Narendra Slave
I am a disciple of Jagat Guru Sant Rampal Ji Maharaj.
04/08/2024
23/07/2024
#कांवड़_में_कोरा_पाप_है
कांवड़ में कोरा पाप है
सावन के महीने में सबसे ज्यादा जीव उत्पन्न होते हैं जो कांवड़ यात्रा में आने जाने में पैरों तले कुचले जाने में मर जाते हैं। जिससे जीव हत्या का भयंकर पाप लगता है। इस विषय में सूक्ष्मवेद में परमात्मा ने बताया है:
जा तीर्थ पर कर है दानं। ता पर जीव मरत है अरबानं।।
गोते-गोते पड़ि है भारं। गंगा जमना गए केदारं।।
🔹कांवड़ यात्रा से पाप होते हैं या पुण्य?
जानने के लिए पढ़ें पवित्र पुस्तक "हिन्दू साहेबान नहीं समझे गीता वेद पुराण"
10/07/2024
#मीडिया_को_झूठ_शोभा_नहीं_देता
TV9 Hindi का झूठ आया सामने
TV9 Hindi ने अपने आर्टिकल में संत रामपाल जी पर जो यौन शोषण के आरोप लगाए यह बेबुनियाद हैं। क्योंकि संत रामपाल जी महाराज पर ऐसा कोई आरोप ही नहीं है और इस भ्रष्ट न्यूज वेबसाइट ने सत्य को जाँचे बगैर ही झूठी खबर इंटरनेट पर फैला दी इसके लिए TV9 Hindi सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
#भारतीय_मीडिया_की_गिरती_गरिमा
08/07/2024
#भारतीय_मीडिया_की_गिरती_गरिमा,
मीडिया वालों चुल्लू भर पानी में डूब मरो!
संत रामपाल जी महाराज पूर्ण संत हैं।
संत रामपाल जी महाराज के ख़िलाफ़ कोई भी यौन शोषण या बलात्कार का आरोप या सबूत नहीं है। फिर आप किस आधार पर संत रामपाल जी महाराज जी का नाम अन्य नकली संतों के साथ जोड़ते हैं।
05/07/2024
#मीडिया_का_काम_अफवायें_फैलानानहीं_सच्चाई_बताना_है
भारतीय मीडिया चुल्लू भर पानी में डूब मरो
ABP न्यूज़ चैनल एक तरफ तुम परीक्षण की बात करते हो और तुमने कौन सा परीक्षण करके संत रामपाल जी महाराज को साकार विश्व हरि जैसे ढोंगी बाबाओं के साथ दिखाया। जबाब दो, मांगी मांगो, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहो।
🚫भ्रष्ट India TV चुल्लू भर पानी में डूब मरो
संत रामपाल जी महाराज द्वारा सर्व धर्मग्रंथों के आधार पर लिखित पवित्र पुस्तक "ज्ञान गंगा" को तुमने नारायण साकार विश्व हरि की बताकर "ज्ञान गंगा" पुस्तक का दुष्प्रचार किया है और अप्रत्यक्ष रूप से आपने संत रामपाल जी महाराज की छवि खराब करने का प्रयास किया है। माफी मांगो India tv, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहो।
🚫झूठा मीडिया सत्य को जलाने की कोशिश करता हुआ
संत रामपाल जी महाराज 8 केसों में बाइज़्ज़त बरी हो चुके हैं और भारतीय मीडिया इतना झूठा है कि यह सत्य न दिखाकर ढोंगी बाबाओं के साथ संत रामपाल जी महाराज को दिखाकर सत्य को छुपाने की व जलाने की कोशिश कर रहा है।
🚫भारतीय मीडिया कुछ तो शर्म करो, भगवान से डरो
https://youtu.be/oLqvwV7M5ns?si=FNgKgzHmzI6dFzUg
02/07/2024
सत्य को जानें
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चारों वेद, गीता, पुराण, बाइबल सभी धार्मिक ग्रंथों में सृष्टि रचना के बारे में बताया गया है।
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29/06/2024
💸💰 #दहेज 🤑💵
#शादी नाम तो छोटा सा है पर बखेड़ा इतना बड़ा करते हैं।
शादी का मतलब होता है दो आत्माओ का मिलन।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने इस शादी नाम के बखेड़े को एक छोटे से तरीके से सादगी से केवल 17 मिनट में ढाल दिया है इसमें ना कोई बैंड बाजा है ना ही कोई घोड़ी है ना बारात है ना दहेज लेना है ना देना है बस 17 मिनट में सभी देवी देवताओं को साक्षी मानकर दो बच्चों को एक पवित्र रिश्ते में बांध देते है, इसे कहते है रमैनी।
जब गरीब पिता की बेटी बखेड़ा को देखकर दुखी होती है कि मेरी शादी में भी यह सब होगा कि नहीं होगा लेकिन एक पिता अपनी बेटी के लिए कैसे भी करके वह सब कुछ देना चाहता है जो एक अमीर बाप की ओलाद करती है, और इस बीच एक गरीब पिता कर्ज के तले दब जाता है ये समाज में बहुत बड़ा मतभेद बनता जा रहा है और ना जाने कितनी बेटियां इस दहेज की खातिर फांसी पर लटक गई है।
आज के आधुनिक युग में जहाँ लोग बहुत ही ताम-झाम और लाखो रुपये खर्च कर विवाह करते है वही दूसरी तरफ संतरामपालजी महाराज के ज्ञान से प्रेरित होकर उनके करोड़ों अनुयायी अपने बच्चों का विवाह बहुत ही साधारण तरीके से मात्र 17 मिनट की गुरुवाणी ( रमैनी) से करते है ।
इस विवाह में ना कोई दहेज दिया गया और ना ही दहेज लिया गया मात्र 17 मिनट में शादी हुई।, जिसमे कोई भी फिजूलखर्ची नही, ना घोडा, ना बारात, न बैंड बाजा और ना ही कोई लेन देन । आज इस युग में नशा व दहेज रूपी कुरीतियों को जड़ से खत्म कर रहे है तथा नेक व सभ्य समाज तैयार कर रहे है संतरामपालजी महाराज व उनके करोड़ों अनुयायी!!
#दहेज_मुक्त_भारत_नशा_मुक्त अभियान के तहत आज #संत_रामपाल_जी_महाराज जी के नेतृत्व में एक अनोखी शादी सम्पन्न हुई जो समाज को एक नई दिशा दे रही है जिसमें ना तो कोई लेन-देन है और ना ही दहेज और ना कोई दूसरा आडंबर ।।
ऐसी शादियां समाज के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
इसमें सादगी की मिशाल पेश की है इस शादी में ना घोड़ा,ना बाराती,ना बेंड ना बाजे सिर्फ 17 मिनट में रमैणी {शादी} गुरुवाणी के द्वारा हो जाती है।
15/06/2024
#अत्याचार_की_अति
#अत्याचार_की_अति
शेखतकी ने सोचा कि कबीर जी को तलवार से काट कर उसके टुकड़े टुकड़े कर दें। शेखतकी ने उनकी हत्या के लिए कुछ गुंडे तैयार किए। शेखतकी उन गुंडों के साथ उनकी कुटिया में आया जहां कबीर साहेब रात में सो रहे थे और उसने कबीर जी पर बेतहाशा तलवार से वार किए। लेकिन तलवार बार-बार कबीर जी के शरीर से आर-पार निकल गई क्योंकि कबीर साहेब जी का शरीर पांच तत्वों से बना नहीं है वह नूरी शरीर है।
साहिब कबीर को मारण चाल्या, शेखतकी जलील।
आर पार तलवार निकल गई, फिर भी समझा नहीं खलील।।
💥एक बार कबीर साहेब सत्संग कर रहे थे, शेख तकी ने कबीर साहेब को सैनिकों से कोड़े मरवाये। लेकिन कबीर साहेब के शरीर पर कोई निशान नहीं था। क्योंकि कबीर साहेब का शरीर अमर है और कबीर साहेब सर्वशक्तिमान हैं। यह देख वहां बैठे लोग हैरान रह गए और कबीर साहेब की महिमा के नारे लगाने लगे।
💥कबीर परमेश्वर जी एक सत्संग कर रहे थे तब शेखतकी ने सिपाही से कहा कि इनके गले में जहरीला साँप डाल दो लेकिन वो साँप कबीर साहेब के गले में डालते ही सुंदर पुष्पों की माला बन गया। क्योंकि कबीर साहेब पूर्ण परमात्मा हैं।
💥परमात्मा के शरीर में कीलें ठोकने का व्यर्थ प्रयत्न
कबीर साहेब को मारने के लिए एक दिन शेखतकी ने सिपाहियों को आदेश दिया की कबीर साहेब को पेड़ से बांधकर शरीर पर बड़ी बड़ी कील ठोक दो। लेकिन जब कील ठोकने चले तो सिपाहियों के हाथ पैर काम करना बंद हो गए और वो वहाँ से भाग गए और शेखतकी को फिर परमात्मा कबीर साहेब के सामने लज्जित होना पड़ा।
💥दिल्ली के सम्राट सिकंदर लोदी ने जनता को शांत करने के लिए अपने हाथों से हथकड़ियाँ लगाई, पैरों में बेड़ी तथा गले में लोहे की भारी बेल डाली, आदेश दिया गंगा दरिया में डुबोकर मारने का। उनको दरिया में डाल दिया। कबीर परमेश्वर जी की हथकड़ी, बेड़ी और लोहे की बेल अपने आप टूट गयी। परमात्मा जल पर सुखासन में बैठे रहे, कुछ नहीं बिगड़ा।
💥कबीर परमात्मा को हाथी से कुचलवाने की नाकाम कोशिश
सिकंधर लोदी से झूठी शिकायतें करके कबीर जी को पागल हाथी से मरवाने की कोशिश की गई जब
#अत्याचार
#अत्याचार
13/06/2024
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पावन सानिध्य में 627वें कबीर साहेब प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 20, 21 व 22 जून 2024 विशाल भण्डारा, संत गरीबदास जी महाराज की अमर वाणी का अखंड पाठ, विशाल सत्संग, निःशुल्क नाम दीक्षा, विशाल रक्तदान शिविर, दहेज रहित विवाह (रमैणी) व आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं। कार्यक्रम स्थल - : सतलोक आश्रम धनाना धाम, सोनीपत, हरियाणा सतलोक आश्रम वेदखेड़ी, शामली, उत्तरप्रदेश सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र, हरियाणा सतलोक आश्रम धूरी, पंजाब सतलोक आश्रम मुंडका, दिल्ली सतलोक आश्रम खमाणों, पंजाब सतलोक आश्रम सोजत, राजस्थान सतलोक आश्रम भिवानी, हरियाणा सतलोक आश्रम इंदौर, मध्यप्रदेश सतलोक आश्रम बैतूल, मध्यप्रदेश सतलोक आश्रम धनुषा, नेपाल संपर्क सूत्र - 7496801825 7496801823
13/06/2024
कुरआन में सृष्टि रचनहार
कुरआन सूरह फुरकान 25 आयत 59
अल्ल्जी खलकस्समावाति वल्अर्ज व मा बैनहुमा फी सित्तति अय्यामिन् सुम्मस्तवा अलल्अर्शि अर्रह्मानु फस्अल् बिही खबीरन्(कबीरन्)।।59।।
भावार्थ है कि हजरत मुहम्मद को कुरान शरीफ बोलने वाला प्रभु (अल्लाह) कह रहा है कि वह कबीर प्रभु वही है जिसने जमीन तथा आसमान के बीच में जो भी विद्यमान है सर्व सृष्टि की रचना छः दिन में की तथा सातवें दिन ऊपर अपने सत्यलोक में सिंहासन पर विराजमान हो (बैठ) गया। उसके विषय में जानकारी किसी (बाख़बर) तत्वदर्शी संत से पूछो।
वह बाख़बर संत रामपाल जी महाराज जी हैं।
🎈बाइबल के अनुसार सृष्टि रचनहार
पवित्र बाइबल (उत्पत्ति ग्रन्थ पृष्ठ नं. 2 पर, अ. 1ः20 - 2ः5 पर)
छटवां दिन:- प्राणी और मनुष्य:
अन्य प्राणियों की रचना करके 26. फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं, जो सर्व प्राणियों को काबू रखेगा। 27. तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टि की।
पवित्र बाइबल अय्यूब 36:5 (और्थोडौक्स यहूदी बाइबल)के अनुसार पूर्ण परमात्मा कबीर है।
🎈सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा
कुरान शरीफ सूरह फुरकान 25, आयत 52-59 तथा फज़ाइल-ए-ज़िक्र, आयत 1 में स्पष्ट रूप से लिखा है संपूर्ण जगत का रचनहार, सबका मालिक अल्लाह कबीर है।
12/06/2024
सूरत फुरकानि-25 (कुरआन शरीफ से हिंदी)आयत नं. 58:- और (ऐ पैगम्बर) उस जिंदा {जो जिंदा बाबा के वेश में तेरे को काबा में मिला था, वह अल्लाह कबीर} पर विश्वास रखो जो कभी मरने वाला नहीं है (अविनाशी परमेश्वर है) और तारीफ (प्रशंसा) के साथ उसकी पाकी ब्यान (पवित्र महिमा का गुणगान) करते रहो और अपने बंदों के गुनाहों (पापों) से वह कबीर परमेश्वर अच्छी तरह परिचित है यानि सत्य साधक के सब पाप नाश कर देता है।
🔹धर्मदास जी की वाणी में प्रमाण, कबीर साहेब ही भगवान:-
रहे नल-नील यत्न कर हार, तब सतगुरू से करी पुकार।
जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।।धन-धन सतगुरू सत कबीर भक्त की पीर मिटाने वाले।
🔹आदरणीय दादू साहेब जी (अमृत वाणी में प्रमाण) कबीर परमेश्वर के साक्षी:-
आदरणीय दादू साहेब जी जब सात वर्ष के बालक थे तब पूर्ण परमात्मा जिंदा महात्मा के रूप में मिले तथा सत्यलोक ले गए। तीन दिन तक दादू जी बेहोश रहे। होश में आने के पश्चात् परमेश्वर की महिमा की आँखों देखी बहुत-सी अमृतवाणी उच्चारण की:-
जिन मोकूँ निज नाम दिया, सोई सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।।
🔹आदरणीय मलूक दास साहेब जी कविर्देव के साक्षी:-
42 वर्ष की आयु में श्री मलूक दास साहेब जी को पूर्ण परमात्मा मिले तथा दो दिन तक श्री मलूक दास जी अचेत रहे। फिर निम्न वाणी उच्चारण कीः-
जपो रे मन सतगुरु नाम कबीर।।
जपो रे मन परमेश्वर नाम कबीर।
चार दाग से सतगुरु न्यारा, अजरो अमर शरीर।
दास मलूक सलूक कहत हैं, खोजो खसम कबीर।।
🔹आदरणीय गरीबदास साहेब जी छुड़ानी जिला-झज्जर, हरियाणा वाले
प्रभु कबीर (कविर्देव) का आँखों देखा विवरण अपनी अमृत वाणी में ‘‘सद्ग्रन्थ‘‘ नाम से ग्रन्थ की रचना की। अमृत वाणी में प्रमाण:
अनन्त कोटि ब्रह्मण्ड का एक रति नहीं भार।
सतगुरु पुरुष कबीर हैं कुल के सृजन हार।।
🔹गुरुग्रन्थ साहेब पृष्ठ 721 पर अपनी अमृतवाणी महला 1 में श्री नानक जी ने कहा है कि -
“हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदीगार।
नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक”
🔹पवित्र यजुर्वेद अध्याय 40 मं. 8 में है कि कविर् मनीषि स्वयम्भूः परिभू व्यवधाता, भावार्थ है कि कवीर परमात्मा सर्वज्ञ है (मनीषि का अर्थ सर्वज्ञ होता है) तथा अपने आप प्रकट होता है। वह (परिभू) सनातन अर्थात् सर्वप्रथम वाला प्रभु है। वह सर्व ब्रह्मण्डों का (व्यवधाता) भिन्न-भिन्न अर्थात् सर्व लोकों का रचनहार है।
#ग्रंथोंमेंप्रमाण_कबीरजीभगवान
Diwas
11/06/2024
#सिद्धि_बड़ी_या_भगवान
अरबों तो ब्रह्मा गए, उनन्चास कोटि कन्हैया। सात कोटि शम्भू गए, मोर एक नहीं पलैया।।
कबीर परमात्मा ने गोरखनाथ को तत्त्वज्ञान समझाते हुए कहा है कि करोड़ों ज्योति निरंजन मर लिए मेरी एक पल भी आयु कम नहीं हुई है अर्थात् अमर पुरुष हूं। कबीर साहेब कहते हैं कि हम अमर हैं। अन्य भगवान जिसका तुम आश्रय ले कर भक्ति कर रहे हो वे नाशवान हैं। फिर आप अमर कैसे हो सकते हो?
🔹नहीं बुढ़ा नहीं बालक, नाहीं कोई भाट भिखारी। कहैं कबीर सुन हो गोरख, यह है उम्र हमारी।।
कबीर परमात्मा ने गोरखनाथ को बताया कि मैं (कबीर साहेब) न बूढ़ा न बालक, मैं तो जवान रूप में रहता हूँ जो ईश्वरीय शक्ति का प्रतीक है। यह तो मैं लीलामई शरीर में आपके समक्ष हूँ। कहै कबीर सुनों जी गोरख, मेरी आयु (उम्र) यह है जो आपको बताई है।
🔹परमात्मा के सामने गोरखनाथ की सिद्धि हुई फेल।
एक बार गोरखनाथ जी जमीन में गड़े लगभग 7 फुट ऊँचें त्रिशूल के ऊपर सिद्धि से बैठ गए और कबीर परमात्मा से कहा कि यदि आप इतने महान हो तो मेरे बराबर में ऊँचा उठ कर बातें करो।
साहेब कबीर ने अपनी पूर्ण सिद्धि का प्रदर्शन किया।
जेब से धागे की रील निकाली और एक सिरा आकाश में फैंक दिया। वह धागा सीधा खड़ा हो गया। साहेब कबीर आकाश में उड़े तथा लगभग 150 फुट धागे के ऊपर बैठ गए और कहा कि आओ नाथ जी! बराबर में बैठकर चर्चा करें। गोरखनाथ जी ने ऊपर उड़ने की कोशिश की लेकिन उल्टा जमीन पर टिक गए।
Diwas
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