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संघ - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
26/05/2026
With Indraprastha Vishwa Samvada Kendra-IVSK – I just made it onto their weekly engagement list by being one of their top engagers! 🎉
कैसी है पहचान तुम्हारी
राह भूलने पर मिलते हो!
🌸 फूल और आत्मा 🌸
फूल मात्र
रंग और सुगंध नहीं,
आत्मा की फुसफुसाहट हैं।
कली का खिलना,
जन्म का रहस्य उजागर करना।
जब खुलती है कली,
उसमें छिपी चेतना कहती है—
“जीवन क्षणिक है, पर सार अनंत।”
मधुर सुगंध बाहर बिखरती है,
पर उसका स्रोत भीतर है,
जैसे आत्मा की ज्योति
शरीर के आवरण से परे प्रकाश फैलाती है।
मुरझाना, बिखरना, मिट जाना—
क्या यह अंत है?
नहीं।
फूल सिखाता है -
मृत्यु भी
केवल स्वरूप का परिवर्तन है।
बीज में छिपा उसका पुनर्जन्म
अमृतत्व की कहानी है।
फूल मंदिर के दीप जैसा है—
क्षणिक लौ, शाश्वत अनुभव।
देह की तरह मिटता है,
सुगंध की तरह
अनदेखी दिशा में बना रहता है।
यही है संदेश—फूल का
“रूप पर मत ठहरो,
सुगंध तलाशो।
सुगंध ही आत्मा है,
आत्मा ही अमर है।”
Good habits serve as a shield against the forces that are trying to pull you in a direction you don’t want.
“मैं भारत हूं। मेरा शरीर मानों उसकी भूमि है। मेरे दो पैर, मलबार कोरमण्डल है। मेरे-चरण, कन्याकुमारी हैं। मेरा सिर हिमालय है। गंगा और ब्रह्मपुत्र प्रचण्ड नदियां मेरे केश है। राजस्थान और गुजरात के मरूस्थल मानों मेरा हृदय है। पूर्व और पश्चिम दिशाओं में मेरी भुजाएं फैली है।”
- स्वामी रामतीर्थ
Sajjan Shakti
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥
अर्थ -
श्रेष्ठ व्यक्ति जैसा आचरण करता है, सामान्य लोग भी वैसा ही करने लगते हैं। वह जिसे आदर्श या प्रमाण मानकर प्रस्तुत करता है, समाज उसी का अनुसरण करता है।
चीन हमसे आगे कैसे?
यही h संघ
08/05/2026
“हिंन्दुत्व' ही सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का एक स्वरूप है, जिसमें धार्मिक एकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
भारतीय स्वतंत्र संग्राम के सिरमौर, महान क्रांतिकारी, हिंदुत्व विचारक, लेखक स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन्
07/05/2026
Saakha ka aanand
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