Zaid baliyavi
ख़ुशीयो से.. घर का हर एक कोना भर दिया..
माँ
03/04/2026
11/03/2026
उसे कहना - Read on Sahityapedia
उसे कहना – ज़ैद बलियावी – Sahityapedia दामन में लिए फिरते हैं ज़ख्म, उसे कहना, ऐसे सजती है मेरी बज़्म, उसे कहना। फूल तो आज भी खिलते हैं उसी शाख़ों पर मगर, अधू....
28/12/2025
❄️
24/12/2025
✌