Yuva Rajput sena MP
हमारा एक ही उद्देश्य है क्षत्रिय समाज को संघठित करना हम समाज से हैं समाज हमसे नहीं
जय रघुनाथ जी
Happy Birthday My son on your 20th Birthday Enjoy your Day and enjoy the new responsibilities as you grow older one more year. you are my pride and my legacy. I've seen you grow into a wonderful person, and I'm so proud of the person you're becoming. My son, I wish that your birthday fulfills all your wishes
10/04/2026
राजस्थान की अंतिम सती रूप कंवर दिवराला।।।।
04/04/2026
भारत के रॉबिनहुड, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, जनजातीय समाज के गौरव एवं क्रांतिवीर टंट्या मामा भील जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए उन्होंने अन्याय के खिलाफ संघर्ष का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह आज भी प्रेरणादायी है। जनजातीय अस्मिता और राष्ट्र की रक्षा हेतु उनका समर्पण, त्याग और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
_👆🏼यह वीडियो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए नामांकित है। वीडियोग्राफर का अद्भुत प्रयास। सच में अद्भुत है ना
भारतीय सेना के एक रिटायर्ड सैनिक की कार रहीम शेख की कार से छू गई। इसके बाद वह 200 मुसलमानों की भीड़ लेकर आया, एक हिंदू जोड़े पर हमला किया और महाराष्ट्र के बीड में उस रिटायर्ड सैनिक पर उबलती हुई चाय डाल दी। गंभीर रूप से जलने के कारण सैनिक की हालत नाजुक बनी हुई है।
सिंह लिखवात सब फिरे पर सिंह बन्यो ना कोय । जाके हिरदे (क्षत्रिय) धर्म, सो ही क्षत्रिय होय ।।
31/03/2026
1991 में Alps की ऊँचाइयों पर जब हाइकर्स को बर्फ से निकलता एक शरीर दिखा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह करीब 5,300 साल पुराना होगा। बाद में उसे Ötzi the Iceman नाम दिया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार वह ताम्र युग (Copper Age) का व्यक्ति था, जिसकी मृत्यु लगभग 3300 ईसा पूर्व हुई थी।
उसका शरीर इतनी अच्छी तरह सुरक्षित था कि उसकी त्वचा, कपड़े, औज़ार, यहाँ तक कि उसके आखिरी भोजन तक के निशान मिल गए। Ötzi करीब 45 वर्ष का था, उसकी लंबाई करीब 5 फीट 3 इंच थी और उसके शरीर पर 60 से अधिक टैटू पाए गए, जिन्हें कई शोधकर्ता प्राचीन उपचार पद्धति (acupuncture जैसे) से जोड़कर देखते हैं।
उसकी मौत का कारण भी काफी समय बाद साफ हुआ। उसके कंधे में तीर का सिरा फंसा मिला, जिससे पता चलता है कि उसकी हत्या हुई थी।
Ötzi के पास जो सामान मिला, वह उस समय की मानव बुद्धिमत्ता का गहरा प्रमाण है। उसके पास तांबे की कुल्हाड़ी, पत्थर का खंजर, घास और चमड़े से बने कपड़े, और एक जटिल “फायर-किट” था। इसी किट में Fomes fomentarius यानी टिंडर फंगस मिला, जिसे वह विशेष रूप से तैयार करके साथ रखता था।
इसमें मौजूद “अमाडू” नामक पदार्थ बहुत आसानी से चिंगारी पकड़ लेता है और लंबे समय तक अंगार को जलाए रखता है, जिससे आग जलाना आसान हो जाता है। इसके साथ ही उसके पास Piptoporus betulinus यानी बर्च पॉलीपोर भी मिला, जिसे आज वैज्ञानिक एंटीपैरासिटिक और एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जानते हैं।
Ötzi के शरीर में आंतों के परजीवी पाए गए थे, इसलिए यह माना जाता है कि वह इस मशरूम का उपयोग औषधि के रूप में करता था।
और भी दिलचस्प बात यह है कि उसके पेट में मिले आखिरी भोजन के अवशेषों से पता चला कि उसने मरने से कुछ समय पहले जंगली बकरी का मांस, अनाज और वसा से भरपूर भोजन किया था जो यह दिखाता है कि उसे ऊँचाई और ठंड में जीवित रहने के लिए पोषण का अच्छा ज्ञान था।
उसके कपड़े भी बेहद व्यावहारिक थे। घास से बनी चादर, जानवरों की खाल के जूते जिनमें सूखी घास भरी थी ताकि गर्मी बनी रहे, और भालू की खाल की टोपी। इन सब चीजों से साफ होता है कि Ötzi कोई साधारण “आदिम” इंसान नहीं था, बल्कि अपने पर्यावरण को गहराई से समझने वाला, तकनीकी और औषधीय ज्ञान रखने वाला व्यक्ति था।
31/03/2026
भूरा का परिवार
उसके लिए एक लड़की देखने गया।
ड्राइंग रूम में
चाय, नाश्ता और थोड़ी
बातचीत ख़त्म होने के बाद,
लड़की के पिता ने धीरे से मुख्य
मुद्दे पर आकर बात की शुरुआत की : -
“तो, आपका बेटा
अभी क्या काम करता है...?”
भूरा के पिता ने
अपना चश्मा ठीक किया,
गला साफ़ किया और पूरे कॉर्पोरेट-स्टाइल में एक प्रेजेन्टेशन देना शुरू कर दिया : -
“देखिए, हमारा भूरा
अभी एक एग्रो-बेस्ड नैचुरल
‘डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर’ स्टार्टअप
का फाउण्डर और मैनेजिंग डायरेक्टर है।
हम ऑर्गेनिक हेल्थ और
वेलनेस सेक्टर में काम करते हैं।”
यह सुनकर
लड़की के पिता पहले
ही आधे इम्प्रेस हो चुके थे।
“वाह...!
तो आपका प्रोडक्ट असल में है क्या...?”
भूरा के पिता ने पूरे
आत्मविश्वास के साथ अपनी बात जारी रखी : -
“हमारे मुख्य पोर्टफोलियो में
हाई-प्रोटीन वाले भुने हुए अनाज (legumes) और पारंपरिक कैरामलाइज़्ड मिठाइयाँ शामिल हैं।
हम कच्चा माल सीधे
होलसेल सप्लाई चेन से लेते हैं,
फिर उन्हें अपनी स्वयं की थर्मल प्रोसेसिंग यूनिट में बिना तेल के भूनते हैं।
और सबसे विशेष बात
यह है कि हमारी पैकेजिंग 100% इको-फ्रेण्डली और बायोडिग्रेडेबल है!”
यह सब सुनकर
लड़की का परिवार हैरान रह गया।
यह तो किसी बड़ी
मल्टीनेशनल कंपनी जैसा लग रहा था।
लड़की के चाचा स्वयं
को पूछने से रोक नहीं पाए : -
“तो आपकी
कंपनी का हेड ऑफिस कहाँ है...?
और
आपके यहाँ कितने कर्मचारी हैं...?”
बिल्कुल भी घबराए बिना,
भूरा के पिता ने तत्काल उत्तर दिया : -
“देखिए,
यह आधुनिक
‘लीन स्टार्टअप्स’ का ज़माना है,
इसलिए हम
दुकान के किराए और बिजली के
बिल जैसे फ़ालतू खर्चों से बचते हैं।
हमारे पास एक
मोबाइल रिटेल आउटलेट है,
जिसकी जगह ट्रैफिक और लोगों की भीड़ के हिसाब से रोज़ बदलती रहती है।
और पूरा काम
मेरा बेटा अकेले ही संभालता है
— वह एक ‘सोलोप्रेन्योर’ है...!”
अब लड़की के पिता
पूरी तरह से कन्फ्यूज़ हो गए।
उन्हें लगा कि यह
अंग्रेज़ी उनकी समझ से बाहर है।
तो उन्होंने कहा : -
“मुझे यह मार्केटिंग वाली
भाषा ठीक से समझ नहीं आई।
क्या आप
आसान शब्दों में समझा सकते हैं,
कि लड़का असल में करता क्या है...?”
ठीक उसी पल,
कोने में बैठा उस लड़के का
पक्का दोस्त धीमे स्वर में बोला : -
“अंकल...!
उसका मतलब यह है,
कि हमारा भाई हाईवे पर
सड़क किनारे एक ठेला लगाता है,
जिस पर वह मूंगफली,
भुने हुए चने और रेवड़ी बेचता है...!
वह एक कड़ाही में
रेत डालकर चने भूनता है और
उन्हें अख़बार के बने लिफ़ाफ़ों में मोड़कर ग्राहकों को देता है, जिसे ये लोग ‘बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग’ कहते हैं...!” 😂
यह सुनकर,
लड़की के पिता के
हाथ से हैरानी के मारे चाय
का कप लगभग छूट ही गया! 😜
मार्केटिंग के
शब्दों का जादू बहुत ही
जादुई और ज़बरदस्त होता है।
अगर
आपकी प्रेजेन्टेशन काफ़ी
चकाचौंध भरी और दमदार हो...
तो मूंगफली
और चने बेचने का
एक साधारण सा ठेला भी
किसी बहुत बड़ी मल्टीनेशनल
‘कॉर्पोरेट स्टार्टअप कंपनी’ जैसा लग सकता है।
😅😂😇😃😝😜🤩😆🤣
31/03/2026
रिश्ता _नहीं _सौदा _था.
लडके के पिता ने पंडित जी को एक लडकी देखने को कहा ! पण्डित जी बोले हाँ एक लडकी है. अभी कुछ दिनों पहले उसके पिता ने भी एक लडका देखने को कहा था.
एक दिन तय हुवा और शादी हो गयी. सब कुछ ठीक चल रहा था कि कुछ महीनो बाद. लडका लडकी मे आये दिन.झगडा होने लगा.
वह लडका रोज नशे में घर आता और पत्नी से मारपीट करता वह उसे शारीरिक और मांसिक रूप से परेशान करता...
वहीं बहू भी न सास देखती न ससुर अपने पति के जाते ही अपने स्कूल के एक मित्र के साथ फ़ोन पर लग जाती और भूल जाती की वह अब किसी की पत्नी किसी की बहू है.
एक दिन उन दोनों के बीच झगडा शुरू हुआ और दोनों एक दूसरे पर आरोप लगाने लगे. गुस्से में आकर लडकी ने आत्महत्या कर ली. लडके को पुलिस ले गयी.
अब दोनों घरो के लोग एक दूसरे को गाली देने लगे खानदान को गरियाने लगे मामला कोर्ट पहुंचा.
जज सहाब ने सभी को उपस्थित रहने को कहा और उस पंडित को भी बुलाने को कहा जिसने रिश्ता करवाया था.....
पंडित जी आये. वकील से पहले जज साहब ही पूछ बैठे ये रिश्ता तुम ने करवाया था.?
दोनो घर बर्बाद हो गये. इन लोगों का कहना है की आपको सब पता था फ़िर भी.?
पंडित जी ने कहा जज सहाब ये रिश्ता नहीं था. सौदा था...... क्योंकि
लडकी के माता पिता ने कहा.. लडका पैसे वाला हो परिवार छोटा हो. जमीन जायदाद हो. और सास ससुर न भी हो तो कोई बात नहीं...
वही लडके के माँ बाप बोले. लडकी दिखने में सुन्दर हो खानदान हमारी बराबरी का हो. लडके को दहेज में गाडी मिले. बाकी हमे कोई सिकायत नहीं..
और मैने ये सौदा करवा दिया. साहब इसे रिश्ता नाम देकर. रिश्ते शब्द को अपमानित न करें.
अगर इन लोगों को रिश्ता करवाना होता तो लडकी वाले मुझसे कहते... कि
लडका बेशक गरीब हो मगर मेहनती हो भरा पूरा परिवार हो. ऐसा घर हो जहाँ मेरी बेटी हंस कर खिलखिलाकर रहे जिस घर में गाड़ी न हो मगर खुशी और संस्कार हो.
वही लडका वाले कहते...... बहू बेशक गरीब घर की हो मगर संस्कार हो जो भरे पूरे परिवार से हो जो घर को घर बनाकर रखे. कुछ न हो देने के लिए मगर बडो का अदब और अतिथि का आदर सत्कार हो. बहू धनवान नहीं गुणवान हो.
तब कहीं जाकर ये रिश्ता कहलाता जज साहब
बाबा नीम करोली के पावन दर्शन #कैंचीधाम
इंडोनेशिया के पोंटियानक में पेट्रोल के लिए लाइन! लेकिन फिर भी हम भारत में शिकायत कर रहे हैं!!
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