Vicky behal
Adhura Ishq kabhi Majhabo me Bat Gya To Kabhi Haalato Me
06/02/2026
☺️
हुआ कुछ यू की उसके हाथों में गुलाब था , जिस्म पे उसके सफेद लिबास था , चेहरे पे एक मुस्कान और खुले बालों के ऊपर उसके नीला आसमान था बस फिर क्या उसकी एक मुस्कान पे हम फिर से दिल हार बैठे ।
हा मैं तुम्हारे साथ हज मे जाना चाहता हू
मैने सुना है हज के रोम रोम मे अल्लाह का वास है
तो मैं उसी अल्लाह से ही तुमको मांगना चाहता हूं
मैने सुना है अक्सर लोगो को कहते वहा जो मांगो मिल जाता है
वैसे तो मेरी कोई और ख्वाइश नही है पर फिर भी मैं तुम्हारे अल्लाह से हर ख्वाइश मे तुमहे मांगना चाहता हूं
लोगो ने हमेशा मुझसे बोला है यू तो की तू ज़िन्दगी मे आखिर चाहता क्या है
और मैं हमेशा ही चुप रह जाता ता .....
पर आज मैं बस अल्लाह से तुम्हारे दिल मे खुद के लिए मोहबत मांगना चाहता हूं
मैं तुम्हारे साथ हज पे जाना चाहता हू
मैने सुना है उस दर से कभी कोई खाली नही आता
इसलिये मैं झोली फैला तुमहे अल्लाह से मांगना चाहता हू
कभी मैं मांगू तेरे से बस तेरा वक्त बन एक फ़कीर सा
तो कभी सिर्फ तुम्हारे लिये एक पागल शायर सा
तुम्हारा पागल विक्की
आयी वो नन्ही परी बन जब इस दुनिया मे
यकी मानो विश्वास हो गया
मोहबत के लिये साथ रहना ज़रूरी नहीं
उदास तो हू तुमसे दुर हू
पर तुम खुश रहो बस इतना बहुत है
इश्क वो चीज है जनाब वो उस इंसान को भी आम बना दे
जिसके वक्त पाने के लिए दुनिया इंतजार करे पर वो बस अपनी दुनिया का इंतजार करता रहता
thought of the day
कभी कभी इस दुनिया मे लोगो को शैतान की भी ज़रुरत होती है
वरना कई ख्वाब यू ही रोंद दिये ज़ाते है
वक्त वक्त की तो बाते है जनाब
एक दिन वक्त मे ही वक्त मिल जाता है
जिस दिन दिल भी माटी मे विलीन हो जाता है
जैसे जैसे मे अकेला हो रहा हू
वैसे वैसे मैं खुद से मिल रहा हू
ख्याल दिल के ....
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किरदार की हद होती है
उसको लिखने वाली कलम की नही ...........
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