, यही कर्मयोग है। आत्मा को अविनाशी, जन्म‑मरण से परे बताते हुए गीता हमें मृत्यु के भय से मुक्त करती है और भीतर स्थिरता देती है। श्रीकृष्ण का उपदेश है कि ज्ञान, ध्यान और भक्ति – इन तीनों मार्गों से ईश्वर की प्राप्ति संभव है, पर अंत में शुद्ध प्रेम और समर्पण ही मुक्ति का कारण बनता है।
मीन: (Meen) - Pisces : आज धन लाभ और करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं. रुका हुआ पैसा मिलेगा. व्यापार में साझेदारी से लाभ होगा. घर में सुख-समृद्धि आएगी. सेहत का ध्यान रखें, पानी कम न पिएं. प्रेम जीवन में समझदारी और आत्मीयता से रिश्ता और गहरा होगा. उपाय: विष्णु मंदिर में दीपक जलाएं और तुलसी पर जल अर्पित करें. शुभ रंग: बैंगनी शुभ अंक: 10
कुंभ: (Kumbh) - Aquarius : आज आपके लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलेगी. व्यापार में लाभ होगा. परिवार में सुख-शांति रहेगी. सेहत मजबूत रहेगी. प्रेम जीवन में स्थिरता और गहराई आएगी. उपाय: गरीबों और जरूरतमंदों को वस्त्र व भोजन दान करें. शुभ रंग: गहरा नीला शुभ अंक: 5
मकर: (Makar) - Capricorn : मकर राशि: आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और अनुशासन की सराहना होगी. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. निवेश से लाभ मिलेगा. परिवार में शुभ समाचार मिलने की संभावना है. सेहत में थकान या अनिद्रा हो सकती है. प्रेम जीवन सुखद रहेगा. उपाय: शनिदेव को काले तिल और सरसों का तेल अर्पित करें. शुभ रंग: नीला शुभ अंक: 11
धनु: (Dhanu) - Sagittarius : आज का दिन भाग्यशाली रहेगा. आय में वृद्धि होगी और रुके हुए पैसे वापस मिलेंगे. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा लेकिन खानपान पर ध्यान रखें. विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी. प्रेम जीवन में रोमांस और आत्मीयता बढ़ेगी. उपाय: पीपल के पेड़ पर घी का दीपक जलाएं. शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 3
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