Sohan giri
पूर्व जिला उपाध्यक्ष- भा.ज.यु.मो, इंदौर (ग्रामीण)
30/08/2022
"बाहर भले ही तू न दिखे
अपने भीतर सिर्फ तुझे ही पाता हूँ
माँ मैं जितनी बार भी जन्म लूँ
बस तेरे गर्भ से जन्मना चाहता हूँ"
आज माँ की 32 वीं पुण्यतिथि पर कोटि - कोटि नमन !!
#माँ
आज माँ की 32 वीं पुण्यतिथि है
लोग कहते है मेरी आंखे माँ से मिलती है
सच तो ये है कि माँ इन आँखों में रहती है
माँ को समर्पित शब्द श्रद्धांजलि
बदलाव के खातिर बदलों से थककर
जब भी कुछ पल आराम करने को दिल किया
शहरों से दूर खुले आसमान के नीचे
जाने को मैं चल दिया
ये बादल ही तेरा आंचल है माँ !
निंदा,निष्ठुरता,निर्ममता में मथकर
जब भी कुछ पल विश्राम करने को दिल किया
दिखावटी दुनिया से दूर
मैं नदियों की थाह लेने चल दिया
ये नदियां ही तेरी गोद है माँ !
फैसलों के फ़िसलन भरे रास्तों में अड़कर
जब भी कुछ पल बहकने को दिल किया
साजिशों,समझौतों से दूर
मैं पर्वतों की चोटियों का नाप लेने चल दिया
ये पर्वत ही तेरे पैर है माँ !
अन्यायों से उपजे आक्रोश में जलकर
जब भी कुछ पल दहकने को दिल किया
मिटाने अंधेरों को
मैं सूरज से आग लेने चल दिया
ये सूरज तेरी आँख है माँ !
"बाहर भले ही तू न दिखे
अपने भीतर सिर्फ तुझे ही पाता हूँ
माँ मैं जितनी बार भी जन्म लूँ
बस तेरे गर्भ से जन्मना चाहता हूँ"
#माँ
Mohan Narayan
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