Jay Singh Rajput
Founder of save child beggar
social Activist.
04/03/2026
सभी मित्रों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं
08/02/2026
चार दिन बाज के न उड़ने से
आसमान कबूतरों का नहीं हो जाता !
16/01/2026
कहते हैं कि फौज में कुछ लोग जीते जी घोस्ट बन जाते हैं। वो ना दिखाई देते हैं,ना उनका कुछ पता होता हैं ,वो बस अपनी मौजूदगी का एहसास तब ही जगाते हैं जब किसी दुश्मन की जान जानी होती है।
आज की कहानी है सुबेदार मेजर अनिल कुमार दहिया एक घोस्ट की...
कल्पना कीजिए ज़मीन से सटे हुए, ठिठुराती ठंड में, आतंकियों के लॉन्च पैड से महज़ सौ मीटर की दूरी पर कोई सैनिक 36 घंटे तक बिल्कुल न हिले।
न भोजन।
न पानी।
न नींद।
कहते हैं कि धैर्य एक हथियार है।
और जम्मू-कश्मीर की बर्फ़ीली पहाड़ियों में नायब सूबेदार अनिल कुमार दहिया ने इसी हथियार को सबसे घातक रूप में ढाल दिया जिसने उन्हे शौर्य पदक दिलवा दिया।
नायब सूबेदार दहिया ने उस मिशन में खुद को मिट्टी में घुला दिया। वे दिखाई नहीं दिए वे अदृश्य हो गए।
जहाँ अधिकांश लोग एक घंटे की असहजता में टूट जाते हैं, वहाँ उन्होंने दो दिन केवल एक सही क्षण का इंतज़ार किया।अनुशासन रंग लाया। पाँच भारी हथियारों से लैस आतंकी घुसपैठ के लिए बढ़े। उन्हें ज़रा भी आभास नहीं था कि “घोस्ट” उन्हें देख रहा है।जैसे ही वे किल ज़ोन में दाख़िल हुए, ख़ामोशी एक साइलेंट कील में बदल गई।
50 मीटर की करीबी मुठभेड़ में, अगुआई करते हुए, नायब सूबेदार दहिया ने अकेले दम पर तीन आतंकियों को ढेर कर दिया और इस पूरी घुसपैठ को कुचल दिया।
यह केवल एक मुठभेड़ नहीं थी यह मानव मन के इच्छा शक्ति की जीत थी।यही इस पारा एसएफ के मरून बेरेट की आत्मा है। दर्द को ख़ामोशी में सहना ,उसे अपनी मजबूती बनाना, एक गोली एक दुश्मन के मोटो से सटीकता से वार करना और चाहे जो हो हर कीमत पर विजय पाना।
हम चैन से सोते हैं क्योंकि कुछ ऐसे ही घोस्ट सरहद पर घात लगाए जागते रहते हैं।स्पेशल फ़ोर्सेस के ऑपरेशन में “घोस्ट” उस सैनिक को कहा जाता है जो दुश्मन के बेहद पास होते हुए भी दिखाई नहीं देता, सुनाई नहीं देता, और अपनी मौजूदगी का कोई निशान नहीं छोड़ता। घंटों-घंटों, कभी-कभी दिनों तक एक ही मुद्रा में पड़े रहना, साँसों की गति तक को नियंत्रित करना, शरीर को ज़मीन का हिस्सा बना लेते हैं।यह सामान्य प्रशिक्षण से परे खुद पर मानसिक विजय है।
आप इनकी तस्वीर देखिए एक वीर सैनिक के जीवन में उसे सर्वश्रेष्ठ मानने के लिए जितने भी अलंकार दिए जा सकते हैं,सब उनकी वर्दी पर सुशोभित है।ऐसे वीरों की शौर्यगाथाएं को हर भारतीयों को जानने का हक है,आखिर इतना तो हम कर ही सकते हैं। 🇮🇳
15/01/2026
❄️ बर्फ़ से ढके पहाड़ों में भी इंसानियत ज़िंदा है… ❤️
जब एक माँ बकरी
बर्फ़ीले पहाड़ पर बच्चे को जन्म देकर मरने वाली थी,
तब एक छोटी-सी चरवाहे लड़की ने
उसे अपनी पीठ पर उठा लिया…
और उसका वफादार कुत्ता
नन्हे बकरी के बच्चे को अपने बैग में लेकर चल पड़ा। 🐐🐕
ये तस्वीर हमें याद दिलाती है –
इंसानियत उम्र नहीं देखती,
वो सिर्फ दिल देखती है।
अगर ये फोटो आपके दिल को छू जाए,
तो इसे शेयर कीजिए…
क्योंकि दुनिया को ऐसे इंसानों की ज़रूरत है। 💔➡️❤️
12/01/2026
25/12/2025
पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी पर ‘सदैव अटल’ स्मृति स्थल जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सुशासन और जनकल्याण के प्रति अटल जी का समर्पण भावी पीढ़ियों को दिशा दिखाता रहेगा।
#सदैवअटल 🙏🙏
25/11/2025
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दिव्य शिखर पर लहराता धर्म ध्वज केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि सदियों के विश्वास, तप, संघर्ष और असंख्य बलिदानों का सजीव प्रतीक है। माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी एवं Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के करकमलों से हुए धर्म ध्वजारोहण का यह अलौकिक और गौरवपूर्ण क्षण साकार हुआ है, जो प्रत्येक रामभक्त के हृदय को गर्व, श्रद्धा और आनंद से भर रहा है।
यह दृश्य आने वाली पीढ़ियों को युगों-युगों तक आस्था, एकता एवं भारत की सनातन आत्मा की अमिट गाथा सुनाता रहेगा।
जय जय श्रीराम! 🙏🚩
21/11/2025
Sri Raj Rajeshwar Saramad-i-Rajah-i-Hindustan Maharaja Sri Gaj Singh II Bahadur, Maharaja of Marwar and Jodhpur.
18/11/2025
पिछले 25 साल में नीतीश कुमार 9 बार बिहार के सीएम रह चुके हैं। NDA गठबंधन को मिली शानदार जीत के बाद एक बार फिर उन्हें राज्य का मुखिया बनाया जा सकता है। आइए जानते है कब कब नीतीश कुमार ने ली सीएम पद की शपथ.
08/11/2025
सांसद व पुर्व केंद्रीय मंत्री माननीय अनुराग ठाकुर भईया के साथ बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान।
04/11/2025
Race against time.......🏃
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